Breaking News

कोरोना इफेक्ट: 10 महीने में ही वसीयत बनवाने वालों की संख्या हुई दोगुनी

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

चंडीगढ़2 घंटे पहलेलेखक: रवि अटवाल

  • कॉपी लिंक
  • कोरोना ने लोगों के मन में बढ़ाया मौत का खौफ, पहले साल में 700-800 वसीयतें ही रजिस्टर्ड होती थीं

कोरोना ने लोगों के जिंदगी जीने के नजरिए को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। कोरोना से देश भर में हुई मौतों के बाद बहुत सारे लोगों को इस बात की चिंता सताने लगी कि उनकी मौत के बाद प्रॉपर्टी का मालिक कौन होगा? इसलिए उम्र के आखिरी पड़ाव में जाने से पहले ही लोगों ने वसीयतें बनवानी शुरू कर दी हैं, ताकि उनके जाने के बाद उनकी प्रॉपर्टी सही हाथों में जाए और अपनों में किसी तरह का विवाद न पैदा हो।

1650 वसीयतें रजिस्टर हुई 10 महीने में

  • 160 औसतन वसीयतें रजिस्टर हुई एक महीने में
  • 70% 60 साल के ऊपर वालों ने बनवाई वसीयत
  • 30%लोग 50 से ज्यादा उम्र के बनवा रहे हैं वसीयत
  • 40 की उम्र के लोग भी बनवा रहे हैं वसीयतें

कोविड काल की वजह से चंडीगढ़ में वसीयत बनवाने वालों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। चंडीगढ़ में जहां हर साल 700 से 800 विल (वसीयत) रजिस्टर्ड होती थीं, वहीं, पिछले 10 महीनों में यह आंकड़ा 1600 से पार जा चुका है। 2019-20 के वित्तीय वर्ष में 800 लोगों ने अपनी प्रॉपर्टी की वसीयत रजिस्टर्ड करवाई थी, लेकिन अब मई 2020 से मार्च 2021 तक ही 1650 से ज्यादा लोग वसीयत रजिस्टर्ड करवा चुके हैं।

वसीयत बनवाने वाले वकीलों का कहना है कि ये आंकड़ा तो रजिस्टर्ड विल का है, जबकि अन-रजिस्टर्ड विल तो और भी अधिक होंगी।

रजिस्टर्ड और अन-रजिस्टर्ड वसीयत में फर्क

एडवोकेट रजनीश कश्यप ने बताया कि आमतौर पर लोग अपनी प्रॉपर्टी की वसीयत रजिस्टर करवा लेते हैं, ताकि बाद में कोई विवाद न पैदा हो। वहीं, अन-रजिस्टर्ड वसीयत लोग खुद ही अपने हाथ से लिखकर दो गवाहों के साइन करवाकर अपने पास रख लेते हैं। लेकिन अन-रजिस्टर्ड वसीयतों को आमतौर पर कोर्ट में चैलेंज कर दिया जाता है, इसलिए इसका चलन चंडीगढ़ में कम है। रजिस्टर्ड विल भी कोर्ट में चैलेंज हो जाती है, लेकिन उसकी अहमियत ज्यादा मानी जाती है।

प्रॉपर्टी कहीं भी हो, वसीयत अपने शहर में रजिस्टर्ड करवाएं

एडवोकेट बीएस सैणी का कहना है कि चंडीगढ़ में ज्यादातर लोगों के पास शहर से बाहर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में प्रॉपर्टी है। लोग उन राज्यों की अपनी प्रॉपर्टी को चंडीगढ़ में भी रजिस्टर्ड करवा सकते हैं। जिस शहर में लोग रहते हैं, वहां का रेजिडेंस प्रूफ लगाकर लोग अपनी देश में किसी भी जगह प्रॉपर्टी हो, उसकी वसीयत बनवा सकते हैं।

खबरें और भी हैं…

चंडीगढ़ | दैनिक भास्कर

About R. News World

Check Also

सूबे में नया सियासी समीकरण; हाथी मेरा साथी: विधानसभा चुनाव 2022; शिअद का 25 साल बाद बसपा से गठजोड़, 97+20 सीटों पर सहमति

जालंधर26 मिनट पहले कॉपी लिंक गठजोड़ के बाद मायावती का आया फोन बादल बोले- बहनजी! …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *