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हेल्थ सिस्टम को करनी होगी तैयारी: लेवल 2 के 9 बेड, स्पेशल एंबुलेंस वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात, आईसीयू व वेंटीलेटर है ही नहीं

बठिंडा19 घंटे पहलेलेखक: संजय मिश्रा

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  • हेल्थ एक्सपर्ट देश में तीसरी लहर में बच्चों को लेकर जारी कर रहे चेतावनी

पूरे देश में हेल्थ एक्सपर्ट कोविड की तीसरी लहर को लेकर बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं तथा लगातार इसे लेकर चेतावनी भी दे रहे हैं, लेकिन इस संदर्भ में अगर जिला बठिंडा की बात की जाए तो जो हालात इस समय नजर आ रहे हैं, उसे देखकर ऐसा लगता है कि सरकार अगर दिन रात काम करे तो जाकर शायद कोई बदलाव नजर आ सकता है।

जिले में 0 से 14 साल के करीब 2.30 लाख बच्चों के लिए सिविल अस्पताल स्थित वूमेन व चिल्ड्रन अस्पताल में कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी के नाम पर अभी तक लेवल 2 के मात्र 6 बेड का आइसोलेशन वार्ड व एसएनसीयू वार्ड में 3 बेड आरक्षित किए जा सके हैं, जबकि यहां 12 बच्चों को दाखिल करने की सुविधा मौजूद है।

फिलहाल अभी आईसीयू व वेंटीलेटर का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। वहीं बच्चों के कोविड टेस्ट के लिए सिविल अस्पताल के फ्लू कार्नर में व्यवस्था की गई है। आलम यह है कि इतनी बड़ी बच्चों की आबादी पर पूरे जिले में मात्र एक ही स्पेशल एंबुलेंस मौजूद है जोकि वर्तमान में वीवीआईपी डयूटी में तैनात रहती है तथा 108 सर्विस की सामान्य ऑक्सीजन वाली मात्र 12 एंबुलेंस पूरे जिले की करीब 13.50 की आबादी के लिए उपलब्ध हैं। ऐसे में परमात्मा ना करे कि कोरोना संक्रमण का फैलाव पुन हाे जिसमें होने वाले नुकसान का आंकलन कतई संभव नहीं है।

एनसीडी क्लीनिक में सिर्फ दो वेंटीलेंटर, उनके लिए भी स्टाफ नहीं

मौजूदा समय में जिले के सिविल अस्पताल में इंफ्रास्ट्रक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट की बात करें तो 200 बेड वाले अस्पताल में इन दिनों 100 बेड कोरोना आइसोलेशन वार्ड लेवल 2 में तब्दील किए गए है। वहीं चिल्ड्रन अस्पताल में करीब 25 बेड सर्जिकल वार्ड में तब्दील हुए हैं। बाकी अन्य वार्ड में इस समय गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए दाखिल हैं तथा एसएनसीयू वार्ड में 12 बेड की सुविधा हैं। वहीं एसएनसीयू वार्ड में 3 बेड नवजन्मे बच्चों के लिए आरक्षित किए गए हैं।

अब वेंटीलेंटर की बात करें तो सिविल अस्पताल के एनसीडी क्लीनिक में 2 वेंटीलेटर उपलब्ध जरूर हैं, लेकिन उन्हें चलाने को अस्पताल प्रबंधन के पास पर्याप्त स्टाफ ही नहीं है जिसके चलते इन्हें डिब्बाबंद करके संभाल दिया गया है। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में उपयोग के लिए सरकार की ओर से अस्पताल को 29 वेंटीलेटर जरूर उपलब्ध करवाए गए थे, लेकिन उन वेंटीलेटर को चलाने के लिए एक्सपर्ट टेक्नीकल स्टाफ सिविल अस्पताल को नहीं दिया गया जिसके चलते सभी वेंटीलेटर निजी अस्पतालों को सौंप दिए गए।

पांच डॉक्टरों में से दो मेडिकल लीव पर तीन संभाल रहे ओपीडी, स्टाफ 50 प्रतिशत कम

नन्हें बच्चों को न्यूलेटर वेंटिलेटर सपोर्ट एंबुलेंस की जरूरत होती है। इसमें एंबुलेंस में वेंटिलेटर के अलावा तापमान मेंटेन करने की सुविधा मौजूद होती है। हालांकि पूरे अस्पताल में चार एंबुलेंस जरूर उपलब्ध हैं, लेकिन न्यूलेटर वेटिलेंटर सपोर्ट मात्र एक ही एंबुलेंस में उपलब्ध है जोकि वीवीआईपी डयूटी में तैनात रहती है।

वहीं सिविल अस्पताल सहित पूरे जिले में लेवल 3 का कोई बैड तैयार नहीं है जिसके चलते जिले में संभावित तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर कोई खास तैयारी देखने को नहीं मिल रही है। वहीं बच्चों के इलाज के लिए अभी निजी अस्पताल भी आगे नहीं आए है और न ही अभी तक किसी को इसके लिए मंजूरी दी गई है।

अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि लेवल 2 स्तर का इलाज उपलब्ध है, अगर हालत गंभीर हुई तो उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। डॉक्टरों के मुताबिक इस दौरान कुपोषित, कम वजन वाले, एनीमिक बच्चों के जल्दी संक्रमित होने की आशंका है। कोरोना की तीसरी लहर की चर्चाओं को सुनकर परिजनों के मन में चिंता व्याप्त है। वूमेन एंड चिल्ड्रन अस्पताल में 5 शिशु रोग माहिर डाक्टर तैनात हैं, लेकिन इन दिनों 2 डॉक्टर मेडिकल लीव पर है जबकि 3 डाक्टर ही ओपीडी में ड्यूटी दे रहे हैं। अस्पताल में करीब 50 प्रतिशत से अधिक स्टाफ की कमी है। वार्ड में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेबुलाइजर, ऑक्सीमीटर, रेडियंट वार्मर आिद मौजूद हैं। ​​​​​​​

11 साल के बच्चे का हो रहा इलाज, हालत स्थिर

सिविल अस्पताल तथा वूमेन व चिल्ड्रन अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के लिए सिर्फ लेवल 2 स्तर तक की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा जिले सब डिवीजन अस्पतालों का भी ऐसा ही हाल है तथा नवजन्मे बच्चों के इलाज संबंधी पर्याप्त सुविधाएं वहां भी उपलब्ध नही हैं। वर्तमान में वूमेन व चिल्ड्रन अस्पताल के 6 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड में एक 11 साल के कोरोना संक्रमित बच्चे का इलाज चल रहा है। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है।​​​​​​​

अधिकारी बोले- 6 बेड का एल2 वार्ड तैयार

वूमेन व चिल्ड्रन अस्पताल में हमने 6 बेड का आइसोलेशन वार्ड लेवल 2 स्तर का बनाया है। लेवल 2 के मात्र 6 बेड का आइसोलेशन वार्ड व एसएनसीयू वार्ड में 3 बेड आरक्षित किए जा सके हैं। अगर एंबुलेंस की जरूरत होती है तो हमारे पास 4 एंबुलेंस हैं तथा जरूरत पड़ने पर घुद्दा से एंबुलेंस मंगवाई जाती है।
डा. सुखजिंदर सिंह गिल, एसएमओ, वूमेन एंड चिल्ड्रन अस्पताल, बठिंडा​​​​​​​

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