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ऑक्सीजन का संकट : हाईकोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार, कहा- आप आंखें मूंद सकते हैं, लेकिन हम नहीं

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Tue, 04 May 2021 04:12 PM IST

सार

दिल्ली हाईकोर्ट में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर आज भी सुनवाई जारी है। कोर्ट ने एक बार फिर ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आप आंखें मूंद सकते हैं, लेकिन हम नहीं। 

दिल्ली हाईकोर्ट
– फोटो : एएनआई

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दिल्ली हाईकोर्ट में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर आज भी सुनवाई जारी है। कोर्ट ने एक बार फिर ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आप आंखें मूंद सकते हैं, लेकिन हम नहीं। 
 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से कहा कि आज पूरा देश ऑक्सीजन के लिए रो रहा है। अगर आप से ऑक्सीजन आपूर्ति का सही प्रबंधन नहीं हो रहा है तो आप आईआईटी और आईआईएम को क्यों नहीं जिम्मेदारी सौंपते हैं। अगर आप ऑक्सीजन टैंकरों का प्रबंधन आईआईटी या आईआईएम को सौंपते हैं तो आप से ज्यादा बेहतर काम करेंगे।
 

हाईकोर्ट ने केंद्र को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आपको 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति दिल्ली को करने के लिए कहा है। यदि आप आपूर्ति नहीं करते हैं तो यह कोर्ट की अवमानना होगी। अब, यह आपका काम है। टैंकर उपलब्ध हैं, लेकिन आप यह काम करने को तैयार ही नहीं हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि अगर महाराष्ट्र में इस वक्त ऑक्सीजन की खपत कम है, तो वहां के कुछ टैंकर दिल्ली भेजे जा सकते हैं। 

एमिकस क्यूरी राजशेखर राव ने कोर्ट से कहा कि शहर के लोगों को यह बताना होगा कि वे घरों में सिलेंडर नहीं रख सकते हैं। साथ ही हमें अपील करनी होगी कि वे सिलेंडर की जमाखोरी न करें। हाईकोर्ट ने एक बैंक बनाने का सुझाव दिया, जिसमें लोग स्वेच्छा से सिलेंडर जमा कर देंगे। 

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर आज भी सुनवाई जारी है। कोर्ट ने एक बार फिर ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आप आंखें मूंद सकते हैं, लेकिन हम नहीं। 

 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से कहा कि आज पूरा देश ऑक्सीजन के लिए रो रहा है। अगर आप से ऑक्सीजन आपूर्ति का सही प्रबंधन नहीं हो रहा है तो आप आईआईटी और आईआईएम को क्यों नहीं जिम्मेदारी सौंपते हैं। अगर आप ऑक्सीजन टैंकरों का प्रबंधन आईआईटी या आईआईएम को सौंपते हैं तो आप से ज्यादा बेहतर काम करेंगे।

 

हाईकोर्ट ने केंद्र को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आपको 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति दिल्ली को करने के लिए कहा है। यदि आप आपूर्ति नहीं करते हैं तो यह कोर्ट की अवमानना होगी। अब, यह आपका काम है। टैंकर उपलब्ध हैं, लेकिन आप यह काम करने को तैयार ही नहीं हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि अगर महाराष्ट्र में इस वक्त ऑक्सीजन की खपत कम है, तो वहां के कुछ टैंकर दिल्ली भेजे जा सकते हैं। 

एमिकस क्यूरी राजशेखर राव ने कोर्ट से कहा कि शहर के लोगों को यह बताना होगा कि वे घरों में सिलेंडर नहीं रख सकते हैं। साथ ही हमें अपील करनी होगी कि वे सिलेंडर की जमाखोरी न करें। हाईकोर्ट ने एक बैंक बनाने का सुझाव दिया, जिसमें लोग स्वेच्छा से सिलेंडर जमा कर देंगे। 

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