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कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने कंपनियों की जद्दोजहद: एपल ने बुलाया तो कर्मचारियों की दो टूक, कहा- हमें परिवार या कंपनी में से एक को चुनना होगा

न्यूयॉर्क14 मिनट पहले

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एपल के दुनिया भर में 1.47 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं।

युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन ड्राइव के चलते कई देशों में हालात सामान्य हो रहे हैं। ऐसे में कंपनियां धीरे-धीरे कर्मचारियों को दफ्तरों में बुला रही हैं, लेकिन कर्मचारी इसके लिए अभी तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों के ऐसे ही विद्रोह से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एपल जूझ रही है।

‘द वर्ज’ की खबर के मुताबिक बीते हफ्ते एपल सीईओ टिम कुक ने कर्मचारियों को भेजे मेल में उनसे सितंबर से हफ्ते में तीन दिन (सोमवार, मंगलवार और गुरुवार) दफ्तर से काम करने के लिए कहा है। साथ ही कर्मचारी हफ्ते में दो दिन और साल में दो हफ्ते दूरस्थ इलाकों से भी काम कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए मैनेजर की अनुमति लेनी होगी। इस पत्र में कुक ने कर्मचारियों को वैक्सीन लेने के लिए भी प्रेरित किया है।

इस पत्र के जवाब में 2800 कर्मचारियों के समूह ‘रिमोट वर्क एडवोकेट्स’ ने टिम कुक को पत्र लिखा है। इस पत्र को 80 कर्मचारियों ने मिलकर तैयार किया है। इन्होंने लिखा, हमें लगता है कि मौजूदा नीति हमारी कई जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस नई नीति और कम्युनिकेशन ने हमारे कई साथियों को नौकरी छोड़ने के लिए विवश कर दिया है। हम ऑफिस लौटे बिना अपनी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।

पिछला साल हमारी कंपनी के लिए एक अभूतपूर्व चुनौती लेकर आया था। ऐसे में हमने दूरदराज इलाकों में रहकर एपल जैसे उत्पाद के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण सर्विस की डिलीवरी करना सीखा और हमने यह करके दिखाया भी। हम महसूस कर रहे हैं कि फ्लेक्सिबल वर्क कल्चर पर एग्जीक्यूटिव टीम और रिमोट इलाकों में काम कर रहे कर्मचारियों के विचारों के बीच तालमेल नहीं है।

लचीली पॉलिसी के बिना हममें से ज्यादातर यह महसूस करते हैं कि हमें अपने परिवारों के बीच तालमेल, हमारी भलाई और अपना श्रेष्ठ काम करने के लिए सशक्त होने या एपल का हिस्सा बने रहने में से किसी एक को चुनना होगा। यह ऐसा निर्णय है, जिसे हममें से कोई हल्के में नहीं लेता है। कई लोग इसे पसंद नहीं करेंगे। इन चिंताओं ने बड़े पैमाने पर हमें इन नीतियों में बदलाव की वकालत करने के लिए प्रेरित किया है।

उल्लेखनीय है कि एपल के दुनिया भर में 1.47 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। सिर्फ उसके कैलिफोर्निया स्थित हेडक्वार्टर में ही 12 हजार लोग काम करते हैं। हेडक्वार्टर में एक कर्मचारी की औसत सैलरी करीब 91 लाख रुपए है।

विरोध के बाद गूगल 20% स्टाफ को परमानेंट वर्क फ्रॉम होम दे चुका है
एपल के अलावा गूगल को भी अपने कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने पर ऐसे ही विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके बाद मई में गूगल ने घोषणा की थी कि कंपनी का 20% स्टाफ हमेशा के लिए वर्क फ्रॉम होम करेगा। वहीं, फेसबुक के मार्क जकरबर्ग ने वर्क फ्रॉम होम को भविष्य बताया है। उन्होंने सभी वर्कर्स से कहा है कि वे हमेशा के लिए वर्क फ्रॉम होम ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने मैनेजर की अनुमति लेनी होगी। ऐसी ही घोषणा ट्विटर भी कर चुका है।

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