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ऐसे कैसे हारेगा कोरोना: कोरोना की दूसरी लहर के बावजदू लगातार सुस्त पड़ रही है वैक्सीनेशन की रफ्तार, मई में अभी तक 1400 ने ही लगवाया टीका

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चित्तौड़गढ़2 मिनट पहले

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चित्तौड़गढ़। एक टीकाकरण केंद्र �

सरकार व प्रशासन भले ही वैक्सीनेशन पर जोर दे रही है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार सुस्त पड़ी है। आश्चर्य की बात है कि मंगलवार को 1500 लोगों ने भी वेक्सीन नहीं लगवाई। जिले में कोविड-19 संक्रमण के मामले हर दिन एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। फिर भी वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। रोजाना के आधार पर मई के पहले हफ्ते में वैक्सीनेशन में दिख रही है।

लगातार घट रही है वैक्सीनेशन की संख्या

वैक्सीनेशन जब शुरू किया गया था तब हेल्थ वर्कर्स पुलिस सहित सभी फ्रंटलाइनर को वैक्सीन लगाया गया। उन दिनों में जिले में 10 से 13 हजार तक वैक्सीन लगाए गए लेकिन धीरे-धीरे आंकड़ा कम होता गया। गत माह के शुरुआती दिनों में भी 8 से 9 हजार वेक्सीन का टीका लगवाया गया, लेकिन मई के पहले हफ्ते में यह मात्र 14 सौ तक ही रह गया है।

मंगलवार को 48 सेन्टरों में 9600 का टारगेट रखा गया था, लेकिन वेक्सीन की प्रति लोगों की उदासीनता देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में यह टारगेट भी कम कर दिया। बुधवार को 47 सेंटरों में केवल 4700 का टारगेट रखा गया। इसका मुख्य कारण यह है कि मंगलवार को 48 सेन्टरों में केवल 1416 लोगो ने टीकाकरण करवाया और ये आज तक सबसे कम आंकड़ा है।

संक्रमण फैलने का डर और वैक्सीनेशन को लेकर हिचक

पिछले एक हफ्ते में वैक्सीनेशन में आई सुस्ती से यह साबित हो रहा है कि लोगों में वैक्सीन को लेकर अभी भी डर और आशंका बनी हुए हैं। दूसरी ओर, कोविड की दूसरी लहर जिस तरह से फैल रही है उसे लेकर लोगों में संक्रमण को लेकर और ज्यादा डर है। इस वजह से भी लोग वैक्सीनेशन के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

अहम है वैक्सीनेशन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी खंड चित्तौड़गढ़ हरीश उपाध्याय ने बताया कि वैक्सीनेशन बेहद अहम है और इससे मृत्यु दर को रोकने में मदद मिलती है। इससे मरीजों में लक्षणों की गंभीरता भी कम होती है। उन्होंने बताया कि कम वैक्सीन लगने की एक वजह यह भी है कि राज्यों में वैक्सीन की सप्लाई कम रही है। हालांकि, जिले में अभी वेक्सीन उपलब्ध है फिर भी लोग कर्फ्यू के चलते नहीं निकल रहे हैं।

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