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कोरोना संक्रमण की मार स्टडी पर: कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो सालों में चंडीगढ़ से विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स 52 फीसदी कम हुए

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चंडीगढ़11 घंटे पहले

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विदेश जाकर स्टडी करने वालों के लिए वैक्सीन की डोज लगाना जरूरी किया गया है। डेमो फोटो

  • विदेश जाने की इच्छा रखने वाले स्टूडेंट्स का मौजूदा साल भी खराब, अब अगले साल जनवरी में ही मौका

शहर में कोरोना संक्रमण के कारण कई लोगों को अपने सपने साकार करने के लिए विदेश जाने की चाह पर रोक लगानी पड़ी है। 12वीं के बाद विदेश जाकर स्टडी करने, करियर बनाने के सपनोें पर कोरोना ने कसकर लगाम लगा दी है। इसका असर चंडीगढ़ में भी देखने को मिला है, जहां से हर साल बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स कैनेडा, यूएस व अन्य देशों में जाते हैं।

पिछले साल चंडीगढ़ से विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स में 52 फीसदी की कमी आई है, 2020 में 13हजार 988 स्टूडेंट ही विदेश जा सके। यह पिछले 5 साल में सबसे कम है। विदेश जाने की इच्छा रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए मौजूदा साल भी खराब हो गया है, क्योंकि अभी तक 12वीं के रिजल्ट घोषित नहीं हुए हैं। जबकि विदेश की यूनिवर्सिटीज की दो बड़ी डिमांड हैं- 12वीं की डिटेल्ट मार्कशीट और वैक्सीनेशन। इन दोनों की मामलों में हमारे स्टूडेंट्स खरे नहीं उतर रहे हैं। जिन स्टूडेंट्स को 12वीं के बाद विदेश पढ़ने जाना था, उनके लिए इस साल का आखिरी मौका लगभग मिस हो गया है।

कैनेडा, यूएस और अन्य देशों में सितंबर से नया सेशन शुरू होता है, जिसका प्रोसेस कई महीने पहले ही चालू हो जाता है। दूसरी तरफ, कोरोना के कारण सीबीएसई और अन्य राज्यों के एजुकेशन बोर्ड ने 12वीं के रिज़ल्ट ही डिक्लेयर नहीं किए हैं। अभी यह भी तय नहीं है कि रिज़ल्ट कब घोषित होंगे। ऐसे में अगर अगले महीने सर्टिफिकेट मिल भी जाता है तो बाकी का प्रोसेस सितंबर तक पूरा नहीं हो सकेगा।

आईलेट्स के एग्जाम भी बंद हैं, जो क्लीयर किए बिना बच्चे विदेश जा नहीं सकते। अब अगला सेशन जनवरी से शुरू होगा और स्टूडेंट्स को उसी के लिहाज से तैयारी करनी होगी।}इन स्टूडेंट्स के पास अभी भी मौका…करियर काउंसलर पुनीता सिंह के अनुसार सितंबर का इनटेक मिस हो चुका है। यूएसए और कैनेडा की कई यूनिवर्सिटीज ने 9वीं से 11वीं के मार्क्स के आधार पर अप्लाई करने की इजाजत दे दी थी। ऐसे में कई स्टूडेंट्स ने पेपर वर्क शुरू कर दिया था। अब उन्हें 12वीं के सर्टिफिकेट का इंतजार है, जिसके बिना वे विदेश नहीं जा सकेंगे।

अगर सीबीएसई जुलाई में रिजल्ट डिक्लेयर कर दे और वक्त पर मार्कशीट्स मिले तो वे विदेश जा सकेंगे। कोरोना के कारण पिछले साल चंडीगढ़ से बहुत कम स्टूडेंट्स विदेश जा सके थे। मार्च 2020 में पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन लग गया था और फिर लगभग 5-6 महीने तक इंटरनेशनल फ्लाइट्स बंद थीं। कोरोना की वजह से चंडीगढ़ से विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में 52 फीसदी कमी आई है।

वैक्सीनेशन भी एक बड़ी समस्या

विदेश जाने वाले वाले स्टूडेंट्स के लिए वैक्सीनेशन भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। जिन स्टूडेंट्स के वीजा आ चुके हैं और वे जाने की तैयारी में हैं तो उन्हें यूनिवर्सिटीस ने वैक्सीन कंप्लसरी कर दी है। वे बिना वैक्सीन लगवाए फॉरन यूनिवर्सिटीज में दाखिल नहीं हो सकेंगे। को-वैक्सीन को मान्यता नहीं मिली है, केवल कोविशील्ड ही लगवानी होगी।

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चंडीगढ़ | दैनिक भास्कर

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