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प्राइवेट स्कूलों की ओवरचार्जिंग होगी बंद: हाईकोर्ट ने कहा स्कूल मर्जी से नहीं बढ़ा सकते फीस खर्च-कमाई अपलोड करें

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चंडीगढ़4 मिनट पहले

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कोर्ट को उम्मीद… प्रशासन स्कूलों को उचित समय देगा

  • कहा-स्कूल से कमाया मुनाफा स्कूल के विकास में ही खर्च करना होगा

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि स्कूल से कमाया मुनाफा स्कूल के विकास पर ही खर्च करना होगा। यहां की कमाई को दूसरी जगह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा, स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर कमाई व खर्च के साथ बैलेंसशीट अपलोड करनी होगी।

एनुअल फीस में भी 8% से ज्यादा की बढ़ोतरी नहीं होगी। स्कूल अपनी फीस तो तय कर सकेंगे, लेकिन रेगुलेटरी बॉडी की देखरेख में। फैसला सुनाते हुए जस्टिस जसवंत सिंह व जस्टिस संत प्रकाश की खंडपीठ ने चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली के अलावा पंजाब-हिमाचल में कुल 79 अनएडिड प्राइवेट स्कूलों की संस्था इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन की याचिका खाारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा एक्ट को खारिज अथवा संशोधन की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने 107 पेजों के फैसले में कहा- ‘एजुकेशन बिजनेस नहीं है, बल्कि यह चैरिटेबल एक्टीविटी के लिए है। कोर्ट ने कहा, उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन स्कूलों को रेगुलेशन फॉलो करने के लिए उचित समय देगा।

एक्ट के उल्लंघन पर मान्यता हो सकती है रद्द
पहली बार उल्लंघन करने पर इतना जुर्माना

दूसरी बार उल्लंघन करने पर

  • जुर्माना राशि दोगुना हो जाएगी
  • तीसरी बार उल्लंघन करने पर
  • स्कूल की मान्यता वापस लेने का प्रावधान

यह है मामला

पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडिड एजुकेशनल इंस्टीट्यूट एक्ट में संशोधन कर चंडीगढ़ प्रशासन ने 24 अप्रैल 2020 को आदेश जारी किया था कि सभी प्राइवेट स्कूलों को अपनी कमाई और खर्च का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।

एक्ट के तहत रेगुलेटरी बॉडी ही तय करेगी कि एनुअल फीस कितनी बढ़नी चाहिए। रेगुलेटरी के चेयरपर्सन एजुकेशन सेक्रेटरी होंगे। स्कूल मुनाफे का इस्तेमाल स्कूल के विकास कार्यों पर ही खर्च करेंगे। इन आदेशों के खिलाफ इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोसिएशन व कबीर एजुकेशन सोसायटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

एक्ट के मुताबिक अब ये होगा

1. अनएडिड प्राइवेट स्कूलों को अपनी इनकम और खर्च के साथ बैलेंसशीट स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी

2. पेरेंट्स से स्कूल किसी भी तरह की कॉस्ट वसूली नहीं कर सकेंगे

3. स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर शैक्षिक स्तर का पूरा फीस ब्यौरा देना होगा। फीस बुकलेट जारी करनी होगी

4. बीच सेशन के दौरान किसी भी समय फीस नहीं बढ़ा सकते

5. स्कूल अपने मुनाफे का इस्तेमाल छात्रों के हित में स्कूल के विकास कार्यों पर ही करेंगे

6. एक्ट का उल्लंघन करने पर जुर्माना व मान्यता रद्द होने का खतरा रहेगा​​​​​​​

7. रेगुलेटरी बॉडी ज्यादा फीस वसूलने पर फीस रिफंड कराएगी

​​​​​​​8. आदेश के खिलाफ अपील प्रशासक के पास आदेश पारित होने से 45 दिन में की जा सकेगी।​​​​​​​

08% से ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की जा सकेगी एनुअल फीस में​​​​​​​

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पंजाब | दैनिक भास्कर

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