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घूसखोर पर एसीबी का शिकंजा: CMHO कार्यालय में गाड़ियों का टेंडर बिल पास करने की एवज में NHM के लेखा प्रबंधक ने मांगी घूस, 50 हजार लेते एसीबी ने ट्रेप किया

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कोटा24 मिनट पहले

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NHM के  लेखा प्रबंधक को  50 हजार ले�

एंटी करप्शन ब्यूरो कोटा का घूसखोरों के खिलाफ रंगे हाथों पकड़ अभियान लगातार जारी है। शुक्रवार को एसीबी टीम ने सीएमएचओ कार्यालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय (NHM) में लगे लेखा प्रबंधक को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया है। आरोपी लेखा प्रबंधक महेंद्र कुमार मालीवाल ने गाड़ियों के टेंडर के बिल पास करने की एवज में परिवादी से रिश्वत की मांग की थी। सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछा ट्रेप की कार्रवाई को अंजाम दिया।आरोपी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में बैठकर रिश्वत ली। फिर रिश्वत की राशि को अपनी कार में रखा। इस दौरान एसीबी ने दबोच लिया।

कार्रवाई के दौरान महेंद्र ने पूछताछ में रिश्वत की राशि सीएमएचओ डॉ भूपेंद्र सिंह तंवर के लिए लेना बताया।

कार्रवाई के दौरान महेंद्र ने पूछताछ में रिश्वत की राशि सीएमएचओ डॉ भूपेंद्र सिंह तंवर के लिए लेना बताया।

एंटी करप्शन ब्यूरो कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्र सिंह ने बताया कि परिवादी अविनाश ने शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि यस ट्रेवल के नाम से उसकी फर्म है।सीएमएचओ कार्यालय में गाड़ियां उपलब्ध कराने का टेंडर साल 2019 में हुआ था। इसके बाद जनवरी 2021 में गाड़ियां उपलब्ध कराने का टेंडर उनकी फर्म के नाम हुआ। टेंडर के तहत 4 गाड़ियां सीएमएचओ कार्यालय में चल रही थी। गाड़ियों के बिल भुगतान की एवज में सीएमएचओ डॉ भूपेंद्र सिंह तवर ने 7% कमीशन के रुपए मांग की।कमीशन के रुपये नहीं देने पर बिल का भुगतान रोकने व टेंडर कैंसिल करने की धमकी देते हैं।

सीएमएचओ उनके अधीनस्थ महेंद्र कुमार मालीवाल ( लेखा प्रबंधक) से बात करवा कर पैसों का लेनदेन करवाते हैं। इनके द्वारा पिछले 3 माह का भुगतान रोका गया था। तीनों बिल पास करने की एवज में महेंद्र मालीवाल ने 1 लाख 30 हजार रिश्वत की मांग की। रिवेस्ट करने पर महेंद्र मालीवाल ने बिल पास करवा दिए। खाते में पैसे आने के बाद से ही महेन्द मालीवाल रिश्वत की राशि लेने का दबाव बना रहा था। टेंडर कैंसिल करने की धमकी दे रहा था।

परिवादी ने चार-पांच दिन पहले ही महेंद्र को 50 हजार, फिर 30 हजार (कुल 80 हजार) की रिश्वत दी। बाकी रहे 50 हजार की रिश्वत की मांग कर रहा था। प्रत्येक 1 लाख के बिल पर 7% के हिसाब से कमीशन की मांग कर रहे है।

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन 15 अप्रैल को करवाया। रिश्वत मांग सत्यापन के दौरान आरोपी महेंद्र मालीवाल ने गाड़ी के बिल पास करने की 50 हजार बतौर रिश्वत स्वयं के लिए मांग की। एसीबी ने 50 हजार की रिश्वत लेते महेंद्र को पकड़ा।कार्रवाई के दौरान महेंद्र ने पूछताछ में रिश्वत की राशि सीएमएचओ डॉ भूपेंद्र सिंह तंवर के लिए लेना बताया। फिलहाल एसीबी की एक टीम महेन्द मालीवाल के घर के सर्च अभियान में जुटी है।

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