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कमीशन रेट का विरोध: एप स्टोर के मामले में एपल, गूगल के एकाधिकार और 30% कमीशन को गेमिंग कंपनी एपिक ने अदालत में दी चुनौती

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कुछ ही क्षण पहले

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एपिक के सीईओ टिम स्वीनी

  • एपिक के सीईओ को एप पर होने वाली खरीद के लिए मोटा कमीशन देना अखर रहा था

जैक निकस और एरिन ग्रिफिथ| कैलिफोर्नियाएपल और गूगल दुनिया की दो सबसे बड़ी टेक कंपनियां अपने एप स्टोर पर चलने वाले एप्लिकेशन से 30 फीसदी तक कमीशन वसूल करती हैं। इस कमीशन रेट को लेकर दुनिया की अधिकांश एप कंपनियां परेशान हैं। लेकिन, इन कंपनियों के एकाधिकार के चलते कोई आवाज बुलंद नहीं कर पाता।

एपल और गूगल के इस एकाधिकार को गेमिंग कंपनी एपिक ने अदालत में चुनौती दी है। एपिक गेम्स दुनियाभर में लोकप्रिय गेम फोर्टनाइट की निर्माता है। एपिक कंपनी के सीईओ टिम स्वीनी को एपल को अपने गेम और एप पर होने वाली खरीद के लिए 30 फीसदी कमीशन देना अखर रहा था।

बहरहाल ओकलैंड कैलिफ की संघीय अदालत में इस मामले की सुनवाई होनी है। जानकारों का कहना है कि यह सुनवाई तीन सप्ताह तक चल सकती है। यदि एपिक की जीत होती है तो यह 100 अरब डॉलर (7.38 लाख रुपए) के ऐप मार्केट के अर्थशास्त्र पर काफी गहर असर करेगी। इसके बाद लाखों कंपनियों और डेवलपर के लिए एपल को एप से हुई बिक्री पर 30 फीसदी कमीशन नहीं देने का रास्ता खुल जाएगा।

हालांकि लोगों का कहना है कि इस मामले में एपल की स्थिति मजबूत है। एपल की तुलना में एपिक काफी छोटी कंपनी तो है ही अदालतें आमतौर पर एंटीट्रस्ट के मामलों में बचाव पक्ष से सहानुभूति रखती हैं, क्योंकि कंपनी के पास अधिकार होता है कि वे किसके साथ व्यापार करना चाहते हैं या नहीं।

एपल के वकीलों का कहना है कि आईफोन के पास उपभोक्ताओं तक पहुंचने का एक ही रास्ता है और एपल की फीस इंडस्ट्री के मानकों के अनुरूप ही है। लेकिन एपिक के वकीलो का तर्क है कि एपल अपने एकाधिकार का दुरुपयोग कर रही है। फोर्टनाइट एपिक के 30 साल के बिजनेस में कंपनी का सबसे लोकप्रिय गेम है। एपिक कंपनी इसे माइक्रोसॉफ्ट, सोनी ग्रुप और निनटेंडो जैसे गेमिंग कंसोल पर भी चलाती है।

एपिक के सीईओ स्वीनी के खास ऑफर से शुरू हुई थी लड़ाई

एपिक के सीईओ टिम स्वीनी ने पिछले साल अपने सब्स्क्राइबर को ऑफर किया कि यदि वे एपल के पेमेंट सिस्टम के बाहर से खरीदारी करेंगे तो उन्हें डिस्काउंट दिया जाएगा। इस बदलाव की वजह से एपल की दुनिया के सबसे लोकप्रिय गेम फोर्टनाइट से कमाई कम हो गई और कुछ ही घंटों में एपल ने एप स्टोर से इस गेम को बाहर कर दिया।

स्वीनी इस मामले को लेकर अदालत ले गए। मामला मीडिया में भी उछला। लोगों ने हैशटैग फ्री फोर्टनाइट और एपल के जाने पहचाने 1984 विज्ञापन की पैरोडी सामने आई जिसमें सीईओ टिम कुक को इविल कॉर्पोरेट के रूप में दर्शाया गया।

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