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नूतन की 85वीं बर्थ एनिवर्सरी: एक्ट्रेस बनने वाली पहली मिस इंडिया थीं नूतन, ‘बंदिनी’ में प्रेग्नेंसी में किया था काम जो कि बन गई करियर की बेस्ट फिल्म

एक घंटा पहले

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‘सीमा’, ‘सुजाता’, ‘बंदिनी’, ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ जैसी फिल्मों में सशक्त अभिनय से छाप छोड़ने वाली भारतीय सिनेमा की सबसे सौम्य अभिनेत्री नूतन को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। वुमन सेंट्रिक रोल वाली फिल्में उनकी पहचान बनीं। उन्होंने एक्ट्रेसेस के महज शोपीस के तौर पर इस्तेमाल होने की परंपरा को बदला। वे ‘मिस इंडिया’ का खिताब जीतने वाली पहली एक्ट्रेस भी बनीं। सबसे ज्यादा फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड भी लंबे समय तक उनके नाम रहा।

नूतन ने 1955 में पहली ही फिल्म ‘सीमा’ में बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था।

नूतन ने 1955 में पहली ही फिल्म ‘सीमा’ में बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था।

पहली एक्ट्रेस बनीं जिन्होंने जीता ‘मिस इंडिया’ खिताब
नूतन के करियर का आगाज बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस फिल्म ‘नल दमयंती’ से हुआ। इस बीच उन्होंने ‘मिस इंडिया’ में हिस्सा लिया और जीता। इस टाइटल को पाने वालीं वे पहली एक्ट्रेस थीं। घर में फिल्मी माहौल रहने के कारण नूतन अक्सर अपनी मां के साथ शूटिंग देखने जाया करती थीं। इस वजह से उनका भी रुझान फिल्मों की ओर हो गया और वह भी अभिनेत्री बनने के ख्वाब देखने लगीं। 1950 में 14 बरस की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘हमारी बेटी’ की, जिसका निर्माण उनकी मां शोभना समर्थ ने ही किया था। बालिग होने तक नूतन ने ‘हमलोग’, ‘शीशम’, ‘परबत’ और ‘आगोश’ जैसी फिल्में कर डालीं। हालांकि इसके बाद वे लंदन चली गईं और लौटकर आईं तो ‘सीमा’ में विद्रोही नायिका का किरदार निभाकर बेस्ट एक्ट्रेस का पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता।

1978 में 42 साल की उम्र में नूतन ने फिल्म ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ के लिए सबसे ज्यादा उम्र में बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड जीता। जो अब तक एक रिकॉर्ड है।

1978 में 42 साल की उम्र में नूतन ने फिल्म ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ के लिए सबसे ज्यादा उम्र में बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड जीता। जो अब तक एक रिकॉर्ड है।

शादी के बाद भी ऑफर होते रहे हीरो के बराबर या लीड रोल
नूतन का स्टारडम ऐसा था कि जहां ये माना जाता था कि शादी के बाद एक्ट्रेस का करियर डाउन हो जाता है, वहीं नूतन को शादी के बाद भी फिल्ममेकर्स अपनी फिल्मों में कास्ट करने को तैयार रहते थे। उन्हें फिल्म में लेने से पहले वे सुनिश्चित करते थे कि फीमेल लीड की भूमिका सशक्त और हीरो के बराबरी होनी चाहिए। नूतन को पाथ ब्रेकिंग किरदार निभाने के लिए पहचाना गया। नूतन ने परदे पर साड़ी में लिपटी शांत, सरल और सुलझी हुई महिला का किरदार भी निभाया और स्क्रिप्ट की डिमांड पर बोल्ड कपड़ों में भी नजर आईं। शबाना और स्मिता पाटिल जैसी एक्ट्रेसेस भी उनसे इंस्पायर हुई। आज दिग्गज निर्देशक माने जाने वाले संजय लीला भंसाली ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने नूतन की तरह सहज और करिश्माई एक्ट्रेस नहीं देखी। वह चाहकर भी किसी से नूतन जैसी एक्टिंग नहीं करवा सकते।

5 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड पाने वाली नूतन पहली एक्ट्रेस रहीं। ये रिकॉर्ड उनके नाम तीस साल तक रहा।

5 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड पाने वाली नूतन पहली एक्ट्रेस रहीं। ये रिकॉर्ड उनके नाम तीस साल तक रहा।

प्रेग्नेंसी में किया काम, करियर की बेस्ट फिल्म बनी ‘बंदिनी’
नूतन ने अपने करियर में तमाम हिट फिल्में कीं, लेकिन उनकी चॉइस अपने जमाने की एक्ट्रेसेस से जुदा थी। वे अधिकतर वुमन सेंट्रिक फिल्मों का चयन ही करती थीं। यही कारण था कि उन्होंने ‘सीमा’, ‘सुजाता’, ‘बंदिनी’ और ‘सोने की चिड़िया’ जैसी फिल्में कीं। बता दें कि नूतन ने जब फिल्मों से ब्रेक लेने का मन बना लिया था तब बिमल रॉय उनके पास अपनी फिल्म ‘बंदिनी’ का ऑफर लेकर आए।

वे खुद भी बिमल दा की फिल्म को हाथ से नहीं जाने देना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने पहले बिमल दा को मना कर दिया। फिर उनके पति रजनीश ने उन्हें कन्विंस किया कि बिमल रॉय की फिल्म है तुम्हें करनी चाहिए। नूतन उन दिनों प्रेग्नेंट थीं फिर भी उन्होंने फिल्म करने के लिए हामी भर दी। फिल्म जब रिलीज हुई तो हर कोई उनके अभिनय का कायल हो गया। ये फिल्म उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्म बन गई।

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