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बड़ी राहत: अमेरिका ने डायमंड सहित अन्य धातुओं से बनी 17 तरह की ज्वेलरी पर 25% टैक्स 6 माह के लिए हटाया

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  • America Removes 25% Tax For 6 Months On 17 Types Of Jewelery Made Of Other Metals Including Diamond

सूरत2 घंटे पहले

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  • सूरत की 300 से ज्यादा कंपनियों को फायदा
  • सूरत से हर महीने अनुमानित 6000 करोड़ रुपए के आभूषण अमेरिका निर्यात किए जाते हैं, टैक्स से कंपनियां चिंतित थीं

अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाले डायमंड और उससे बने 17 तरह के आभूषण पर लगाए गए 25 प्रतिशत कर को 180 दिन के लिए स्थगित कर दिया है। वैश्विक बाजार में बिकने वाले 10 में से 9 हीरे सूरत के होते हैं। यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (यूएसटीआर) ने इस साल अप्रैल में भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले डायमंड, सोने-चांदी सहित 17 तरह की ज्वेलरी पर 25 प्रतिशत डिजिटल सेवा कर लगा दिया था।

उद्योग संघ और हीरा-आभूषण उद्योग ने एक ऑनलाइन याचिका दायर कर इस पर चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना था कि 25 प्रतिशत तक कर लगाने से सूरत-मुंबई जैसे शहरों के डायमंड और आभूषण उद्योगों पर बड़ा असर पड़ेगा।

भारत सरकार ने 2% तो अमेरिका ने 25% कर लगाया

सूरत प्राकृतिक और रियल हीरे दोनों के साथ-साथ सिंथेटिक हीरे और हीरे के आभूषणों के उत्पादन का केंद्र है। प्रिसियस-सेमी प्रिसियस स्टोन, सिंथेटिक या रिकंस्ट्रक्शन हीरे, चांदी, सोने व हीरे की 17 तरह की ज्वेलरी पर 25 प्रतिशत तक कर लगाया था। सूरत के हीरा और आभूषण बाजार में अमेरिका की हिस्सेदारी 25 फीसदी है।

अनुमानित रूप से 6,000 करोड़ रुपए के डायमंड और अन्य आभूषण सूरत से अमेरिका को हर महीने निर्यात किए जाते हैं। डेढ़ साल पहले भारत सरकार ने हीरों की ऑनलाइन खरीद और बिक्री पर 2% व्यापार कर लगाया था। उसके बाद अमेरिकी एजेंसी ने 25% तक कर लगा दिया था। भारत सरकार ने हीरे की ऑनलाइन खरीद-बिक्री पर 2% व्यापार कर खत्म कर दिया है।

कारोबार: सूरत की 350 से ज्यादा कंपनियां करती हैं आभूषण निर्यात

शहर के वराछा और कतारगाम में 350 छोटी-बड़ी डायमंड ज्वेलरी कंपनियां काम कर रही हैं। इनमें से अधिकांश कंपनियां अमेरिकी ग्राहकों के लिए मूल्यवान गहने बनाती हैं, जैसे कि क्यूबन चेन, हैवी डायमंड ज्वेलरी, डायमंड गोल्ड वॉच, बेसलेट, सिग्नेचर पेंडेंट आदि। ये कंपनियां सूरत से हर महीने 200 से 300 करोड़ रुपए का निर्यात करती हैं। डायमंड बुर्स के चालू होने से पहले ज्यादातर कंपनियां मुंबई से सूरत स्थानांतरित हो चुकी हैं। इन कंपनियों को अमेरिका के उच्च टैक्स से घाटा होने की चिंता थी।

वर्चुअल हियरिंग में किया गया था आग्रह

जीजेईपीसी के चेयरमैन कोलिन शाह ने बताया कि 10 मई को यूएसटीआर की वर्चुअल हियरिंग में जीजेईपीसी सहित कई ट्रेड संस्थाओं ने इस टैक्स को खत्म करने का आग्रह करते हुए कहा था कि इससे भारत ही नही अमेरिका में चल रहे 500 से अधिक हीरा ज्वेलरी के ऑफिस और उससे जुड़े हजारों लोगों पर असर पड़ेगा।

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गुजरात | दैनिक भास्कर

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