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अब बारी हमारी: पीजीआई को मिल गई काॅकटेल ड्रग की 200 वॉयल, 2 डीजी का 100 मरीजों पर होगा ट्रायल

रोहतक17 घंटे पहले

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  • कोरोना से जंग में 2 जीवनरक्षक दवाओं का इंतजार खत्म
  • कोरोना के फ्रंट पर महामारी से जूझ रहे जिले के लिए अच्छी खबर है

कोरोना से जान बचाने में कारगर दो दवाओं का इंतजार खत्म हो गया है। कोरोना के खिलाफ पीजीआई में भी कॉकटेल ड्रग (मोनोक्लोनल एंटीबॉडी) का इस्तेमाल होगा। पीजीआई को इस कॉकटेल ड्रग की 200 वॉयल मिली हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जब कोरोना हुआ था, तब उन्हें भी यह दवा दी गई थी। पीजीआई को मिली 200 वॉयल 400 मरीजों को दी जा सकेंगी।

फिलहाल प्लानिंग 60 वर्ष से आयु वर्ग के मरीजों को देने की है। दूसरे काेराेना के गंभीर मरीजाें के इलाज में प्रभावी साबित हाे रही ड्रग 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) दवा भी अब पीजीआई में उपलब्ध हो गई है। यूएचएस वीसी डॉ. ओपी कालरा ने बताया कि पीजीआई में 100 मरीजों पर 2 डीजी दवा का ट्रायल की मंजूरी मिली है।

जीत की तैयारी: कॉकटेल ड्रग की नई मिली खेप 400 मरीजों के लिए पर्याप्त

कॉकटेल ड्रग की स्टडी में दावा-80% रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी

कॉकटेल ड्रग (मोनोक्लोनल एंटीबॉडी) को लेकर हुई स्टडी में दावा किया गया है कि यह ड्रग लेने वाले 80% रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ी। शरीर किसी भी बीमारी से बचाव के लिए एंटीबॉडी प्रोड्यूस करता है। यह एक तरह के प्रोटीन होते हैं। किसी भी कोविड रोगी में सामान्य एंटीबॉडी संक्रमण के औसतन 14 दिनों के बाद ही विकसित होते हैं। लेकिन, कृत्रिम रूप से लैब मे बनाई मोनोक्लोनल एंटीबॉडी तुरंत काम करना शुरू कर देती है।

कासिरिविमैब और इमडेविमैब को खास तौर पर कोविड महामारी फैलाने वाले वायरस सार्स-सीओवी-2 के स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ कार्य करने के लिए तैयार किया गया है। ये वायरस के अटैचमेंट और उसके बाद मानव कोशिकाओं में प्रवेश को ब्लॉक कर देती है।

देश में सबसे पहले हमारे बुजुर्ग को मिली थी डोज

पल्मोनरी क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. ध्रुव चौधरी के अनुसार हाल ही में भारत में पहली बार हरियाणा के 84 वर्षीय मोहब्बत सिंह को नामचीन फार्मा कंपनी की एंटीबॉडी कॉकटेल ड्रग दिया गया था। कॉकटेल ड्रग देने के एक दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

2 डीजी दवा की नई खेप खरीदने के लिए पीजीआई ने सरकार के पास डिमांड भेजी

काेराेना संक्रमित गंभीर मरीजाें के इलाज में प्रभावी साबित हाे रही ड्रग 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) दवा अब पीजीआई में भर्ती कोविड मरीजों को दी जाएगी। यूएचएस वीसी डॉ. ओपी कालरा ने बताया कि पीजीआई में 100 मरीजों पर 2 डीजी दवा का ट्रायल करने की प्लानिंग को मंजूरी मिली है। 100 मरीजों को दवा की डोज देने के अनुसार सरकार के पास डिमांड भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही संस्थान में 2-डीजी दवा उपलब्ध हो जाएगी।

वेंटिलेटर व हाई फ्लो ऑक्सीजन पर जूझ रहे मरीजों पर भी होगा ट्रायल

पीजीआई में वर्तमान में कोरोना पीड़ित गंभीर मरीज हाई फ्लो ऑक्सीजन और वेंटीलेटर सपोर्ट सिस्टम पर उपचाराधीन हैं। ऐसे मरीजों को भी 2 डीजी दवा देकर ट्रायल कर सकेंगे। कोरोना की तीसरी लहर यदि आती है तो उसमें भी मरीजों को 2 डीजी दवा दी जाएगी।

2 डीजी दवा के अभी तक हुए ट्रायल के रिजल्टस बताते हैं कि ये दवा कोरोना संक्रमित मरीजों में संक्रमण को बढ़ने से रोकते हुए बीमारी से रिकवर करने में मददगार साबित हुई है और मरीज का ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है। 2 डीजी दवा पाउडर के रूप में मिलती है। इसे पानी में घोलकर मरीज को पिलाना होता है।

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हरियाणा | दैनिक भास्कर

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