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जम्मू-कश्मीर: कोविड पर पश्चिमी मीडिया में भारत को लेकर की गईं नकारात्मक खबरें, सर्वे में 82 फीसदी मीडिया कर्मियों ने दी राय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/नई दिल्ली।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 18 Jul 2021 01:10 PM IST

सार

51 फीसदी लोगों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति इसका कारण थी, जबकि 47 फीसदी ने कहा कि यह भारत की आंतरिक राजनीति के कारण हुआ। सर्वे में यह भी सामने आया कि पश्चिमी मीडियो की भारत की छवि खराब करने से संबंधित खबरों को 63 फीसदी लोगों ने सोशल मीडिया पर फारवर्ड या शेयर नहीं किया।

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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देशभर के मीडिया कर्मियों पर कराए गए सर्वे के अनुसार भारत में कोरोना महामारी पर कवरेज के मामले में पश्चिमी मीडिया की भूमिका पक्षपातपूर्ण रही है। यह सर्वे भारतीय जनसंचार संस्थान की ओर से देशभर से 529 पत्रकारों, मीडिया शिक्षकों और मीडिया शोधार्थियों की राय लेने के लिए किया गया था।

सर्वे में भाग लेने वाले 82 फीसदी लोगों ने कहा कि पश्चिमी मीडिया ने अपनी खबरों के माध्यम से जो तस्वीर पेश की, वह तटस्थ नहीं थी। 60 फीसदी ने कहा कि यह भारत की छवि खराब करने से प्रेरित एक एजेंडे के तहत की गई कवरेज थी। 71 फीसदी का मानना था कि पश्चिमी मीडिया की कवरेज में संतुलन नहीं था। यह सर्वे भारतीय जनसंचार संस्थान के आउटरीच विभाग की ओर से जून 2021 में किया गया।

संस्थान के महानिदेशक संजय द्विवेदी के अनुसार सर्वे में शामिल 21 फीसदी प्रतिभागियों का मानना था कि भ्रामक खबरों का सिलसिला तब शुरू हुआ जब भारत ने कोरोना रोधी वैक्सीन के परीक्षण की घोषणा की।
 

विस्तार

देशभर के मीडिया कर्मियों पर कराए गए सर्वे के अनुसार भारत में कोरोना महामारी पर कवरेज के मामले में पश्चिमी मीडिया की भूमिका पक्षपातपूर्ण रही है। यह सर्वे भारतीय जनसंचार संस्थान की ओर से देशभर से 529 पत्रकारों, मीडिया शिक्षकों और मीडिया शोधार्थियों की राय लेने के लिए किया गया था।

सर्वे में भाग लेने वाले 82 फीसदी लोगों ने कहा कि पश्चिमी मीडिया ने अपनी खबरों के माध्यम से जो तस्वीर पेश की, वह तटस्थ नहीं थी। 60 फीसदी ने कहा कि यह भारत की छवि खराब करने से प्रेरित एक एजेंडे के तहत की गई कवरेज थी। 71 फीसदी का मानना था कि पश्चिमी मीडिया की कवरेज में संतुलन नहीं था। यह सर्वे भारतीय जनसंचार संस्थान के आउटरीच विभाग की ओर से जून 2021 में किया गया।

संस्थान के महानिदेशक संजय द्विवेदी के अनुसार सर्वे में शामिल 21 फीसदी प्रतिभागियों का मानना था कि भ्रामक खबरों का सिलसिला तब शुरू हुआ जब भारत ने कोरोना रोधी वैक्सीन के परीक्षण की घोषणा की।

 

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