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अरपा भैंसाझार: 9 साल बाद भी नहरें अधूरी, सिंचाई के आधार पर अफसरों ने दिए 300 करोड़

बिलासपुर5 मिनट पहलेलेखक: संजय मिश्रा

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सैदा गांव में मुख्य नहर से खेतों की ओर गई ये नहर अब तक अधूरी पड़ी हुई है।

  • नहरों की जगह बंजर जमीन, इस बार भी खेतों को नहीं मिलेगा पानी

अरपा भैंसाझार प्रोजेक्ट के 9 साल बाद भी नहरें अधूरी हैं और किसानों को सिंचाई का फायदा नहीं मिल रहा है। नहरों से 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई के एवज में ठेकेदार को 300 करोड़ का भुगतान होना था। सिंचाई आधी भी नहीं हुई और भुगतान पूरा कर दिया गया। इधर किसान नहरों से सिंचाई का फायदा नही मिलने से परेशान हैं। सैदा गांव में मौके पर जाकर दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल की तो नहरों के आगे खाली जमीन नजर आई।

सैदा गांव में अरपा भैंसाझार प्रोजेक्ट की नहरों का काम पूरा नहीं हुआ है। मुख्य मार्ग तक की नहरें तो बनी हुई है लेकिन गांव के खेतों से अंदर जाने पर हकीकत मालूम चलती है। यहां 500 मीटर नहर का काम पूरा नहीं हुआ है। नहरों की जगह केवल खाली जमीन नजर आ रही है। यहां के निवासी अभाष भास्कर ने बताया कि नहरें नहीं बनने से किसानों को सिंचाई का फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह राजेश्वर सूर्यवंशी ने कहा कि सिंचाई का फायदा नहीं मिलने से हम लोग निराश हैं। गांव के लोगों की जमीन प्रोजेक्ट के लिए ले ली गई लेकिन नहरें अब तक नहीं बनी है। इसी तरह देवचरण भास्कर ने कहा कि अफसरों की उदासीनता की वजह से ही नहरों का काम पूरा नहीं हो पाया है।

25 हजार हेक्टेयर पर सिंचाई के बाद होना था पूरा भुगतान

ठेकेदार को भुगतान पर अफसरों की चुप्पी
प्रोजेक्ट में ठेकेदार से सिंचाई के आधार पर अनुबंध हुआ है जिससे 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई के बाद ही उसे पूरा भुगतान होना था लेकिन वर्तमान में उसे 300 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। इस मामले में पहले एसडीओ शंकर द्विवेदी, कार्यपालन अभियंता अशोक तिवारी और फिर चीफ इंजीनियर एके सोमावार से बात की गई लेकिन इन सभी अफसरों ने ठेकेदार को अब तक किए गए भुगतान के बारे में जानकारी नहीं दी। ठेकेदार सुनील अग्रवाल ने जरूर इस बात की पुष्टि की है कि 300 करोड़ के आसपास भुगतान हो चुका है।

इधर 90 फीसदी काम पूरा होने का दावा
जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता अशोक तिवारी के अनुसार योजना का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। सैदा गांव में जिस जगह की बात की जा रही है वहां विवाद की वजह से मामला न्यायालय में चल रहा है। इस वजह से नहरें नहीं बनी है।

प्रोजेक्ट पूरा होने से 92 गांवों को फायदा
प्रोजेक्ट के पूरा होने पर तीन ब्लाक के 92 गांवों को सिंचाई का फायदा मिलता। इसमें कोटा ब्लॉक के 1, तखतपुर ब्लॉक के 64 और बिल्हा ब्लॉक के 27 गांवों को सिंचाई का फायदा मिलता। कोटा ब्लॉक के 219 हेक्टेयर, तखतपुर के 17526 हेक्टेयर और बिल्हा के 7255 हेक्टेयर खेतों को सिंचाई का फायदा मिलता। इस तरह कुल 96930 किसानों को योजना का लाभ देने का दावा किया गया है । बिल्हा ब्लॉक के अधिकांश क्षेत्र बिलासपुर शहर के आसपास के है।

सीधी बात; अशोक तिवारी, कार्यपालन अभियंता, कोटा जल संसाधन विभाग

भैंसाझार प्रोजेक्ट का कितना काम बाकी है?
-तकरीबन हो गया है कुछ जगहों में विवाद की वजह से नहर का काम बाकी है।

हम मौके पर गए थे वहां नहरें पूरी नहीं बनी क्यों?
– सैदा में ज्यादातर वकील हैं जिन्होंने कोर्ट में आवेदन लगाया है। इस वजह से काम पेंडिंग है।

काम पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार को भुगतान क्यों कर दिया गया?
– यह जानकारी फोन पर नहीं दी जा सकती है न ही समझाई जा सकती है।

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छत्तीसगढ़ | दैनिक भास्कर

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