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कोरोना आपातकाल में भी धोखाधड़ी जारी: कोरोना की फर्जी रिपोर्ट देने वाला रैकेट बेनकाब; डॉक्टर, दो लैब टैक्नीशियन समेत पांच लोग गिरफ्तार

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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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पुलिस हिरासत में पकड़े गए आरोपी। आरोपियों से अभी मामले को लेकर पूछताछ चल रही है।

दिल्ली में कोरोना संकट के बीच लोगों को फर्जी टेस्ट रिपोर्ट दी जा रही है। जो लोग इस संक्रमण की चपेट में आए भी नहीं उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव बताई गई। साउथ दिल्ली में ऐसे ही एक रैकेट में शामिल पांच लोगों को पुलिस ने अरेस्ट किया है, जिनमें दो लैब टैक्नीशियन, एक डॉक्टर भी शामिल है।

आरोपियों की पहचान चिराग दिल्ली निवासी प्रज्ञानंद उर्फ निहाल (24), सुभाष मार्केट कोटला मुबारक पुर निवासी हिमांशु शर्मा (24), मालवीय नगर निवासी डॉ मनीष कुमार सिंह (32), साकेत निवासी सतेन्द्र (26) व निखिल (22) के तौर पर हुई। ये लोग एक लैब के फर्जी लेटर हेड पर रिपोर्ट का प्रिंट निकाल लोगों को देते थे।

DCP साउथ डिस्ट्रिक अतुल कुमार ठाकुर ने बताया 29 अप्रैल की रात मालवीय नगर थाना पुलिस को इस मामले को लेकर सूचना मिली। पुलिस को बताया गया गेनेस्ट्रिंग्स लैब यहां कुछ लैब वाले फर्जी कोविड रिपोर्ट बनाकर दे रहे हैं। पुलिस खिड़की गांव निवासी शिकायतकर्ता विपुल सैनी के पास पहुंची, जिसने बताया इस साल अप्रैल में उस समेत 45 रिश्तेदारों ने कोविड टेस्ट कराया था। टेस्ट का सैंपल उन्होंने हिमांशु और पंज्ञानंद शर्मा को दिया था।

25 अप्रैल को रिषभ शुक्ला ने टेस्ट का सैंपल दिया। अगले दिन उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई। जबकि उसे किसी तरह के कोरोना से सम्बंधित कोई लक्षण नहीं थे। 28 अप्रैल को उसने स्पाइस हेल्थ लैबोटरी में फिर से टेस्ट कराया, जहां उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। यह पता चलने पर विपुल सैनी सैंपल लेने वाले हिमांशु शर्मा और प्रज्ञानंद के साथ गेनेस्ट्रिंग्स लैब में गए। यहां रिकॉर्ड चैक किया गया लेकिन वहां लैब में रिषभ शर्मा की कोई रिपोर्ट भी नहीं मिली।

ऐसे करते थे धोखाधड़ी

इस पर हिमांशु शर्मा ने बताया वह अपने कजन प्रज्ञानंद के साथ होम सैंपल लेता है, जिन्हें वे गेनेस्ट्रिंग्स लैब में काम करने वाले डॉक्टर मनीष को दे देते हैं। इसकी लैब में कोई एंट्री नहीं होती। डॉक्टर मनीष टेस्ट का रिजल्ट एक्सेल शीट के जरिए पंज्ञानंद को शेयर करता है। जिसके बाद प्रज्ञानंद गेनेस्ट्रिंग्स लैब के फर्जी लैटर पर उस टेस्ट के रिजल्ट का प्रिंट निकालता था। फर्जी लेटर डॉक्टर मनीष ने ही मुहैया करवाए थे। इस तरह से आरोपी कोविड संबंधी रिजल्ट लैब के फर्जी लैटर पर बनाकर लोगों को देकर धोखाधड़ी कर रहे थे। ऐसे टेस्ट रिपोर्ट के लैब में कोई रिकॉर्ड की एंट्री भी नहीं की जाती थी। यह पता चलने पर मालवीय नगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

स्थानीय थानाध्यक्ष युद्धबीर सिंह की टीम ने छापेमारी कर सभी पांच आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपी हिमांशु और प्रज्ञानंद लैब टैक्नीशियन है, जो घर घर से कोविड टेस्ट के सैंपल उठाते थे। ये सैंपल वे डॉक्टर मनीष को दे देते थे। इसके बाद डॉक्टर मनीश अपने सहयोगियों सतेन्द्र और निखिल के साथ मिलकर रिपोर्ट फोन पर ही हिमांशु और प्रज्ञानंद को भेज देते। इसके बाद लैब के फर्जी लेटर हेड पर फर्जी रिपोर्ट का प्रिंट निकाल लोगों को दे दिया जाता था। आरोपियों से अभी मामले को लेकर पूछताछ चल रही है।

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