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ऑनलाइन ठगी: साइबर फ्राॅड के बाद आरोपी विदेशी बैंकों में जमा करा देते थे पैसा, हवाला के जरिए वापस आता था

अम्बालाकुछ ही क्षण पहले

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  • फ्रॉड करने वाले युवक व युवतियाें को एक लाख के फ्रॉड पर दिया जाता था 10 हजार इनसेंटिव

साइबर फ्राॅड करने के बाद आरोपी फ्राॅड का पैसा विदेशी बैंकों में ट्रांसफर कर देते थे। इसके बाद हवाला के जरिये पैसा मंगवाते थे। गिरोह का असल मास्टरमाइंड चंडीगढ़ का एक शख्स है। यह खुलासा घूंघट मैरिज पैलेस से साइबर फ्राॅड का पर्दाफाश करने के बाद 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिए आरोपियों ने एसटीएफ को पूछताछ के दौरान बताया। रिमांड खत्म होने के बाद आरोपियों को शनिवार को अम्बाला की कोर्ट में पेश किया जाएगा।

नए युवक को 15 हजार व पुराने को 40 हजार सैलरी

एसटीएफ ने बताया कि गिरोह में काम कर रहे युवक व युवतियों का बंदोबस्त गुरुग्राम का राहुल करता था। यह आरोपी साइबर फ्रॉड करने के लिए युवक व युवतियों को सैलरी पर रखता था। नए युवकों को 15 हजार सैलरी दी जाती थी व पुराने को 40 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। नए युवकों को फ्रॉड करने के लिए 3 दिन तक एक स्क्रिप्ट लिखकर दी जाती थी, ताकि वह उसे पूरी तरह से अपने दिमाग में बैठा लें। इस स्क्रिप्ट में लोगों से बात करने का हुनर व कैसे फंसना है, यह सिखाया जाता था।

2 लाख का फ्राॅड करने पर 25 हजार रुपए इनसेंटिव

लोगों से ऑनलाइन फ्रॉड करने के लिए गिरोह के मास्टरमाइंड अपने पास काम करने वाली युवतियों व युवकों को मोटा इनसेंटिव भी देते थे। एक लाख का फ्रॉड करने पर 10 हजार व 2 लाख का फ्रॉड करने पर 25 हजार रुपए दिए जाते थे। जिसके चलते लालच में युवक व युवतियां इनसे जुड़े रहते थे।

बड़ी कंपनियों के कुछ कर्मचारी उपलब्ध कराते थे डाटा

एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया ऑनलाइन शॉपिंग का काम करने वाली कई बड़ी कंपनियों के कर्मचारी इस गिरोह से मिले हुए हैं। यह कर्मचारी कस्टमर का डाटा इस गिरोह को उपलब्ध कराते हैं। जिसके बाद ठगी का पूरा खेल शुरू होता है। कस्टमर का डाटा मिलने पर यह आरोपी उसके पास ईमेल, वाट्सएप व मैसेज भेजते हैं। जिसमें वायरस होता है। प्ले करते ही कॉल इनके पास डायवर्ड हो जाती है। इसके बाद झांसा देकर यह लोगों से फ्रॉड करते हैं।

200 कंप्यूटर व 10 लैपटॉप की जांच 3 लैब से करवाने की तैयारी

एसटीएफ ने अम्बाला के घूंघट मैरिज पैलेस से करीब 200 कंप्यूटर व 10 लैपटॉप बरामद किए थे। इनकी जांच अब साइबर लैब से करवाई जाएगी। इसके लिए मधुबन लैब, गुरुग्राम लैब व चंडीगढ़ लैब का चयन किया जा सकता है। लैब से पता चल सकेगा कि कितने लोगों से फ्रॉड हो चुका है।

ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह के 9 सदस्यों को 3 दिन के रिमांड पर लिया है। कुछ आरोपी अभी फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है।
सतीश देशवाल, एसटीएफ इंस्पेक्टर

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