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40 मरीजों की मौत के बाद भी वेंटिलेटर चालू नहीं: बांका अस्पताल को PM केयर से मिले 4 वेंटिलेटर, टेक्नीशियन के अभाव में रेफर किए जा रहे मरीज

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बांका3 घंटे पहले

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टेक्नीशियन के अभाव में धूल फांक रहे बांका अस्पताल में वेंटिलेटर।

बांका जिले में कोरोना की दूसरी लहर में 40 मरीजों की मौत हो चुकी है। हर रोज दर्जनों लोग संक्रमित हो रहे हैं। उपकरणों की सुविधा होने के बावजूद मरीज कोरोना से अपनी जान गंवा रहे हैं, या फिर दूसरे जिले में जाकर अपनी जान को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। विभागीय लापरवाही की वजह से बांका में लोगों को वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल पा रही है। PM केयर फंड से मिले 4 वेंटिलेटर कोरोना वार्ड में लगे हुए हैं, लेकिन उन्हें ऑपरेट करने के लिए टेक्नीशियन नहीं हैं। टेक्नीशियन के अभाव में गंभीर मरीज को मायागंज अस्पताल रेफर होना पड़ रहा है, जहां उन्हें बेड एवं ऑक्सीजन की कमी से दो चार होना पड़ता है। सदर अस्पताल के मैनेजर ने बताया कि अब तक टेकनीशियन की नियुक्ति नहीं हुई है, जिस कारण वेंटिलेटर मशीन की सुविधा मरीज को नहीं मिल रही है।

कोरोना से एक और मरीज ने हारी जंग
कोरोना की वजह से लगातार लोगों की सांसें उखड़ रही हैं। मंगलवार को भी बाराहाट थाना क्षेत्र के गजंग गांव निवासी 65 वर्षीया महिला की मौत बाराहाट अस्पताल में कोरोना से हो गई। बताया गया कि महिला का ऑक्सीजन लेवल काफी नीचे चला गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, ऑक्सीजन सुविधा नहीं मिल पाने की वजह से महिला की मौत हो गई। इधर, अमरपुर के बल्लीकित्ता में एक घर के 3 व्यक्ति कोरोना से जंग हार चुके हैं। अब तीनों मृतकों के माता-पिता भी मायागंज अस्पताल में कोरोना से जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

BMICL को लिखा पत्र
एक ओर सदर अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा टेक्नीशियन की वजह से मरीजों को नहीं मिल पा रही है। वहीं नए उपकरण के लिए सिविल सर्जन ने BMICL को पत्र लिखा है। CS ने BMICLसे 15 बी-पेप मशीन, 10 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं 10 ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर प्राइस की मांग की है। ऐसे में सवाल उठता है कि जो उपकरण मौजूद हैं, उनका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है] नए उपकरण आने के बाद भी क्या लोगों को उसका लाभ मिलेगा? उपकरण आने के बाद टेक्नीशियन नहीं रहने की स्थिति में उपकरण धूल फांकने की स्थिति में ही अस्पताल में पड़े रहेंगे।

सदर अस्पताल में बढ़ी ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत
कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। उसके साथ-साथ सदर अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत में भी इजाफा हो गया है। पूर्व में जहां 1 दिन में एक से दो सिलेंडर की खपत होती थी, अभी रोजाना 24 से 25 सिलेंडर की खपत होने लगी है। सदर अस्पताल स्थित कोरोना वार्ड में अभी 24 और कोरोना के मरीज ऑक्सीजन पर हैं, जिन्हें लगातार ऑक्सीजन दिया जा रहा है। अगर नए मरीज गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचते हैं तो मरीज को रेफर करना ही अंतिम विकल्प है।

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