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तीसरी लहर से बच्चों को बचाना होगा: बच्चों को फास्ट फूड न दें, अंकुरित अनाज और एक्सरसाइज से इम्युनिटी होगी मजबूत

बठिंडा21 घंटे पहले

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  • संक्रमण के लक्षण दिखें तो कोरोना टेस्ट करवाएं

कोरोना की दूसरी लहर से सीख लेकर राज्य सरकार व सेहत विभाग ने तीसरी संभावित लहर से निपटने को लेकर तैयारियों करने को एक्टिव हुई नजर आ रही है। तीसरी लहर को बच्चों के लिए ज्यादा घातक बताया जा रहा है। बच्चों के लिए अभी कोरोना वैक्सीन नहीं बनने से अभिभावकों की चिंता बढ़ी हुई है। इसलिए सेहत विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की इम्युनिटी को मजबूत बनाकर तीसरी लहर से निपटना आसान होगा। इसलिए बच्चों के खान-पान, फिजिकल फिटनेस, तनावमुक्त दिनचर्या और सावधानी के मानकों पर खास ध्यान रखने की जरूरत है। वहीं किसी संक्रमित के संपर्क में आने व बच्चों में संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर सबसे पहले कोरोना टेस्ट करवाएं तथा गाइडलाइन का पालन करें। वूमेन एंड चिल्ड्रन अस्पताल एसएमओ डा. सुखजिंदर सिंह गिल के अनुसार बच्चों को न फास्ट फूड दें और न ठंडा पानी पिलाएं क्योंकि इसमें कई तरह के केमिकल हाेते हैं।

ये लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर बांसल के अनुसार बच्चों काे एक दाे दिनाें तक बुखार रह रहा हो, यह बुखार तेज हो और शरीर काे कमजोर करने वाला हाे, चेहरे का रंग नीला दिखने लगे, बच्चों काे उल्टी दस्त की समस्या हाे, हाथ-पैर में सूजन आने लगी हाे। जुकाम, खांसी, बुखार, डायरिया, सांस लेने में दिक्कत, ऑक्सीजन लेवल कम होने पर डॉक्टर को दिखाएं। बच्चों को ध्यान लगाने यानी मेडिटेशन, योग और श्वसन क्रिया से जुड़ी एक्सरसाइज करवाएं।

बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न दें
बच्चों में खांसी जुकाम और पेट की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा जैसे एंटीबायोटिक, एंटीवायरल ड्रग्स, स्टेरॉइड न दें। खाने में टमाटर, खीरा, नींबू और प्याज जरूर दे।
डॉ. हरिंदर सिंह, एमडी मेडिसिन, सिविल अस्पताल, बठिंडा

ये दें बच्चों को डाइट: घर में तैयार खाना ही खिलाएं

कोरोना के समय में जितना महत्व दवा का है, उससे कहीं अधिक महत्व डाइट का है। बच्चों को घर में तैयार खाना ही खिलाएं। अंकुरित चने और मूंगफली दें। सुबह के समय रात का भिगोया 2-3 बादाम, मुनक्का, एक अखरोट और एक अंजीर आदि दें। बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचने के लिए नियमित हल्दी वाला दूध दें। हमेशा सीजनल फल और सब्जियां खिलाएं। खाने में किसी न किसी रूप में टमाटर, खीरा, नींबू और प्याज जरूर हो। गुड़, नारियल, मूंगफली, बादाम पीसकर उसका पेस्ट बनाएं और उसे परांठे में डालकर दें।

सोयाबीन, दालें, अंडे, हरी सब्जियां, फल और कैल्शियम वाले पदार्थ खिलाएं। घर के बड़े लोग कोरोना वैक्सीन लगवा लें, अभिभावक इस बात का ध्यान रखें कि बाहर से आने वाले लोगों के संपर्क में बच्चे ना आएं। बच्चों को बाजार लेकर न जाएं। अगर घर में कोई व्यक्ति बीमार है तो बच्चे को एन-95 मास्क जरूर पहनाएं। बच्चों काे पीने के लिए गुनगुना पानी ही दें, इससे संक्रमण का खतरा कम होता है। फेफड़ों काे मजबूत बनाने को गुब्बारा फुलाने को दें।

बच्चों के लिए फिजिकल एक्टिविटी बेहद जरूरी
बच्चों का इस समय बाहर खेलना व आना जाना बिल्कुल बंद हो चुका है। इसलिए ऑनलाइन क्लासों के बाद बच्चों काे फिजिकल एक्टिविटी जरूर करवाएं। इनडोर एक्टिविटी भी उन्हें सेहतमंद रखने को काफी है। घरों में अकेलापन को दूर करने को बच्चे अक्सर सोशल नेटवर्किंग से जुड़े रहते हैं जिससे बच्चे एडिक्शन का शिकार हो रहे हैं। इस दौर में बच्चों की बेहतरी के लिए परिवार के बड़े लोग उन्हें समय दें। उनके साथ खेलने के अलावा क्रिएटिव वर्क तथा योग व व्यायाम आदि करवाएं। घर से बाहर जाने पर उन्हें भीड़भाड़ वाली जगह से दूर रखें और साथ ही मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करें। बच्चों को कुछ भी नया सीखने को मोटिवेट करें, जिससे बच्चों का तनाव दूर हो। सरकार की गाइडलाइन व मास्क के बारे में बच्चों को अवेयर करेंं।

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पंजाब | दैनिक भास्कर

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