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कोरोना की जांच: कोविड मरीजों के 7 टेस्ट के रेट तय, एचआरसीटी चेस्ट के टेस्ट के 2100 रुपए वसूलेगा प्राइवेट अस्पताल

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पंचकूला2 घंटे पहले

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प्राइवेट अस्पतालाें में काेविड मरीजाें के इलाज के पैकेज बनाने के बाद अब 7 ऐसे टेस्ट के रेट भी तय कर दिए गए हैं, जिनके प्राइवेट अस्पताल कई गुणा ज्यादा पैसे वसूल कर रहा था। सबसे बड़ी राहत मरीजाें काे एचआरसीटी चेस्ट के टेस्ट में तय रेट काे लेकर मिली है।

प्राइवेट अस्पतालाें में काेविड मरीजाें का एचआरसीटी चेस्ट का टेस्ट करवाने के लिए 4 हजार से 7200 रुपए तक वसूले जा रहे थे। जिसके बाद सरकार ने जाे रेट तय किए थे, उसके हिसाब से प्राइवेट अस्पताल भी एचआरसीटी चेस्ट के लिए 2100 रुपए वसूलेगा। अगर इससे ज्यादा रुपए काेई भी प्राइवेट अस्पताल वसूल करता है ताे उसके खिलाफ विभाग पेंडेमिक एक्ट और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं, सरकार की ओर से कुल 7 टेस्ट के रेट तय किए गए है, जिसमें आईएल-6 टेस्ट के 1000 रुपए, डी-डीआईएमईआर टेस्ट के 400 रुपए, एलडीएच टेस्ट के 250 रुपए, सीआरपी टेस्ट के 350 रुपए, प्राेकैल्सिटाेनिन टेस्ट के 1500 रुपए और फेरिटिन टेस्ट के लिए 300 रुपए तय किए।

अगर प्राइवेट अस्पताल इन टेस्ट के रेट मरीजाें से ज्यादा वसूल करता है ताे मरीज इसकी शिकायत विभाग काे जरूर करें। प्राइवेट अस्पतालाें की मनमानी जारी है। सरकार की ओर से जाे पैकेज और रेट काेविड मरीजाें के लिए तय किए जा रहे हैं, उनकी लिस्ट डिसप्ले तक नहीं की जा रही है। सिर्फ खानापूर्ति के लिए छाेटे पेपर पर काउंटर के पास लिस्ट चिपका रहे थे, जाे विजिबल नहीं थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने खुद बड़े बैनर प्राइवेट अस्पतालाें में लगवाए। अब जाे टेस्ट के रेट तय किए है, उनकी भी प्राइवेट अस्पताल लिस्ट नहीं लगा रहे हैं। जिसके बाद विधानसभा स्पीकर ने एडीसी पंचकूला काे इस मामले में कार्रवाई करने काे कहा है। उन्हाेंने हर अस्पताल में इन रेट काे डिसप्ले करवाने के लिए बैनर लनाने काे कहा है।

शनिवार को 71 मामले आए, 4 की माैत

शनिवार काे पिछले दाे महीने के सबसे कम 71 मरीज पाॅजिटिव मिले। हालांकि, अब पिछले तीन-चार दिनाें से पहले से कम सैंपल लिए जा रहे हैं। शनिवार काे चार मरीजाें की माैत हाे गई। इसमें रायपुररानी निवासी 68 साल की बुजुर्ग महिला है, जिसे पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन की बीमारी थी। कालका निवासी 67 साल के व्यक्ति और सेक्टर-17 निवासी 54 साल की महिला काे काेई बीमारी नहीं थी। वहीं, सेक्टर-9 निवासी 48 साल के व्यक्ति डायबिटीज, हाइपरटेंशन और किडनी की बीमारी से ग्रस्त था।

^प्राइवेट अस्पतालाें के बिलाें की कमेटी जांच कर रही है। अब सरकार की ओर से कुछ टेस्ट के रेट भी तय किए है। अगर प्राइवेट अस्पताल अभी भी ज्यादा रुपए इन टेस्टाें के ले रहा है ताे नाेडल ऑफिसर काे चेकिंग के लिए बाेल रही हूं। वहां पर जाे मरीज एडमिट है, उनके बिल भी चेक करवाऊंगी। अगर हमें काेई ऐसा बिल मिलता है, जिसमें इन टेस्टाें के ज्यादा रेट वसूले गए हैं, ताे उस की जांच होगी। ऐसे में प्रशासन काे अस्पताल के खिलाफ पेंडेमिक और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए लिखा जाएगा।
– डाॅ. जसजीत काैर, सीएमओ पंचकूला

प्राइवेट अस्पतालाें की शिकायतें आ रही थी कि ये सरकार की ओर से बने पैकेज काे डिसप्ले नहीं कर रहे है। एचआरसीटी चेस्ट के अलावा कुल 7 टेस्ट के भी सरकार ने रेट तय किए है। हमें पता चला है कि अभी भी कुछ अस्पताल पुराने रेट पर ही काेविड के मरीजाें के टेस्ट कर रहे हैं। इसकी जांच के लिए सीएमओ काे मैंने बाेल दिया है। रही बात टेस्ट के रेट डिसप्ले करवाने की ताे मैं एडीसी काे इस बारे में बाेल रहा हूं। जिस तरह से पैकेज रेट के बैनर लगाए है, उस तरह से टेस्ट के रेट भी अस्पतालाें में लगवाए जाएं।
-ज्ञान चंद गुप्ता, विधानसभा स्पीकर, हरियाणा

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