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द न्यूयॉर्क टाइम्स से विशेष अनुबंध के तहत: लंबे समय बैठकर काम करते हैं तो सतर्क हो जाएं; काम के दौरान शारीरिक श्रम का असर वर्कआउट जैसा ही, ऐसे लोग ज्यादा जीते हैं

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2 घंटे पहलेलेखक: ग्रेचेन रेनॉल्ड्स

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कार्यस्थल पर मेहनत और जीवनकाल को लेकर 4.5 लाख लोगों पर की गई सबसे बड़ी स्टडी।

जिन लोगों के काम में घूमना-फिरना, उठना-बैठना या भारी सामान उठाना शामिल है, वे लोग डेस्क पर बैठकर काम करने वालों से ज्यादा समय तक जीते हैं। करीब 4.5 लाख लोगों पर हुई ताजा स्टडी में यह दावा किया गया है। नॉर्वेजियन स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स साइंसेज ने कई संस्थानों के साथ मिलकर शारीरिक मेहनत वाली नौकरियों और सेहत पर इसके असर का गहराई से अध्ययन किया।

दावा किया जा रहा है कि जीवनशैली, कार्यस्थल पर मेहनत और जीवनकाल को लेकर यह अब तक की सबसे बड़ी स्टडी है। लैंसेट में प्रकाशित इस स्टडी में यह भी साफ किया गया है कि काम के दौरान की गई मेहनत और वर्कआउट के दौरान बहाया गया पसीना अलग-अलग नहीं है। इसलिए जब भी संभव हो, काम के दौरान भी हमें चलते-फिरते रहना चाहिए।

स्टडी के लिए नॉर्वे की स्वास्थ्य एजेंसियों से उन हजारों नागरिकों का डाटा भी लिया गया, जिन पर दशकों से स्टडी की जा रही है। इसमें उनके काम, वर्कआउट हिस्ट्री, शिक्षा और आमदनी जैसे पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारियां शामिल हैं। 4400 कदम रोज, गंभीर बीमारियों से सुरक्षा: ब्रिटेन की हर्टफोर्डशायर यूनिवर्सिटी की ताजा स्टडी में कहा गया है कि रोज 4400 कदम चलना (करीब 3.2 किमी) गंभीर बीमारियों से सुरक्षा देता है। एक्सरसाइज एक्सपर्ट डॉ. लिंडसे बॉटम के मुताबिक यह महिलाओं की सेहत के लिए भी बेहतर है।

डॉ. बॉटम कहती हैं कि इससे ज्यादा चलने से अतिरिक्त फायदे मिल सकते हैं। स्टडी में कहा गया है कि किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि डिमेंशिया, कैंसर के कुछ प्रकार के जोखिम कम करती है। साथ ही डायबिटीज की स्थिति में सुधार ला सकती है। डॉ. बॉटम कहती हैं कि काम डेस्क संबंधी है, तो छोटे-छोटे ब्रेक ले सकते हैं। कैफे जाने के बजाय दोस्तों के साथ छोटी-छोटी वॉक भी आपके दैनिक लक्ष्यों को पूरा कर सकती है।

हर छोटी एक्टिविटी मायने रखती है, भले ही कहीं पर की गई हो: विशेषज्ञ

नॉर्वेजियन स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स एंड साइंसेज के डॉ. उल्फ केलुंड के मुताबिक स्टडी से यह तो स्पष्ट हो गया है कि हर छोटी एक्टिविटी मायने रखती है। भले ही काम के दौरान या फुर्सत के समय की गई हो। घर पर या कहीं आने-जाने के दौरान हुई हो। नतीजे ये भी बताते हैं कि लंबे समय तक आरामदायक डेस्क या सोफे पर बैठना सेहत के लिए हानिकारक है।

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