Breaking News

वर्चुअल संवाद में डाॅक्टराें ने चेताया: किसी भी तरह की भ्रांतियां लोगों को संकट में डाल सकती है : डॉ. ठाकुर

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुजफ्फरपुर11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फाइल फोटो

  • एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर लगे भ्रामक आरोप पर चर्चा को वर्चुअल मीटिंग

एलोपैथी चिकित्सा पद्धति की विश्वसनीयता पर भ्रामक आरोप पर विचार के लिए वर्चुअल मीटिंग आयोजित की गई। इस दाैरान डॉ. बीबी ठाकुर ने कहा, दरअसल, यह एलोपैथी चिकित्सा पद्धति की विश्वसनीयता से कहीं अधिक करोड़ों देशवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा का मामला है। किसी भी तरह की भ्रांति आम लोगों को संकट में डाल सकती है। उन्हाेंने कहा, विशेषज्ञ सीनियर डाॅक्टर इस विवाद पर चिंतित हैं।

हम आम लोगों को वस्तुस्थिति से अवगत कराना चाहते हैं, ताकि दुनिया की आधुनिकतम और आजमाई हुई चिकित्सा पद्धति से मरीजों के इलाज में कोई भ्रम, गलतफहमी पैदा नहीं हो। डाॅ. ठाकुर ने कहा, याद रखें कि जांच, इलाज और दवाओं के साथ मरीजों के स्वास्थ्य को इस विश्वास से भी राहत मिलती है कि उनका सही इलाज चल रहा है और वे जल्द ठीक हो जाएंगे। अगर मरीज के दिमाग में यह बात आ गई कि उनका सही इलाज नहीं चल रहा है तो मानसिक तनाव से उनकी बीमारी और बढ़ेगी।

वर्चुअल संवाद में डाॅक्टराें ने चेताया

एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति पर संदेह फैलाने से मरीज संकट में फंसेंगे। दुनिया के आधुनिकतम तकनीक से इलाज पर उंगली उठाना घातक होगा। हमें मरीज और लोगों में जागरूकता पैदा करना है, ताकि लाखों लोग संकट में नहीं फंसने पाएं। एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति हर रोज अपग्रेड हो रही है। शोध- सर्वे, जर्नल, वर्कशॉप से एलोपैथिक चिकित्सा में सुधार कर नए आयाम जोड़े जा रहे हैं। दुनिया की किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में इतने व्यापक पैमाने पर अनुसंधान व दवाओं का परीक्षण नहीं चल रहा। दूसरी चिकित्सा पद्धति या दवाओं का व्यवसाय बढ़ाने के लिए पहले से आजमाई पद्धति पर सवाल उठाना अपराध है। सर्जरी के क्षेत्र में एलोपैथिक चिकित्सा का कोई विकल्प ही नहीं। कोरोना जैसी महामारी हो या युद्ध का मैदान, पीड़ित मानवता की सेवा में एलोपैथी अचूक है। कोरोना काल में एलोपैथी चिकित्सक जान की बाजी लगाकर लोगों को बचा रहे हैं, ऐसे नाजुक मौके पर लाखों चिकित्सकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना आत्मघाती कदम है। एलोपैथी की दवाओं पर साफ शब्दों में लिखा जाता है- किसी चिकित्सक की सलाह के बगैर दवा का सेवन नहीं करें।

खबरें और भी हैं…

बिहार | दैनिक भास्कर

About R. News World

Check Also

अब स्कूलों में आयोजित होगी टीकाशाला: मोतिहारी के सभी स्कूलों में टीचर्स के बाद पेरेंट्स को लगेगी वैक्सीन; रोजाना प्रत्येक सेंटर पर 300 लोगों का होगा वैक्सीनेशन

मोतिहारी4 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रतीकात्मक तस्वीर। प्रथम चरण में शिक्षकों के टीकाकरण के बाद …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *