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आयुर्वेद – एलोपैथ फिर आएं आमने सामने: जलनेति के ब्लैक फंगस ठीक करने के दावे पर एम्स डायरेक्टर ने उठाएं सवाल

लखनऊ9 घंटे पहले

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लखनऊ के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में जलनेति के सहारे म्यूकरमाइकोसिस के मरीज को ठीक करने के दावे पर एलोपैथी के विशेषज्ञों ने सवाल खड़े किया है।बड़े अंग्रेज़ी चिकित्सकों ने एक सिरे से इसे नकारते हुए ऐसा असंभव होने की बात कही है।रायबरेली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक ने भी इसे मानने से इंकार कर दिया।उनके अनुसार इसका उपचार सिर्फ एन्टी फंगल ड्रग या सर्जरी से किया जा सकता है।वो भी समय रहते नही तो यह जान लेवा साबित होगा।

लखनऊ के टूड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज ने जलनेति से ब्लैक फंगस पीड़ित मरीज का सफल इलाज का दावा किया था।राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के डॉ. संजीव रस्तोगी के अनुसार आलमनगर निवासी आरडी वर्मा की जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि के बाद इलाज के लिए राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज पहुंचे थे।मरीज लगभग 12 सालों से डायबिटीज की चपेट में रहे हैं।ब्लैक फंगस की आशंका में मरीज की एमआरआई जांच कराई।

जांच में फंगस की पुष्टि हुई।तब परिवारीजन मरीज को लेकर आयुर्वेदिक कॉलेज में काय चिकित्सा विभाग पहुंचे।और जलनेति से ही इलाज शुरू किया गया।उन्हें जलनेति की दिन में दो बार नमक के गुनगुने पानी से करने को कहा।इस दौरान परिवारीजनों ने मरीज को केजीएमयू के ईएनटी विभाग में भी दिखाया।

यहां डॉक्टर ने चार दिन बाद ऑपरेशन की तारीख दी।दावा है कि आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संजीव की सलाह पर जलनेति करने से तीन दिन में मरीज नाक, आंख के नीचे की सूजन व सिर दर्द पूरी तरह से खत्म हो गया।डॉ. संजीव का दावा है कि मरीज की दोबारा नाक की जांच कराई गई। जिसमें फंगस नहीं मिला।अब इसे केस स्टडी के रूप में अन्तरराष्ट्रीय जनरल में प्रकाशन के लिए भेजा गया है।हालांकि इन सभी दावों पर मेडिकल साइंस के चिकित्सकों ने सवाल खड़े किए है।वही आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने इसे बड़ी सफलता करार दिया।उनके अनुसार अब यह सिद्ध हो गया कि ब्लैक फंगस का आयुर्वेद में भी सफल इलाज संभव है।

मेडिकल साइंस के विशेषज्ञ खड़े कर रहे सवाल –

रायबरेली एम्स के डायरेक्टर डॉ अरविंद राजवंशी के अनुसार ऐसा संभव नहीं लगता है कि म्यूकरमाइकोसिस का इलाज बिना सर्जरी या एंटीफंगल ड्रग्स बगैर उपयोग के संभव हो।म्यूकरमाइकोसिस में फंगस ब्लड सेल्स के अंदर पहुंच बना लेता है इसीलिए ज्यादातर केस में सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

डॉक्टर राजवंशी कहते हैं कि उन्हें जलनेति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है पर आंख व नाक में ड्राप के जरिए इसका इलाज संभव नही है।यही कारण है एम्फोटेरिन जैसी टॉक्सिक एन्टी फंगल ड्रग से इससे निजात दिलाई जाती है।उन्होंने इस प्रक्रिया को समझ से परे करार देते हुए ब्लैक फंगस के मरीजों को तत्काल मेडिकल चिकित्सक की निगरानी में इलाज कराएं जाने पर बल दिया।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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