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फाइटोरिलीफ दवा को पटना AIIMS ने दी मंजूरी: AIIMS में कोविड-19 के 100 मरीजों को दी गई फाइटोरिलीफ दवा, 10 दिन बाद रिपोर्ट आई नेगेटिव

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  • Coronavirus (COVID 19) Update; Alchemlife Phytorelief Drung Approved By Patna AIIMS

पटना11 मिनट पहले

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फाइटोरिलीफ दवाई के बारे में जानकारी देते हुए एम्स के एस्पर्ट।

एल्कैम लाइफ कंपनी ने कोरोना से लड़ने के लिए फाइटोरिलीफ नामक दवाई बनाई है, जिसे एम्स पटना की ओर से मंजूरी दे दी गई है। एम्स पटना की ओर से कहा गया है की यह दवा एक नेचुरल एंटी वायरल एजेंट है। जो कोरोना के हलके और शुरुआती लक्षणों को ठीक करने में कारगर है।

फाइटोरिलीफ दवाई को मिली मंजूरी।

फाइटोरिलीफ दवाई को मिली मंजूरी।

10 दिनों के बाद रिपोर्ट नेगेटिव
पटना एम्स के मुताबिक हाल ही में कोविड-19 के करीब 100 मरीजों को यह दवा दी गई थी, जिनमें हल्के और माध्यम लक्षण थे। फाइटोरिलीफ दवा देने के 10 दिन बाद मरीजों का कोरोना टेस्ट किया गया तो नतीजे नेगेटिव आए । बुखार , खांसी , गले में दर्द और वात रोग से परेशान मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। एम्स पटना के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट और एडिशनल प्रोफेसर डॉ . योगेश ने बताया कि एक शोध में पता चला है कि फाइटोरिलीफ इम्युनिटी बढाती है और कोरोना मरीजों को जल्द रिकवर करने भी मदद करती है।

साइट इफेक्ट भी नहीं
रिसर्च में यह भी सामने आया है कि कोरोना के शुरुआती दौर में बिना किसी साइड इफेक्ट के दवा कारगर साबित हुई है। फाइटोरिलीफ चूष टिकिया ( PASTILLE ) संक्रमण की जगह मुंह में ही वायरस के प्रसार को रोकने में मदद करती है। फाइटोरिलीफ दवा में फाइटोएक्टिव्स, एलाजिक एसिड, जिंजरोल और शोगोल शामिल हैं। इस वजह से यह दवा एक मजबूत एंटी- वायरल के तौर पर काम करती है। साथ ही इम्यूनिटी को तेजी से बढ़ाती है। फाइटोरिलीफ को एल्कैम लाइफ ने बनाया है। US और EU से पेटेंट भी मिल गया है। इसका मेडिकल टेस्टिंग भी कई बार हो चुका है। फाइटोरिलीफ खांसी , सर्दी और फ्लू का कारण बनने वाले वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी को 4 गुना तक बढ़ाने में सक्षम है।. इसका उपयोग पहले से ही खांसी , सर्दी और फ्लू के लक्षणों के इलाज के लिए वर्षों से किया जा रहा है। रिसर्च के बाद इस नतीजे पर पहुंचा गया है कि COVID – 19 के हल्के संकेत होने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

फाइटोरिलीफ में क्या-क्या है कंबिनेशन

  • करक्यूमिनोइड्स के फाइटोएक्टिव्स अपने औषधीय प्रभावों जैसे एंटी – ऑक्सीडेंट , एंटी – कैंसर , एंटी बैक्टीरियल , एंटी – डायबिटिक , एंटी – इंफ्लेमेटरी और एंटी – वायरल गुणों के लिए जाने जाते हैं , जो सेल रिसेप्टर्स के लिए वायरल बाइंडिंग को रोकते हैं।
  • अदरक में मौजूद जिंजरोल और शोगोल के फाइटोएक्टिव्स एक एंटी – इंफ्लेमेटरी , ब्रोन्कोडायलेटर और एंटी – वायरल के रूप में कार्य करते हैं , जिससे सर्दी और खांसी के लक्षणों से राहत मिलती है।
  • अनार में एलाजिक एसिड के फाइटोएक्टिव्स में एंटी – वायरल और वायरुसाइडल एक्शन होता है . शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि इसमें इन्फ्लूएंजा – ए वायरस और कई अन्य वायरस के खिलाफ विषाणुनाशक कार्रवाई है।

एंटीबॉडी को भी बढ़ाता है

फाइटोरिलीफ चूस टिकिया वायरस को बढ़ने से रोकती है। एंटीबॉडी को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही लक्षणों को भी कम करता है और कोविड -19 संक्रमण का इलाज करता है। इस पर हुई स्टडी से पता चला है कि फाइटोरिलीफ प्राकृतिक समाधान है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इसका इस्तेमाल हल्के और मध्यम स्तर के COVID – 19 रोगियों द्वारा किया जा सकता है ,जो उन्हें गंभीर रूप से बीमार होने से बचाएंगे। इस प्रकार फाइटोरिलीफ के साथ हम प्रारंभिक अवस्था में संक्रमण का इलाज करके महामारी के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं ।

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बिहार | दैनिक भास्कर

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