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जन संकल्प से हारेगा कोरोना: शुगर वाले होम आइसोलेट मरीज पहले दिन से स्टेरॉयड न लें, एक्टिव रहें; दिल के मरीज हैं तो घबराहट में एक्स्ट्रा दवाएं न शुरु कर दें

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एक घंटा पहले

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  • डायबिटीज या दिल के मरीज हैं तो घबराएं नहीं, हल्के लक्षण हैं तो आप भी सामान्य कोविड मरीजों की तरह घर पर ही ठीक हो सकते हैं
  • शुगर चेक करते रहें, क्योंकि कोरोना में फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़े हैं

कोविड को डायबिटीज और हार्ट के मरीजों के लिए ज्यादा घातक बताया जा रहा है। जबकि सतर्क रहकर ऐसे मरीज भी सामान्य मरीजों की तरह ठीक हो सकते हैं। मरीज अगर शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें तो खतरे को कम किया जा सकता है। ऐसे मरीज हल्के लक्षण होने पर घर पर ही रहकर ठीक हो सकते हैं। दरअसल, कोरोना में मरीजों को स्टेरॉयड्स दिए जा रहे हैं, जिससे शुगर बढ़ जाती है। कोशिश करें कि घर पर हैं और लक्षण हल्के हैं तो पहले दिन से ही स्टेरॉयड्स न लें। जरूरी हो तो इसे तीन दिन बाद लें। डॉक्टरी सलाह से अपनी दवाओं और इंसुलिन के डोज एडजस्ट करवाना जरूरी है। अगर आपकी शुगर अच्छे से नियंत्रित है तो कोविड से गंभीर रूप से संक्रमित होने का खतरा भी बेहद कम होगा।

डायबिटीज के मरीज: दिन में चार बार शुगर चैक करें, डाइट में प्रोटीन बढ़ाएं

  • ​​​​​​​ऑक्सीजन लेवल सही है तो आइसोलेशन में भी एक्टिव रहें। कमरे में ही दिन में दो बार 6-6 मिनट की एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइज से पहले और बाद में ऑक्सीजन लेवल चैक करें।​​​​​​​
  • दिनभर में चार बार शुगर चैक करें। सुबह खाली पेट, दोपहर भोजन के बाद , रात के भोजन के पहले और रात के भोजन के दो घंटे बाद। रीडिंग नोट करें।
  • होम आइसोलेशन में हैं और स्थिति ठीक है तो कोशिश करें पहले दिन से स्टेरॉयड्स न शुरू करें। यदि ऑक्सीजन सैचुरेशन कम हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • अपनी डाइट में प्रोटीन का इनटेक जरूर बढ़ाएं।

हार्ट के मरीज: यदि होम आइसोलेट हैं तो हल्के लक्षण में सिर्फ नियमित दवाएं लें

  • कोविड के हल्के लक्षण वाले दिल के मरीज भी घर पर रह सकते हैं।​​​​​​​
  • अपनी नियमित दवाएं समय पर जरूर लेते रहें। हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए कोविड की कोई दवा नहीं है। बिना डॉक्टरी सलाह के जबरदस्ती दवाएं न लें।
  • ऑक्सीजन सैचुरेशन चैक करते रहें। अगर ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • कई तरह की पेन किलर दवाएं दिल और किडनी के लिए घातक होती हैं। इन्हें बिना डॉक्टरी सलाह के न लें।
  • कोलेस्ट्रॉल की दवाएं जारी रखें। इसके लिए डॉक्टर से बात करें।
  • डाइट में सैचुरेटेड फैट कम करें। नमक का सेवन कम करें।

कोविड मरीजों में फंगल इंफेक्शन के कारण पड़ रहा है आंखों पर असर

म्यूकॉरमाइकोसिस एक तरह का फंगल इंफेक्शन है। यह डायबिटीज के मरीजों में कोरोना संक्रमण के बाद बढ़ रहा है। इसमें संक्रमण नाक से दांतों तक जाता है और इसका सीधा असर आंख पर पड़ता है। कई मरीजों की रोशनी चली जा रही है। यह एक तरह का पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन है। यह पहले बहुत रेयर था। लेकिन अब मामले बढ़ गए हैं। मरीज इसे लेकर सतर्क रहें।

एक्सपर्ट-

डॉ. स्कंद कुमार त्रिवेदी, सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट, भोपाल

डॉ. सुनील एम जैन, सीनियर डायबिटोलॉजिस्ट

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