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अपील: चुनाव आयोग ने की हाईकोर्ट रिपोर्टिंग रोकने की मांग, कहा- छवि धूमिल कर रहा मीडिया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 30 Apr 2021 12:30 PM IST

सार

 चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट से मीडिया की रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की अपील की है। चुनाव आयोग का मानना है कि मीडिया कोर्ट की रिपोर्टिंग गलत तरीके से पेश कर रहा है। जिससे संवैधानिक संस्था की छवि खराब हो रही है। 

भारतीय निर्वाचन आयोग
– फोटो : ईसीआई की आधिकारिक वेबसाइट

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मद्रास हाईकोर्ट की फटकार के बाद चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध भले लगा दिया है, लेकिन चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट से मीडिया की रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की अपील की है। चुनाव आयोग के मुताबिक अदालत की मौखिक टिप्पणियों पर जिस तरह से रिपोर्टिंग की जा रही है। उससे चुनाव आयोग की छवि धूमिल हो रही है। चुनाव आयोग का कहना है कि पिछले कुछ समय से अदालत की खबरों को मीडिया में दिखाया जा रहा है। खासकर चुनाव आयोग से जुड़ी खबरें जो दिख रही हैं। उससे संवैधानिक संस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह की रिपोर्टिंग से चुनाव आयोग की छवि को धक्का लग रहा है।

विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध
बता दें कि कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए चुनाव आयोग ने 2 मई यानी मतगणना के दिन या उसके बाद विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना से बिगड़े हालात के लिए चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। 

हाईकोर्ट ने कोरोना बढ़ने के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया
गौरतलब है कि देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया था। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की लापरवाही से बंगाल में राजनीतिक दलों को चुनावी रैली और सभाएं करने का मौका मिला, जिससे कोरोना का फैलाव तेज हो गया। एक याचिका की सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी ने सख्त लहजा अपनाते हुए कहा कि इस लापरवाही के लिए क्यों नहीं चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद चुनाव आयोग ने बंगाल में बचे दो चरणों के चुनाव प्रचार के लिए वर्चुअल रैली की अनुमति दी थी, जिसमें भी बड़ी संख्या में भीड़ जुट रही थी।  

विस्तार

मद्रास हाईकोर्ट की फटकार के बाद चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध भले लगा दिया है, लेकिन चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट से मीडिया की रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की अपील की है। चुनाव आयोग के मुताबिक अदालत की मौखिक टिप्पणियों पर जिस तरह से रिपोर्टिंग की जा रही है। उससे चुनाव आयोग की छवि धूमिल हो रही है। चुनाव आयोग का कहना है कि पिछले कुछ समय से अदालत की खबरों को मीडिया में दिखाया जा रहा है। खासकर चुनाव आयोग से जुड़ी खबरें जो दिख रही हैं। उससे संवैधानिक संस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह की रिपोर्टिंग से चुनाव आयोग की छवि को धक्का लग रहा है।

विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध

बता दें कि कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए चुनाव आयोग ने 2 मई यानी मतगणना के दिन या उसके बाद विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना से बिगड़े हालात के लिए चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। 

हाईकोर्ट ने कोरोना बढ़ने के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया

गौरतलब है कि देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया था। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की लापरवाही से बंगाल में राजनीतिक दलों को चुनावी रैली और सभाएं करने का मौका मिला, जिससे कोरोना का फैलाव तेज हो गया। एक याचिका की सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी ने सख्त लहजा अपनाते हुए कहा कि इस लापरवाही के लिए क्यों नहीं चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद चुनाव आयोग ने बंगाल में बचे दो चरणों के चुनाव प्रचार के लिए वर्चुअल रैली की अनुमति दी थी, जिसमें भी बड़ी संख्या में भीड़ जुट रही थी।  

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