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कालाबाजारी की शंका: संचालक बोले- अनिल विज के दाेस्त की बेटी भी यहां एडमिट, ऑक्सीजन बिना काेई मरा ताे प्रशासन जिम्मेदार

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पानीपत18 घंटे पहले

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  • पर दा मैड सिटी अस्पताल गई स्वास्थ्य विभाग टीम पर ऑक्सीजन बंद करने का आराेप

बरसत राेड स्थित दा मैड सिटी अस्पताल में ऑक्सीजन की कालाबाजारी की आशंका पर स्वास्थ्य विभाग की टीम चैकिंग के लिए पहुंची। जहां उन्हाेंने अस्पताल के डाॅक्टराें से ऑक्सीजन कहां से आती है और एंट्री रजिस्ट्रर के रिकाॅर्ड के बारे में पूछा। अस्पताल प्रबंधकाें ने टीम पर ही आराेप लगाया है कि उन्हाेंने मरीजाें पर लगी ऑक्सीजन ही बंद कर दी। मरीजाें के परिजनाें ने हंगामा किया ताे टीम वहां से निकल गई।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिविल सर्जन डाॅ. संजीव ग्राेवर काे रिपाेर्ट साैंपी है। उन्हाेंने भी कहा है कि अस्पताल के डाॅक्टराें ने उनके साथ बदतमीजी की है। अस्पताल प्रबंधकाें का भी यही कहना है कि टीम ने उनके साथ बदसूलकी की है।

अस्पताल के प्रबंधक डाॅ. प्रवीन ने बताया कि अस्पताल में मंत्री अनिल विज की दाेेस्त की बेटी एडमिट है, उनकाे कहने के बाद ही गत दिन बुधवार काे प्रशासन ने 10 ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाए थे, लेकिन अगले ही दिन यानी गुरुवार काे टीम ऑक्सीजन की कालाबाजारी का आराेप लगा रही है जो निराधार है। टीम ऑक्सीजन सप्लाई बंद करके चली गई।

सीएमओ ने कहा- चेकिंग करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल के डाॅक्टराें ने की बदतमीजी

कुल 30 सिलेंडर, 12 भरे थे, एक भी नहीं दिया

डाॅ. प्रवीन ने बताया कि टीम ने सिलेंडराें की जानकारी मांगी। उनकाे बताया गया कि कुल 30 सिलेंडर हैं, 12 भरे हैं 18 खाली हैं। गुरुवार काे विभाग ने काेई ऑक्सीजन सिलेंडर उनकाे नहीं दिया। उनके पास 15 मरीज एडमिट हैं। अगर वाे ऑक्सीजन की कमी से मरे ताे उनका जिम्मेदार प्रशासन ही हाेगा। शुक्रवार काे डीसी या मंत्री से मिलेंगे।

ऑक्सीजन बंद करने के आराेप झूठे हैं

सिविल सर्जन डाॅ. संजीव ग्राेवर ने बताया कि टीम के साथ अस्पताल के डाॅक्टराें ने बदतमीजी की है। टीम जबकि चैंकिंग के लिए गई थी। ऑक्सीजन बंद करने के आराेप झूठे हैं। रिपाेर्ट फाइनल कर ली गई है। डीसी काे इस बारे में अवगत करा दिया है।

पैनिक न फैले- तीन डाॅक्टराें की बनाई टीम

जिला प्रशासन ने लाेगाें में पैनिक न फैले इसके लिए सिविल अस्पताल के तीन डाॅक्टराें की ड्यूटी लगाई है। जो लोगों को कोरोना को लेकर दवाइयों के बारे सलाह देंगे। इसके लिए इनसे संपर्क कर सकते हैं।

डॉक्टर का नाम माेबाइल नंबर
डॉ. ललित वर्मा: 98125-87799
डॉ. वीरेंद्र ढांडा: 92547-39000
डॉ. भूपेश चौधरी: 94163-68757

नाेट : पार्क और प्रेम अस्पताल काे इमरजेंसी में ही ऑक्सीजन सिलेंडर मिलते हैं, क्याेंकि उनके पास लिक्विड ऑक्सीजन है। अस्पताल उसका ही प्रयोग करता है।

बड़ा सवाल : जब अनुमति नहीं ताे काेराेना का इलाज क्याें

पानीपत में पिछले कुछ दिनाें में कई अस्पतालाें में बिना अनुमति के काेराेना का इलाज हाे रहा है। उन अस्पतालाें का नाम न ताे पाेर्टल वाली सूची में और न ही विभाग के पास है। गजब बात ये है सिविल सर्जन डाॅ. संजीव ग्राेवर भी खुद कह रहे हैं कि कई अस्पताल बिना अनुमति के काेराेना मरीजाें काे रख रहे हैं। ये भी कह रहे हैं कि इनके खिलाफ कमेटी कार्रवाई करेगी, लेकिन कब करेगी इसका कोई जवाब नहीं?

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