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गाना कम, ड्रामा ज्यादा: रियलिटी शोज की हकीकत, मोटिवेट करने के नाम पर चलता रहता है झूठी तारीफ और कहानियों का खेल

8 घंटे पहलेलेखक: मनीषा भल्ला

  • स्क्रिप्ट लिखी जाती है, डायलॉग दिए जाते हैं और सेलेब्स डांस रिहर्सल भी होती है
  • ‘इंडियन आइडल’ को काम आ रहीं कंट्रोवर्सी, लगातार पॉपुलर शोज में शामिल

राजस्थान के रहने वाले सवाई भाट के बाहर होने के बाद से एक बार सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर इसकी जमकर आलोचना हो रही है और इसे स्क्रिप्टेड शो बताया जा रहा है। वैसे हकीकत भी यही कि ‘इंडियन आइडल’ जैसे सिंगिंग या किसी भी रियलिटी शो का असली मकसद दर्शकों का मनोरंजन करना होता है और इसमें ड्रामा शामिल करने के लिए कुछ झूठी कहानियां भी गढ़ी जाती हैं। वास्तव में इस तरह के शो लाइव नहीं होते। इसकी बाकायदा स्क्रिप्ट लिखी जाती है। कहीं किसी ने स्क्रिप्ट के बाहर कुछ बोल दिया तो वह एडिट भी हो जाता है।

अमित कुमार और सुनिधि चौहान ने खोला कच्चा चिट्ठा
पिछले महीने सिंगर अमित कुमार ने यह सरेआम बता दिया था कि ‘इंडियन आइडल’ में गेस्ट के तौर पर उन्हें कुछ कंटेस्टंट्स की झूठी तारीफ करने को कहा गया था। इसी शो के सीजन 5 और 6 में जज रह चुकीं सुनिधि चौहान ने भी बताया कि उन्हें कुछ कंटेस्टंट्स की झूठी तारीफ करने को बोला गया था। वो हर बार इस पर सहमत नहीं होती थीं, इसलिए उन्हें शो से अलग होना पड़ा।

‘इंडियन आइडल 12’ के एक एपिसोड के दौरान अमित कुमार।

‘इंडियन आइडल’ के पहले सीजन के विजेता अभिजीत सावंत ने भी बताया कि अबभी बता चुके हैं कि अब कंटेस्टंट्स की सिंगिंग से ज्यादा फोकस उनकी दुख दर्द भरी कहानियों और ड्रामा पर हो गया है।

कॉन्ट्रैक्ट होने की वजह से वर्तमान कंटेस्टेंट और गेस्ट मीडिया से बात नहीं करते पर कुछ पूर्व कंटेस्टेंट और जज ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि लोगों की भावना जगाने के लिए पूरा ड्रामा रचा जाता है ।

कोई स्क्रिप्ट से बाहर बोल दे तो एडिटिंग होती है
शो में कौन किसको कब क्या बोलेगा या बोलेगी, इसकी पूरी स्क्रिप्ट होती है। अगर कोई स्क्रिप्ट के बाहर का भी कुछ बोल दे तो वह हिस्सा एडिट हो जाता है। महज 30-40 मिनट के शो की शूटिंग आठ-आठ घंटे चलती है। कौन से एपिसोड में किस कंटेस्टेंट को आगे बढ़ाना है, यह भी पहले से तय होता है। सबको खास हिदायत दी जाती है कि हर वक्त सबके लिए अच्छा ही बोलना है।

सेलेब्स को अपने गाने के स्टेप्स याद नहीं होते
शो में दिखाया जाता है कि गेस्ट सेलेब्स को जज या कोई कंटेस्टेंट रिक्वेस्ट करता है कि आपके पुराने हिट गाने पर डांस कीजिए और सेलेब्स मान लेते है। ये सेलेब्स खुद अपना गाना सुनकर स्टेज पर आकर डांस करने लगते हैं । लोगों को मजा आ जाता है, पर यह सब छल होता है। सेलेब्स को अपने 20-30 साल पुराने स्टेप्स याद नहीं होते। इसलिए कोरियोग्राफर उन्हें रिहर्सल करवाता है। अगर गेस्ट सेलेब्रिटी को शो में डांस करना है तो उसकी पेमेंट अलग से दी जाती है।

नीलम और गोविंदा कुछ दिनों पहले 'इंडियन आइडल' में मेहमान बनकर पहुंचे थे।

नीलम और गोविंदा कुछ दिनों पहले ‘इंडियन आइडल’ में मेहमान बनकर पहुंचे थे।

कुछ दिनों पहले गोविंदा और नीलम शो में साथ आए थे और दोनों ने अपने एक गाने पर डांस भी किया था। दोनों को इस डांस के स्टेप्स की रिहर्सल करवाई गई थी। शो में सब कुछ परफेक्ट हो, उसके लिए इस तरह की कई तरकीब आजमाई जाती हैं।

केवल ग्रैंड फिनाले लाइव होता है
‘पद्मावत’ और ‘पीके’ जैसी फिल्मों गाना गा चुके ‘इंडियन आइडल’ के पांचवें सीजन के फाइनलिस्ट रहे स्वरूप खान ने दैनिक भास्कर को बताया कि सिर्फ ग्रैंड फिनाले का लाइव टेलीकास्ट होता है। उसे छोड़कर बाकी सभी एपिसोड प्री रिकॉर्डेड होते हैं। स्वरूप ने बताया कि सारे जजेस को और गेस्ट को बोला जाता है कि कंटेस्टंट्स को मोटिवेट करना है।

हालांकि स्वरूप मानते हैं कि इस शो ने वाकई उनका करियर बनाया है। वे कहते हैं, “हैं तो राजस्थानी फोक सिंगर हूं। लेकिन शो में बतौर कंटेस्टेंट हर तरह के गाने गाए । एक एपिसोड के दौरान राजकुमार हिरानी गेस्ट बन कर आए थे और उन्होंने ही ‘पीके’ में पहला मौका दिया।”
जज को बोला जाता है कि हौसला बढ़ाना है
‘ओम शांति ओम’ और ‘सा रे गा मा पा’ की कंटेस्टेंट रह चुकीं प्रिया मलिक ने बताया कि काफी मोमेंट्स पहले से तय किए जाते हैं।

‘डेढ़ इश्किया’ और ‘मनमर्जियां’ जैसी फिल्मों में गाने गा चुके जाजिम शर्मा ने बताते हैं, “कई दफा ऐसा हुआ है कि किसी का सुर ठीक नहीं था। फिर भी जज को बोला गया कि तारीफ ही करो।”

सिंगर जाजिम खान।

सिंगर जाजिम खान।

दर्शकों को भावुक करने के लिए ड्रामा
TRP के लिए किसी कंटेस्टेंट को बहुत गरीब दिखाकर ऐसा माहौल बनाया जाता है कि लोग एकदम भावुक हो जाएं। शो में जितना ज्यादा ड्रामा होता है, उतना ही लोग खूब देखते हैं। इसलिए सिंगिंग से ज्यादा ड्रामा महत्वपूर्ण हो गया है।

पूरा नहीं तो 20 प्रतिशत तो स्क्रिप्ट होता ही है
अपूर्वा बजाज ‘ओम शांति ओम’ की प्रोड्यूसर रह चुकी हैं। उनका ऐसा ही एक दूसरा शो भी आ रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा नहीं तो शो का 20 फीसदी हिस्सा तो स्क्रिप्ट के अनुसार ही होता है।

हमेशा झूठ बोलना पड़ता था, इसलिए शो छोड़ दिया
सिंगर जसपिंदर नरूला ने बताया कि रियलिटी शो में अब ड्रामा बढ़ता जा रहा है। किसी को गरीब या दिहाड़ी मजदूर दिखाने की स्टोरी गलत भी साबित हो चुकी हैं। लोगों के इमोशंस के साथ खेला जाता है।”

सोनी टेलिविजन का मौन
दैनिक भास्कर ने सोनी टेलिविजन से इस विवाद के बारे में उनका पक्ष जानने को चाहा। लेकिन सोनी टेलिविजन की और से कोई जवाब नहीं दिया गया।

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