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मुंबई में गिरी चार मंजिला इमारत: इस शख्स पर टूटा दुखों का पहाड़, मलबे में दफन हो गए परिवार के 9 सदस्य; अब ढेर में तलाश रहा उनकी निशानियां

मुंबई3 मिनट पहले

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मोहम्मद रफी ने इस हादसे के बादसे से एक घूंट पानी भी नहीं पिया है। वे बदहवास हाल में अपनों की निशानियों को मलबे के ढेर में तलाश रहे हैं।

मॉनसून की जोरदार दस्तक के साथ मुंबईवासियों की मुसीबत बढ़ने लगी है। बुधवार दिन भर हुई बारिश के बाद देर रात मलाड वेस्ट के मालवानी इलाके में एक चार मंजिला इमारत ढह गई। इसका मलबा पास के एक घर पर गिरा और कुल 11 लोगों की मौत इस हादसे में हो गई। मरने वालों 43 वर्षीया मोहम्मद रफी के परिवार के 9 सदस्य शामिल थे। वे भाग्यशाली थे और घर पर मौजूद नहीं होने के कारण बच गए। हादसे में घायल हुए 8 लोगों में तीन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। रफी अब इस दुर्घटना के बाद अपनों की निशानियों को इस मलबे में तलाश रहे हैं।

दूध लेने बाहर गए, लौटे तो जमीदोज ही चुकी थी इमारत

रफी बाताते हैं कि रात तकरीबन 10 बजे वे दूध लेने के लिए बाहर गए थे। कुछ देर बाद लौट तो आधे घंटे पहले जो इमारत सही सलामत खड़ी थी, वह जमीदोज हो चुकी थी। एकबारगी रफी को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन किसी तरह हिम्मत जुटा कर उन्होंने धूल के गुबार के बीच मलबा हटाने का प्रयास शुरू कर दिया। हालांकि, उनका यह प्रयास नाकाफी रहा और सुबह होते-होते उनके परिवार के 9 लोगों के शव उनकी आंखों के सामने थे।

मरने वालों में उनकी तीन मासूम भतीजियां भी शामिल हैं।

मरने वालों में उनकी तीन मासूम भतीजियां भी शामिल हैं।

मरने वालों में उनकी पत्नी, भाई-भाभी और उनके 6 बच्चे थे। रफी का एक भतीजा तो सिर्फ डेढ़ साल का था। बदहवास हाल में वे पूरी रात वहीं बैठे रहे और अपनी आंखों के सामने अपनों के शवों को बाहर निकलते देखते रहे। मोहम्मद रफी ने बताया,’मुझे नहीं लगा था कि यह इमारत जर्जर हो चुकी है, नहीं तो हम इसे पहले ही छोड़ देते। रफी और उनके भाई पूरे परिवार के साथ इमारत के तीसरे फ्लोर पर छोटे-छोटे तीन कमरों में रहते थे।

रफी ने इस हादसे में अपने इन करीबियों को खोया

  • शफीक मोहम्मद सलीम सिद्दीकी(45)
  • तौसीफ शफीक सिद्दीकी(15)
  • अलीशा शफीक सिद्दीकी(10)
  • आलिफशा शफीक सिद्दीकी (1.5)
  • हसीना शफीक सिद्दीकी(6)
  • इशरत बानो रफी सिद्दीकी(40)
  • रहीशा बानो शफीक सिद्दीकी(40)
  • ताहिस शफीक सिद्दीकी(12)
  • जॉन इर्रानन्न (13)
BMC के कर्मचारी लगातार मलबे के ढेर को हटाने का प्रयास कर रहे हैं।

BMC के कर्मचारी लगातार मलबे के ढेर को हटाने का प्रयास कर रहे हैं।

BMC ने इस इमारत को नहीं किया था खतरनाक घोषित
रफी की तरह ही इस इमारत में 3 से 4 परिवार रहते थे। हालांकि, दो परिवार कुछ दिन पहले ही यहां से शिफ्ट हुआ था। BMC सूत्रों की माने तो मालवाणी के अब्दुल हमीद रोड पर स्थित न्यू कलेक्टर कंपाउंड में बनी यह इमारत बुधवार को हुई बारिश से पहले ‘ताऊ ते’ चक्रवात के दौरान ही कमजोर हो गई थी। हालांकि, BMC की टीम ने कुछ दिन पहले सैंकड़ों इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर 21 इमारतों को खतरनाक घोषित किया था। हालांकि, उस लिस्ट में यह इमारत नहीं थी। इसका भी ऑडिट हुआ होता तो आज एक बड़ा हादसा टल जाता।

भाजपा कह रही-यह दुर्घटना नहीं हत्या है

भाजपा नेता राम कदम इस हादसे के लिए शिवसेना को जिम्मेदार बताते हैं। वे कहते हैं,’मालाड, मालवाणी में झोपड़पट्टी में घर के डेह जाने से 11 लोगों की जान गई है। यह शिवसेना शासित BMC की लापरवाही के कारण हुआ है। यह हादसा नहीं हत्या है।’ हादसे के बाद पीड़ितों को मरहम लगाने के लिए सरकार ने 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान किया। CM उद्धव ठाकरे भी बेटे के साथ मुंबई के शताब्दी हॉस्पिटल घायलों का हालचाल जानने के लिए पहुंचे, जहां रोते हुए घायलों ने अपना हाल उन्हें बताया।

बीएमसी ने कहा- मलबे को हटाने का काम जारी है

बीएमसी ने बताया, मुंबई के मलाड वेस्ट में न्यू कलेक्टर कंपाउंड में एक रिहायशी ढांचा ढहने से 11 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। आसपास की 3 इमारतों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकाला गया क्योंकि बिल्डिंग का स्ट्रक्चर अच्छी स्थिति में नहीं हैं। मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है।

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महाराष्ट्र | दैनिक भास्कर

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