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गिरफ्त में आतंकी अशरफ: पुलिस ने यूपी के लड़कों को पकड़ लिया है.. जवाब आया हां भाई, अब व्हाट्सएप चैट करेगी बड़े खुलासे

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में मौजूद पाकिस्तान आतंकी मोहम्मद अशरफ उर्फ अली अहमद नूरी ने पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा किया है। वह देश में हिंदू धर्म के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने और मुस्लिम युवाओं को जिहादी बनाने में लगा हुआ था। वह स्लीपर सेल, आतंकी व धर्म बदलने वाले की भूमिका निभा रहा था।

मो. अशरफ संस्था दाउते इस्लामिक का सक्रिय सदस्य था। इस संस्था के कार्यक्रमों में वह तकरीरें भी देने देश-विदेश जाता था। दूसरी तरफ मोहम्मद अशरफ के हैंडलर के सितंबर महीने में यूपी, दिल्ली व राजस्थान से पकड़े गए आतंकियों से भी संबंध थे। मो.अशरफ व हैंडलर की व्हाट्सएप चैटिंग से ये खुलासा हुआ है। 

स्पेशल सेल की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वह पाकिस्तान की कट्टरवादी संस्था दाउते इस्लामिक का सक्रिय सदस्य है। वह संस्था की कॉफ्रे रेंस में शामिल होता था। वह संस्था की कॉफ्रेरेंस में शामिल होने के लिए नेपाल, थाइलैंड व साउदी अरब गया है। वह इन देशों में शास्त्री नगर, दिल्ली के पत्ते पर बनवाए गए फर्जी पासपोर्ट से गया है।

भारत में वह संस्था के कार्यक्रमों में चेन्नई, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश व यूपी समेत कई राज्यों में गया है। इसे संस्था के कार्यक्रमों में तकरीरें देने के लिए बुलाया जाता था। ऐसे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये हिंदू धर्म के लोगों का धर्म परिवर्तन करवाने में लगा हुआ था। स्पेशल सेल ने धर्म परिवर्तन के मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी आतंकी से गहराई से पूछताछ करना शुरू कर दिया है। इसकी पूछताछ से गृहमंत्रालय को अवगत करा दिया है। 

दूसरी तरफ मो. अशरफ के हैंडलर  नासिर के सितंबर महीने में यूपी, राजस्थान व दिल्ली से पकड़े गए आतंकी ओसामा, जीशान, मूलचंद, मो. अबू बकर, समीर, और मो. आमिर जावेद से भी संबंध है। इस मोड्यूल को ओसामा का चाचा हुमैद उर रहमान व दुबई में बैठा चला रहा था। चाचा व पिता आईएसआई हैंडलर के संपर्क में थे। ये खुलासा मो. अशरफ व पाकिस्तान हैंडलर नासिर के बीच व्हाटसएप पर हुई चैटिंग से हुआ है।

हैंडलर नासिर ने जब कालिंदी कुंज यमुना घाट से हथियार की खेप लाने के लिए लिखा था उसी समय नासिर ने लिखा था कि दिल्ली पुलिस ने यूपी के लड़कों को पकड़ लिया है। इससे हमारा बहुत नुकसान हुआ है। विस्फोटक भी पकड़ा गया है। इस पर मो. अशरफ ने लिखा था कि हां भाई। मो. अशरफ अपने मोबाइल से व्हाट्सएप चैटिंग को डिलीट कर देता था। दिल्ली पुलिस उसे मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।  

पुलिस मुख्यालय की भी की थी रैकी
मोहम्मद अशरफ ने पूछताछ में ये भी खुलासा किया है कि वह वर्ष 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर बम धमाके करने वाले एक वांछित आतंकी गुलाम सरबर को जानता है और उसकी फोटो भी पहचानता है। आतंकी गुलाम सरबर ने उसे दिल्ली हाईकोर्ट की रैकी के अलावा बम धमाके करने वाली जगहों की रैकी करने को कहा था। उसने गुलाम के कहने पर दिल्ली हाईकोर्ट, आईटीओ स्थित पुराना दिल्ली पुलिस मुख्यालय, कनॉट प्लेस समेत करीब पांच-छह जगहों की रैकी की थी। 

जम्मू कश्मीर में बस बम धमाके में भी शामिल था
आरोपी आतंकी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वर्ष 2009 में जम्मू कश्मीर में बस में बम धमाका हुआ था। वह बस बम धमाके में भी शामिल था। दिल्ली पुलिस जम्मू कश्मीर के वारदातों के लिए उसे जम्मू कश्मीर ले जाने की तैयारी कर रही है। 

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