Breaking News

हमारी भी सुनो सरकार: आजादी के बाद पहली बार बनी थी बेलखेड़ा-सिंघपुर की तीन किमी की रोड, 5 साल की गारंटी वाली सड़क बनते ही टूट गई, पुलिया धंस गई

  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • Belkheda Singhpur Three Km Road Was Built For The First Time After Independence, The 5 Year Guarantee Road Broke As Soon As It Was Built, The Culvert Collapsed

जबलपुर3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आजादी के बाद पहली बार बेलखेड़ा-सिंघपुर गांव की सड़क बड़ी मुश्किल से बनी, और टूट गई।

जिला मुख्यालय से 58 किमी दूर सिंघपुर गांव है। जिले के आखिरी छोर के इस गांव के बाद नरसिंहपुर जिले की सीमा प्रारंभ हो जाती है। बेलखेड़ा से गांव की दूरी महज 3 किमी है, लेकिन सड़क मार्ग से जुड़ने में इसे 74 साल लग गए। आजादी के बाद पहली बार ये रोड़ बनी, लेकिन बनते ही टूट गई। पुलिया धंस गई।

पांच साल की गारंटी वाली इस रोड को देखकर ग्रामीणों के आंसू निकल आते हैं। कहते हैं कि कमर तक कीचड़ से निकलने का दंश झेले हैं। बीमार को खाट पर तीन किमी दूर बेलखेड़ा तक ले जाते थे, तब कोई साधन मिल पाता था। मप्र ग्रामीण विकास प्राधिकरण की ओर से मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत इसका निर्माण हुआ। ठेका मेकल कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था। इस रोड को ठेका शर्त के अनुसार 25 अक्टूबर 2019 से शुरू होकर एक साल में बननी थी। ऐसा बोर्ड भी लगा है। लेकिन रोड व पुलिया का निर्माण अप्रैल 2021 तक चला।

कांक्रीट की सड़क का हश्र।

कांक्रीट की सड़क का हश्र।

रोड निर्माण में भ्रष्टाचार
तीन किमी की इस सड़क में 200 मीटर कांक्रीट का निर्माण पुलिया वाले स्थानों पर किया गया है। कुल तीन पुलिया का निर्माण हुआ है, लेकिन वे भी अधूरे हैं। पुलिया की कांक्रीट रोड बनते ही टूट गई। डामर की सड़क की कई जगह की गिट्‌टी उखड़ कर फैल गई है। रोड किनारे मिट्‌टी व बोल्डर भराई का काम तक नहीं हुआ। इससे वाहनों के पलटने का हर वक्त खतरा रहता है। ग्रामीणों ने इस रोड निर्माण की जांच कराने की मांग रखी है।

अधूरी पुलिया बनाकर छोड़ गया ठेकेदार।

अधूरी पुलिया बनाकर छोड़ गया ठेकेदार।

ग्रामीणों का छलका दर्द
गांव के विनय बादल ने बताया कि पैसे की बर्बादी देखना चाहते हैं, तो बेलखेड़ा-सिंघपुर रोड पर चले आईए। किसान इसी से आते-जाते हैं। अप्रैल में ही पुलिया निर्माण पूरा हुआ और टूट गया। मुकेश कुमार के मुताबिक जनता का पैसा पानी तरह इस रोड पर बहा दिया गया। रघुनंदन शर्मा के मुताबिक इस रोड पर कोई भारी वाहन तक नहीं गुजरता, फिर भी टूट गई। नेतराम सिंह मरावी कहते हैं कि हम इस रोड का दर्द जानते हैं, कि कैसे कमर तक कीचड़ से गुजरते थे।

बारिश से पहले ही उखड़ने लगी गिट्‌टी।

बारिश से पहले ही उखड़ने लगी गिट्‌टी।

आजादी के बाद पहली बार बनी ये सड़क
गांव के गौरव भगत के मुताबिक आजादी के बाद पहली बार ये सड़क बनी तो ग्रामीणों में हर्ष था। क्योंकि इस रोड के न होेने का दर्द यहां के लोग सालों से झेल रहे थे। सबसे अधिक मुसीबत बारिश के दिनों में होती थी। जब कमर तक गहरे कीचड़ से निकलना होता था। कोई बीमार हो जाता था तो खाट पर लेकर बेलखेड़ा तक तीन किमी जाते थे। तब ही कोई वाहन मिल पाता था। गांव के ब्रजकिशोर चौधरी के मुताबिक इस रोड पर चार जगह डामर निकलने से गिट्टी निकल चुकी है। रोड से ट्रैक्टर-ट्राली को संभाल कर निकालना पड़ता है कि कहीं पलट न जाए। बारिश से पहले ये हाल है तो बारिश में क्या होगा? कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के मुताबिक रोड निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराएंगे। पांच साल की गारंटी है। ठेकेदार को मरम्मत करना होगा।

खबरें और भी हैं…

मध्य प्रदेश | दैनिक भास्कर

About R. News World

Check Also

भोपाल में दौड़ी सिटी बस: BCLL ने 3 रूटों पर 9 बसें चलाई, अब संख्या हुई 32

भोपाल21 मिनट पहले कॉपी लिंक सिटी बस का फोटो। फाइल 1 जून से अनलॉक हुई …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *