Breaking News

जम्मू-कश्मीर: आरटीपीसीआर की बढ़ेगी क्षमता, पांच जिलों में जल्द शुरू होंगी नई लैब

{“_id”:”60f9705d38326115b00051b9″,”slug”:”jammu-and-kashmir-capacity-of-rtpcr-will-increase-new-labs-will-start-soon-in-five-districts”,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”u091cu092eu094du092eu0942-u0915u0936u094du092eu0940u0930: u0906u0930u091fu0940u092au0940u0938u0940u0906u0930 u0915u0940 u092cu0922u093cu0947u0917u0940 u0915u094du0937u092eu0924u093e, u092au093eu0902u091a u091cu093fu0932u094bu0902 u092eu0947u0902 u091cu0932u094du0926 u0936u0941u0930u0942 u0939u094bu0902u0917u0940 u0928u0908 u0932u0948u092c”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”u0936u0939u0930 u0914u0930 u0930u093eu091cu094du092f”,”slug”:”city-and-states”}}

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 22 Jul 2021 06:49 PM IST

सार

ऑटोमेटिक मशीनों में प्रतिदिन 2000 टेस्ट करने की क्षमता। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य ढांचा किया जा रहा मजबूत।

 

कोरोना टेस्ट
– फोटो : सोशल मीडिया

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में कोविड चिकित्सा देखभाल प्रबंधन को मजबूत बनाया जा रहा है। प्रदेश में कोविड संक्रमित मामलों की जल्द पहचान के लिए रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पालीमर्स चैन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) कोविड टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इस टेस्ट में विभिन्न वेरियंट वाले कोविड संक्रमण की पुष्टि हो जाती है। इसके लिए जिला स्तर के अस्पतालों में पांच नई आरटीपीसीआर लैब को जल्द शुरू किया जा रहा है।

वर्तमान में जम्मू संभाग के नए मेडिकल कॉलेज राजोरी, कठुआ और डोडा के अलावा जीएमसी में आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके अलावा एमसीएच गांधीनगर में भी ये टेस्ट हो रहे हैं। लेकिन अन्य छह जिलों के आरटी-पीसीआर सैंपलों को निकटतम मेडिकल कॉलेजों में भेजा जाता है, जिससे उन जिलों की रिपोर्ट में देरी होती है। स्वास्थ्य विभाग आरटीपीसीआर टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाने के लिए नई लैब शुरू करने जा रहा है। इसमें जम्मू संभाग में ओल्ड अस्पताल गांधीनगर और जिला अस्पताल उधमपुर में नई लैब खोली जाएंगी।

इसी तरह कश्मीर में जेएलएनएम श्रीनगर, जिला अस्पताल गांदरबल और पुलवामा में नई लैब शुरू होंगी। अभी तक मेडिकल कॉलेजों पर ही आरटीपीसीआर टेस्ट का लोड है। जीएमसी जम्मू में कोवास अत्याधुनिक मशीन में प्रतिदिन 2000 आरटीपीसीआर टेस्ट करने की क्षमता है। एमसीएच अस्पताल गांधीनगर में प्रतिदिन 900-1000 टेस्ट करने की क्षमता है। लेकिन नई लैब के शुरू होने पर अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट करने से संक्रमण का जल्द पता चल सकेगा। जिससे मरीजों को उचित कोविड देखभाल सुविधाएं मिल सकेंगी।

यह भी पढ़ें- कत्ल…जिससे सब सिहर उठे: गांव में था ईद का उत्सव, खेत में भाई के साथ पत्नी का गला रेत रहा था पति

फिलहाल एक दिन में मिल रही रिपोर्ट
वर्तमान में टेस्टिंग सैंपल कम होने से एक ही दिन में रिपोर्ट मिल रही है। लेकिन कोविड के पीक पर होने के दौरान जीएमसी में आरटीपीसीआर टेस्ट के नतीजों के लिए मरीजों को 5-7 दिन तक भी इंतजार करना पड़ा था। उस समय संभाग के विभिन्न जिलों के सैंपल का जीएमसी पर लोड था। सामान्य तौर पर आरटीपीसीआर की ऑटोमेटिक मशीन पर प्रतिदिन 2000 और मैनुअल मशीन पर प्रतिदिन 1000 टेस्ट करने की क्षमता होती है।

आरटीपीसीआर टेस्टिंग बढ़ने से संक्रमण पर जल्द नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। इसके साथ मरीजों को भी समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। – अटल डुल्लू, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग

विस्तार

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में कोविड चिकित्सा देखभाल प्रबंधन को मजबूत बनाया जा रहा है। प्रदेश में कोविड संक्रमित मामलों की जल्द पहचान के लिए रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पालीमर्स चैन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) कोविड टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इस टेस्ट में विभिन्न वेरियंट वाले कोविड संक्रमण की पुष्टि हो जाती है। इसके लिए जिला स्तर के अस्पतालों में पांच नई आरटीपीसीआर लैब को जल्द शुरू किया जा रहा है।

वर्तमान में जम्मू संभाग के नए मेडिकल कॉलेज राजोरी, कठुआ और डोडा के अलावा जीएमसी में आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके अलावा एमसीएच गांधीनगर में भी ये टेस्ट हो रहे हैं। लेकिन अन्य छह जिलों के आरटी-पीसीआर सैंपलों को निकटतम मेडिकल कॉलेजों में भेजा जाता है, जिससे उन जिलों की रिपोर्ट में देरी होती है। स्वास्थ्य विभाग आरटीपीसीआर टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाने के लिए नई लैब शुरू करने जा रहा है। इसमें जम्मू संभाग में ओल्ड अस्पताल गांधीनगर और जिला अस्पताल उधमपुर में नई लैब खोली जाएंगी।

इसी तरह कश्मीर में जेएलएनएम श्रीनगर, जिला अस्पताल गांदरबल और पुलवामा में नई लैब शुरू होंगी। अभी तक मेडिकल कॉलेजों पर ही आरटीपीसीआर टेस्ट का लोड है। जीएमसी जम्मू में कोवास अत्याधुनिक मशीन में प्रतिदिन 2000 आरटीपीसीआर टेस्ट करने की क्षमता है। एमसीएच अस्पताल गांधीनगर में प्रतिदिन 900-1000 टेस्ट करने की क्षमता है। लेकिन नई लैब के शुरू होने पर अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट करने से संक्रमण का जल्द पता चल सकेगा। जिससे मरीजों को उचित कोविड देखभाल सुविधाएं मिल सकेंगी।

यह भी पढ़ें- कत्ल…जिससे सब सिहर उठे: गांव में था ईद का उत्सव, खेत में भाई के साथ पत्नी का गला रेत रहा था पति

फिलहाल एक दिन में मिल रही रिपोर्ट

वर्तमान में टेस्टिंग सैंपल कम होने से एक ही दिन में रिपोर्ट मिल रही है। लेकिन कोविड के पीक पर होने के दौरान जीएमसी में आरटीपीसीआर टेस्ट के नतीजों के लिए मरीजों को 5-7 दिन तक भी इंतजार करना पड़ा था। उस समय संभाग के विभिन्न जिलों के सैंपल का जीएमसी पर लोड था। सामान्य तौर पर आरटीपीसीआर की ऑटोमेटिक मशीन पर प्रतिदिन 2000 और मैनुअल मशीन पर प्रतिदिन 1000 टेस्ट करने की क्षमता होती है।

आरटीपीसीआर टेस्टिंग बढ़ने से संक्रमण पर जल्द नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। इसके साथ मरीजों को भी समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। – अटल डुल्लू, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग

Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | – Amar Ujala

About R. News World

Check Also

Kargil Vijay Diwas 2021: जांबाज रतन चंद की शौर्यगाथा, शहीद होने के दो दिन बाद घर पहुंचा था एक खत, जानिए क्या कहती हैं उनकी पत्नी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 26 Jul 2021 10:26 …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *