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एशिया के सबसे बड़े फार्मा हब में नशे का कारोबार: पावंटा के बाद बद्दी के मैग्नाटेक फार्मा के रिकॉर्ड के मिली गड़बड़ी, ड्रग विभाग ने रोका प्रोडक्शन, NDPS का मामला दर्ज

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बद्दी10 घंटे पहले

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मैग्नाटेक फार्मा कंपनी एटीजोलेम दवा का भी उत्पादन करती है।

एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब अब नशे के कारोबार से जुड़ता हुआ नजर आ रहा है। पांवटा के बाद अब इंडस्ट्री एरिया बद्दी के मैग्नाटेक फार्मा उद्योग नशे के लिए गोलियों के अवैध उत्पादन के तार जुड़ चुके हैं।

राज्य ड्रग विभाग की सिफारिश पर पुलिस थाना बद्दी में मैग्नाटेक उद्योग के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 22,25,26,29 और आईपीसी की धारा 420,120बी का मामला दर्ज कर लिया है। ड्रग विभाग ने उद्योग की प्रोडक्शन रोकते हुए माल को फ्रीज कर लिया है। DSP नवदीप सिंह ने बताया कि इस मामले की राज्य ड्रग विभाग व बद्दी पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। रिकार्ड खंगाला जा रहा है।

ऐसे हुआ खुलासा…

प्रदेश के उद्योगों में लगातार नशीली दवाइयों के उत्पादन के मामले सामने आने के बाद 5 टीमों का गठन किया गया था। यह टीम में नारकोटिक्स व साइकॉट्रोपिक्स दवाओं का उत्पादन करने वाले उद्योगों का रिकार्ड खंगाल रही है। जब टीम जांच करते हुए मैग्नाटेक उद्योग में पहुंची जो एटीजोलेम दवा का भी उत्पादन करती है। मार्च माह में एंटीजोला दवा को भी एनडीपीएस एक्ट के तहत शामिल कर लिया गया है।

इसका उपयोग नशे के लिए भी किया जाता है। यह दवा नींद के लिए इस्तेमाल की जाती है। मैगनाटेक उद्योग में भी इस दवा का उत्पादन हो रहा था। उद्योग भी मुनाफाखोरी के लिए लाइसेंस का दुरुपयोग करने लगा था। इससे पूर्व भी पांवटा साहिब स्थित यूनिक फार्मूलेशन व ओरिसन फार्मा में नशीली दवाओं के उत्पादन का खुलासा हुआ था। इन दोनों कपंनियों की जांच चल रही है।

मैगनाटेक उद्योग में ड्रग विभाग की स्पॉट इंस्पेक्शन हुई थी। जिसकी जांच के दौरान कई खामियां पाई गई। कंपनी को नोटिस जारी करते हुए उत्पादन पर रोक लगा दी गई है। बद्दी थाना के तहत एनडीपीएस का मामला दर्ज करवा दिया गया है, जांच जारी है। -मनीष कपूर, डिप्टी ड्रग कंट्रोलर

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