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महाराष्ट्र के DGP का परमबीर मामले की जांच से इनकार: मुंबई के पूर्व कमिश्नर ने लगाया राज्य सरकार से समझौता के लिए दबाव डालने का आरोप, संजय पांडे ने कहा- अब मामले की जांच नहीं करना चाहता

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मुंबई22 मिनट पहले

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महाराष्ट्र के DGP संजय पांडे (बाएं) को परमबीर सिंह के खिलाफ दो मामलों की जांच सौंपी गई थी।

राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) संजय पांडे ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ जांच से इनकार कर दिया है। सिंह के खिलाफ लगे दो आरोपों की जांच गृह विभाग की ओर से संजय पांडे को सौंपी गई थी। हालांकि, पांडे के खिलाफ परमबीर ने हाईकोर्ट में कुछ सबूत पेश किए, जिसमें दावा किया गया कि पांडे ने उन पर राज्य सरकार से समझौता कर देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को वापस लेने का दबाव बनाया था। माना जा रहा है कि इसके बाद किसी भी विवाद से बचने के लिए पांडे ने इस जांच से अलग होने का फैसला किया है।

परमबीर सिंह ने मामले की जांच कर रही CBI को भी पत्र लिखकर दावा किया कि पांडे ने उनसे कहा कि अगर वे शिकायत वापस लेते हैं तो उनके खिलाफ चल रही जांच भी रफा-दफा कर दिया जाएगी। पांडे का कहना है कि वे आरोप लगाने के बाद मामले की जांच नहीं करना चाहते।

CBI कर सकती है संजय पांडे से पूछताछ

परमबीर सिंह के आरोप के बाद CBI इस मामले में पांडे से पूछताछ कर सकती है। सबूत के तौर पर सिंह ने पांडे के साथ की गई वॉट्सऐप कॉल के दौरान हुई बातचीत की रिकार्डिंग भी जांच एजेंसी और अदालत को सौंपी है।

इन दो मामलों की जांच संजय पांडे को सौंपी गई थी

  • IPS परमबीर सिंह के खिलाफ पहले मामले की जांच पांडे को 1 अप्रैल को तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सौंपी थी। इसमें यह छानबीन की जानी थी कि क्या सिंह ने ऑल इंडिया सर्विस के नियमावली का उल्लंघन किया है।
  • परमबीर सिंह के खिलाफ दूसरे मामले की जांच राज्य के मौजूदा गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने 20 अप्रैल को पांडे को सौंपी थी। इसके तहत एक पुलिस अधिकारी द्वारा सिंह पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने को कहा गया था।

जांच से नहीं कर सकते इनकार- प्रवीण दरेकर
विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने कहा है कि पुलिस महानिदेशक प्रशासनिक अधिकारी होता है। वह सरकार के मार्गदर्शन में उसके आदेश के मुताबिक काम करता है। वह किसी मामले की जांच सौंपे जाने पर यह नहीं कह सकता कि वह जांच करने में असमर्थ है। दरेकर ने कहा कि सवाल उठता है कि क्या DGP को खुद मामले में फंसने का डर सता रहा है। यह पूरा मामला ऐसा लग रहा है कि सरकार और एक दूसरे को आरोप प्रत्यारोप के जरिए बचाने की कोशिश की जा रही है।

अनिल देशमुख ने CBI जांच रोकने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की याचिका
इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में उन्होंने CBI की तरफ से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की है। देशमुख ने किसी भी जबरदस्त कार्रवाई से संरक्षण देने वाले अंतरिम आदेश की भी कोर्ट से मांग की है।

अप्रैल के अंत में CBI ने FIR दर्ज करने के बाद कई जगहों पर रेड मारी थी, जिसमें नागपुर स्थिति देशमुख का आवास भी शामिल था। CBI ने देशमुख के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और IPC की धारा 120 बी के तहत केस दर्ज किया है। यह मामले ऐसे में दर्ज किए गए हैं जब मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर वसूली रैकेट चलाने का आरोप लगाया था।

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