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महामारी से लड़ने की मुहिम: IIT कानपुर की नई पहल; 45 दिन में आक्सीजन प्लांट विकसित करने के लिए किया ओपन चैलेंज प्रतियोगिता का आयोजन

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कानपुर4 मिनट पहले

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उत्तर प्रदेश में IIT कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड़ इनोवेशन सेंटर (SIIC) ने देश में कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन की आवश्यकता को लेकर मचे त्राहिमाम के बीच स्वदेशी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व प्लांट विकसित करने के लिए 45 दिवसीय ओपन चैलेंज प्रतियोगिता का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत एमएसएमई व स्टार्टअप्स से संबंधित संयंत्रों के विकास को लेकर सुझाव और प्रस्ताव मांगे गए हैं। चयनित प्रस्तावों वाली इकाइयों को आईआईटी इनक्यूबेशन सेंटर में उपकरणों के विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, इसके पीछे आईआईटी कानपुर का उद्देश्य है कि उक्त उपकरणों का त्वरित विकास कर इस महामारी काल में ऑक्सीजन आपूर्ति को बढ़ाना है। इस परियोजना को मिशन भारत 2 का नाम दिया गया है। निर्माण चुनौती कार्य बल का नेतृत्व कर रहे संस्थान के एसआईआईसी के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय‚टीआईई दिल्ली एनसीआर अध्यक्ष श्रीकांत शास्त्री व एसआईआईसी के सामरिक पहल के प्रमुख राहुल पटेल ने एमएसएमई निर्माताओं व स्टार्टअप्स से आह्वान पर किया गया है।

आवेदन करने के लिए किया आग्रह
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व प्लांट विकसित करने के लिए 45 दिवसीय ओपन चैलेंज प्रतियोगिता को लेकर आईआईटी कानपुर कब प्रो.अभय करंदीकर, निदेशक ने आईआईटी कानपुर ने पात्र उद्यमियों से इस चुनौती के लिए आवेदन करने का आग्रह किया। इसी के साथ उन्होंने कहा है कि आईआईटी कानपुर तत्काल आवश्यकता के समय राष्ट्र की सेवा करने की तत्पर रहता है।जब कॉविड -19 की पहली लहर भारत में आई थी तो एसआईआईसी इनक्यूबेट कंपनियों ने स्वास एन 95 मास्क देने के लिए कदम बढ़ाया था।

इसी के साथ कॉविड -19 और नॉकर्क वी 310 आईसीयू (Noccarc V310 ICU), वेंटिलेटर के साथ घरेलू नाम बन गए हैं।दोनों उत्पाद, स्थानीय रूप से विकसित, वैश्विक मानकों के अनुरूप विश्वस्तर पर भारत की क्षमता का प्रदर्शन करने वाले हैं।भारत में दूसरी लहर के समय में, आईआईटी कानपुर और एसआईआईसी ने देश में ऑक्सीजन संकट को दूर करने के लिए इस बार अधिक स्वदेशी नवप्रवर्तकों का समर्थन करने का निर्णय लिया है।मैं सभी पात्र उद्यमियों से मिशन भारत 2 में भाग लेने का आग्रह करता हूं। प्रो.बंद्योपाध्याय ने बताया कि “एसआईआईसी और आईआईटी कानपुर का देश की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करने और गुणवत्ता प्रदान करने का एक इतिहास है। हमने इसे Noccarc वेंटिलेटर के साथ किया था।हम इसे मिशन भारत 2 के साथ फिर से करेंगे। हम युवा इनोवेटर्स से भारत की जरूरत के समय में बड़ी संख्या में समर्थन दिखाने का आग्रह करते हैं। चुनौती आपातकालीन समय पर आती है और ऐसे में उत्पाद प्रदान करने की जिम्मेदारी किसी एक निर्माता तक सीमित नहीं होती।

बंद्योपाध्याय ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन https ://www.bharato2.in/ पर लाइव हैं और कोई भी योग्य भारतीय एसएमई निर्माता भाग लेने के लिए आवेदन कर सकता है। यह पहल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स और ऑक्सीजन प्लांट के लिए उपलब्धता अंतर को पाटने में मदद करेगी, जिससे अस्पतालों की व्यवस्था पर दबाव कम होगा ताकि नागरिकों की सेवा की जा सके और कीमती जीवन को बचाया जा सके। यह सभी भारतीयों के जीवन को बचाने और सस्ती, गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा, विकसित और निर्मित उपकरणों का पावर हाउस बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के साथ, मिशन भारत O2 ऑक्सीजन के कंसंट्रेटर्स और प्लांट के लिए विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला का नवाचार करने के लिए, स्थानीय स्वदेशी प्रतिभा को लाभ प्रदान के लिए एक मजबूत रणनीति के साथ आया है।सभी इच्छुक MSME निर्माताओं को भारत में निर्मित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल उपकरणों के निर्माण की दिशा में सख्त आवश्यकता के समय राष्ट्र की सेवा के लिए आवेदन करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

स्वदेशी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व प्लांट विकसित करने के लिए 45 दिवसीय ओपन चैलेंज प्रतियोगिता का ऐलान किया है।

स्वदेशी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व प्लांट विकसित करने के लिए 45 दिवसीय ओपन चैलेंज प्रतियोगिता का ऐलान किया है।

संकट को सुलझाने की दिशा में बढ़ाएं कदम
श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि “उद्यमी आमतौर पर यह स्वीकार किए बिना एक बड़े विचार से दूर हो जाते हैं कि क्या यह समस्या हल हो जाएगी जो की इतनी बड़ी है। मिशन भारत O2 के साथ, एसआईआईसी आई आई टी कानपुर मौजूदा समय में देश के बड़े संकट को सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है l हमारा मानना है कि टीम राष्ट्र की सेवा करने के लिए अपने संयुक्त उद्यमशीलता के अनुभव और विजन के माध्यम से एक पहचान बनाएगी।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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