Breaking News

उप चुनावों में निर्दलीय बिगाड़ेंगे समीकरण: जुब्बल-कोटखाई से चेतन बरागटा, फतेहपुर से डॉ. राजन सुशांत होंगे चुनौती, 18 उम्मीदवार उप चुनावों में आजमाएंगे किस्मत

  • Hindi News
  • Local
  • Himachal
  • Shimla
  • Chetan Bragta From Jubbal Kotkhai, Dr. Rajan Sushant From Fatehpur Will Be A Challenge, 18 Candidates Will Try Their Luck In The By elections

शिमला25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

उप चुनावों की स्थिति साफ।

हिमाचल प्रदेश में उप-चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। नामांकन पत्र वापस लेने के अंतिम दिन किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया। ऐसे में अब हिमाचल में 18 उम्मीदवार उप-चुनावों में अपना भविष्य अजमाएंगे। लेकिन भाजपा और कांग्रेस को अपने प्रत्याशियों को भीतर घातियों से बचाना होगा। तभी वह इन उप चुनाव में जीत दर्ज कर सकेंगे। जुब्बल-कोटखाई और फतेहपुर में निर्दलीय भाजपा कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ सकते हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र से 6 उम्मीदवारों में भाजपा के प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर, कांग्रेस की प्रतिमा सिंह, राष्ट्रीय लोक नीति पार्टी की अंबिका श्याम, हिमाचल जनक्रांति पार्टी के मुंशी राम ठाकुर और निर्दलीय उम्मीदवार अनिल कुमार व सुभाष मोहन स्नेही है। अर्की विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी रतन सिंह पाल, कांग्रेस पार्टी के संजय अवस्थी और निर्दलीय जीतराम प्रत्याशी हैं, जबकि फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के बलदेव ठाकुर, कांग्रेस के भवानी सिंह पठानिया, हिमाचल जनक्रांति पार्टी के पंकज कुमार और निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. अशोक कुमार सोमल को डॉक्टर राजेंद्र सुशांत शामिल है। जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से 4 उम्मीदवारों में भाजपा की नीलम सरैईक, कांग्रेस के रोहित ठाकुर, भाजपा से बागी होकर निर्दलीय खड़े चेतन सिंह बरागटा और सुमन कदम शामिल है।

जुब्बल-कोटखाई से निर्दलीय खड़े हुए चेतन बरागटा।

जुब्बल-कोटखाई से निर्दलीय खड़े हुए चेतन बरागटा।

उप चुनावों को लेकर हुई स्थिति साफ
हिमाचल में उप चुनावों को लेकर प्रत्याशियों की स्थिति और साफ हो गई। 13 अक्टूबर नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन था, लेकिन किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया। ऐसे में अब प्रत्याशी चुनाव में उतरेंगे। जुब्बल-कोटखाई में चेतन बरागटा भाजपा से बागी होकर निर्दलीय खड़े हैं। जबकि फतेहपुर में भी डॉ. राजन सुशांत भाजपा की तरफ से पहले सांसद रह चुके हैं। ऐसे में भाजपा की ही चिंता इन उप-चुनावों में ज्यादा बड़ी है। कांग्रेस की ओर से कोई भी बागी निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ रहा।

अर्की में अब भितरघात का बड़ा खतरा
अर्की विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व में दो बार विधायक रहे गोविंद राम शर्मा निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले थे, लेकिन नामांकन भरने के अंतिम दिन अनुराग ठाकुर ने अर्की पहुंचकर उन्हें शांत करवाया। अर्की में अब ना तो भाजपा का कोई बागी नेता निर्दलीय खड़ा है ना ही कांग्रेस का। अब केवल दोनों पार्टियों को भितरघात का खतरा है, लेकिन खुलकर कोई भी सामने नहीं आ रहा। कांग्रेस के प्रत्याशी संजय अवस्थी को टिकट मिलने के बाद हुए बवाल के बाद ब्लॉक कांग्रेस अर्की की कमेटी को भंग कर दिया गया। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी के लिए कांग्रेस कमेटी से हटाए गए पदाधिकारी उपचुनावों में परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

अब वोटिंग का सभी को इंतजार।

अब वोटिंग का सभी को इंतजार।

जुब्बल कोटखाई में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ लग चुके हैं नारे
जुब्बल-कोटखाई में भाजपा की राह आसान नहीं है। यहां पर भाजपा के बागी नेता चेतन बरागटा निर्दलीय उतर चुके हैं और उन्हें सेब का चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो चुका है। ऐसे में यहां पर भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके समर्थक में काफी लोग उमड़ रहे हैं। एक विशाल रैली निकालकर समर्थकों ने शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ भी यहां पर जमकर नारेबाजी की। अब यहां पर भाजपा और कांग्रेस का नहीं त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है। फिलहाल अब यहां पर देखना यह है कि लोग किसे वोट डालते हैं, क्योंकि जुब्बल-कोटखाई हमेशा ही कांग्रेस का गढ़ रहा है और भाजपा को यहां पर वैसे ही अपने प्रत्याशी को जीत दिलवाना आसान नहीं। लेकिन अब जिस तरह से उनके बागी नेता चेतन बरागटा निर्दलीय खड़े हो गए हैं ऐसे में यहां पर भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैईक को जीतने के लिए दिन-रात एक करना होगा।

खबरें और भी हैं…

हिमाचल | दैनिक भास्कर

About R. News World

Check Also

पहले मतदाता वोट डालने को तैयार: विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के पहले मतदाता श्याम सरण नेगी डालेंगे वोट, केंद्रीय व्यय पर्यवेक्षक ने की मुलाकात

किन्नौर14 मिनट पहले कॉपी लिंक श्याम सरण नेगी से मुलाकात करते हुए। विश्व के सबसे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *