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कोवैक्सिन को लेकर बड़ी खबर: भारत बायोटेक ने DCGI को वैक्सीन के फेज-3 के क्लीनिकल ट्रायल का डेटा सौंपा; एक्सपर्ट पैनल की अहम मीटिंग आज

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  • Covaxin COVID 19 Vaccine | Bharat Biotech Submits Covaxin Phase 3 Clinical Trial Data To DCGI

नई दिल्लीएक घंटा पहले

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हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने अपनी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन का फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल का डेटा सरकार को सौंप दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया कि कोवैक्सिन के तीसरे चरण का डेटा बीते वीकेंड ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को सौंप दिया गया।

ट्रायल के रिजल्ट पर चर्चा के लिए DGCI की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) की अहम मीटिंग मंगलवार को हो सकती है। हालांकि, अब तक यह डेटा किसी जानेमाने जर्नल में पब्लिश नहीं हुआ है। स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन को भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर डेवलप किया है।

डेटा पर उठते रहे हैं सवाल
कोवैक्सिन के फेज-3 ट्रायल डेटा को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने कुछ दिनों पहले कहा था कि कंपनी वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर 9 रिसर्च पेपर प्रकाशित कर चुकी है। 11 जून को नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने भी कहा था कि जल्द ही कोवैक्सिन के तीसरे चरण के ट्रायल के आंकड़े भी पब्लिश हो जाएंगे।

मार्च में जारी किया था प्रारंभिक रिजल्ट
इससे पहले मार्च में भारत बायोटेक ने फेज-3 ट्रायल के अंतरिम रिजल्ट जारी किए थे। प्रारंभिक आंकड़ों के हवाले से बताया गया था कि कोवैक्सिन कोरोना संक्रमण से बचाने में 81% तक कारगर है। वहीं, वैक्सीन संक्रमण के बाद गंभीर बीमारियों या हॉस्पिटल में भर्ती होने से 100% बचाव करती है।

WHO ने EOI मंजूर किया
इससे पहले भारत बायोटेक के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने स्वीकार कर लिया था। कोवैक्सिन को अप्रूवल दिलाने के लिए कंपनी ने 19 अप्रैल को EOI सब्मिट किया था। मामले में अब प्री-सब्मिशन मीटिंग 23 जून को होगी।

WHO के इमरजेंसी यूज अप्रूवल की क्या अहमियत है?

  • WHO की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग में महामारी जैसी पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी में हेल्थ प्रोडक्ट की सेफ्टी और इफेक्टिवनेस को जांचा जाता है। WHO ने फाइजर की वैक्सीन को 31 दिसंबर 2020 को, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को 15 फरवरी 2021 को और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को 12 मार्च को इमरजेंसी यूज अप्रूवल दिया था।
  • WHO के मुताबिक इमरजेंसी स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द दवा, वैक्सीन और डायग्नोस्टिक टूल्स विकसित करना और अप्रूव करना जरूरी है। वह भी सेफ्टी, एफिकेसी और क्वालिटी के मानकों पर खरा रहते हुए। यह असेसमेंट महामारी के दौरान व्यापक स्तर पर लोगों के लिए इन प्रोडक्ट्स की उपयोगिता सुनिश्चित करता है।

जुलाई से सितंबर के बीच अप्रूवल मिलने की उम्मीद
कोवैक्सिन को जुलाई से सितंबर के बीच WHO से इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिल सकती है। कंपनी ने बताया कि 60 देशों में कोवैक्सिन के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल्स की प्रॉसेस चल रही है। इनमें कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका और ब्राजील भी शामिल हैं। अप्रूवल के लिए WHO-जिनेवा में भी एप्लीकेशन दे दी गई है।

कंपनी के मुताबिक, कोवैक्सिन को अब तक 13 देशों में मंजूरी मिल चुकी है। ज्यादातर देश अपने यहां आ रहे लोगों के वैक्सीनेशन पर जोर दे रहे हैं। जिन्हें टीका नहीं लगा है, वे RT-PCR टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट के साथ यात्रा कर सकते हैं।

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