Breaking News

ब्लैक फंगस के 20 नए मरीज मिले: 61 कंफर्म, 42 संदिग्ध मरीज, 2197 एम्फाेटेरेसिन ताे 7 दिन में खत्म हो जाएंगे

रांची2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

गुरुवार काे ब्लैक फंगस के रांची में आठ, चतरा में एक, धनबाद में चार, जमशेदपुर में दाे, हजारीबाग में एक और काेडरमा में दाे मरीज मिले। फाइल फोटो

  • झारखंड में काेराेना महामारी के बीच ब्लैक फंगस अब बड़ी चुनाैती

झारखंड ने काेराेना महामारी पर ताे तेजी से काबू पा लिया, लेकिन अब ब्लैक फंगस का तेजी से बढ़ता संक्रमण नई चुनाैती बन गया है। अभी यहां मामले कम हैं, लेकिन यह तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार काे राज्य में ब्लैक फंगस के 20 और नए मरीज मिले। यह एक दिन में मिले मरीजाें का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके साथ ही अब ब्लैक फंगस के मरीजाें की संख्या बढ़कर 61 हाे गई है। 42 संदिग्ध मरीज भी अस्पतालाें में भर्ती हैं।

गुरुवार काे रांची में आठ, चतरा में एक, धनबाद में चार, जमशेदपुर में दाे, हजारीबाग में एक और काेडरमा में दाे मरीज मिले। वहीं रांची, धनबाद, जमशेदपुर और देवघर में एक-एक मरीज की माैत भी हुई। अब तक इस बीमारी से 16 लाेगाें की जान जा चुकी है।

उधर, ब्लैक फंगस के गंभीर मरीजाें के लिए सबसे जरूरी इंजेक्शन एम्फाेटेरेसिन-बी की भारी कमी बनी हुई है। राज्य के पास 2197 एम्फाेटेरेसिन-बी इंजेक्शन ही स्टाॅक में हैं। जिस तरह मरीज बढ़ रहे हैं, उसमें ताे यह सात दिन में ही खत्म हाे जाएंगे। अगर जल्दी ही पर्याप्त संख्या में इंजेक्शन नहीं मिले ताे स्थिति गंभीर हाे सकती है।

ऐसे समझिए…एम्फाेटेरेसिन-बी कितना जरूरी और उपलब्धता क्या

  • ब्लैक फंगस के गंभीर मरीज काे औसतन 20 से 30 इंजेक्शन की जरूरत हाेती है।
  • कालाजार उन्मूलन अभियान के 1997 इंजेक्शन पहले से सरकार के स्टाॅक में थे।
  • 23 दिन पहले ब्लैक फंगस का पहला मरीज मिला था। तब से केंद्र ने महज 200 इंजेक्शन ही उपलब्ध कराया है।
  • कुल 2197 इंजेक्शन उपलब्ध हैं और मरीज 61 हैं। अगर एक मरीज काे 30 इंजेक्शन लगाने पड़े ताे यह सिर्फ 73 लाेगाें काे ही लगाया जा सकता है।

रिम्स में अलग वार्ड, जिलाें में बेड रिजर्व
ब्लैक फंगस के इलाज के लिए राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स काे एक्सीलेंस सेंटर बनाया गया है। तीन विभागाें काे मिलाकर एक एक्सपर्ट टीम भी बनाई गई है। यह टीम मरीजाें के इलाज का ट्रीटमेंट प्राेटाेकाॅल देख रही है। रिम्स में ब्लैक फंगस के मरीजाें के लिए अलग वार्ड भी बनाया गया है। इसके अलावा जिलाें के अस्पतालाें में भी बेड आरक्षित किए गए हैं।

रेमडेसिविर की तरह एम्फाेटेरेसिन-बी के लिए भी हम केंद्र के भरोसे
काेराेना मरीजाें के इलाज में प्रयाेग हाेने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन की तरह एम्फाेटेरेसिन-बी इंजेक्शन के लिए भी हम पूरी तरह केंद्र पर निर्भर हैं। केंद्र सरकार मरीजाें की संख्या के हिसाब से यह इंजेक्शन राज्य सरकाराें काे दे रही है। झारखंड ने केंद्र से पांच हजार इंजेक्शन की मांग की है। जब तक यह नहीं मिलता, राज्य सरकार के हाथ खाली ही रहेंगे। हालांकि रिम्स ने इसके लिए टेंडर भी निकाला था, लेकिन काेई भी कंपनी टेंडर में शामिल ही नहीं हुई।

खुले बाजार में भी इस इंजेक्शन की काेई सप्लाई नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के स्टेट नाेडल अफसर सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह जल्दी ही दवा का आयात कर झारखंड और अन्य राज्याें काे उपलब्ध कराएगी। हम लाेग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

इधर बड़ी राहत- झारखंड में कोरोना के 427 नए संक्रमित मिले, 1103 ठीक हुए
रांची |
झारखंड में काेराेना का असर कम हाे रहा है। गुरुवार काे राज्य में काेराेना के सबसे कम 427 मरीज मिले। इनमें सबसे ज्यादा 48 संक्रमित रांची के हैं। वहीं 1103 लाेग काेराेना से ठीक भी हुए। हर जिले में काेराेना संक्रमिताें का आंकड़ा 50 के नीचे ही रहा। पाकुड़ में ताे सबसे कम एक मरीज की पहचान हुई। हालांकि रांची समेत 7 जिलों में 10 की मौत भी हुई है।

कहां कितने मरीज मिले
रांची 48
बोकारो 33
चतरा 07
देवघर 16
धनबाद 46
दुमका 02
पू. सिंहभूम 43
गढ़वा 09
गिरीडीह 15
गोड्डा 12
गुमला 17
हजारीबाग 29
जामताड़ा 07
खूंटी 10
कोडरमा 19
लातेहार 10
लोहरदगा 8
पाकुड़ 01

खबरें और भी हैं…

झारखंड | दैनिक भास्कर

About R. News World

Check Also

स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर: मारवाड़ी कॉलेज में फोटोग्राफी व फिल्म मेकिंग की क्लास कल से

रांची2 घंटे पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो आवेदन के लिए वेबसाइट – डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.मारवाड़ीकालेजरांची.एसी.इन पर जाना …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *