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डिप्रेशन दूर करने का नया तरीका: हंसाने वाली लाफिंग गैस से दूर होगा डिप्रेशन, जिन पर दवा भी काम नहीं करती उन पर भी यह गैस असरदार

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शिकागो9 घंटे पहले

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वैज्ञानिकों का कहना है, यह तरीका डिप्रेशन से जूझने वाले ऐसे मरीजों के लिए भी असरदार है जिन पर एंटी-डिप्रेसेंट दवाओं का असर नहीं होता।

शिकागो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने डिप्रेशन दूर करने का नया तरीका बताया है। वैज्ञानिकों का कहना है, दो हफ्तों तक नाइट्रस ऑक्साइड यानी लाफिंग गैस सुंघाकर डिप्रेशन के लक्षणों में कमी लाई जाई सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है, यह तरीका डिप्रेशन से जूझने वाले ऐसे मरीजों के लिए भी असरदार है जिन पर एंटी-डिप्रेसेंट दवाओं का असर नहीं होता।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, मरीजों को 25 फीसदी लाफिंग यानी हंसाने वाली गैस सुंघाई गई। इस गैस के मामूली से साइडइफेक्ट दिखे लेकिन इलाज का असर उम्मीद से अधिक लम्बे समय तक देखा गया। लाफिंग गैस का इस्तेमाल उन मरीजों पर भी किया जा सकता है जिन्हें तत्काल इलाज की जरूरत है।

25 फीसदी गैस की मात्रा अधिक असरदार

शोधकर्ता और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट पीटर नागेले का कहना है, रिसर्च में शामिल 24 मरीजों को एक घंटे तक गैस सुंघाई गई। इस दौरान नाइट्रस गैस का स्तर 25 और 50 फीसदी दोनों रखा गया। रिजल्ट में सामने आया कि 50 फीसदी नाइट्रस ऑक्साइड के मुकाबले 25 फीसदी कन्सनट्रेशन वाली गैस अधिक असरदार साबित हुई। साथ ही साइडइफेक्ट में भी कमी आई। शोधकर्ताओं के मुताबिक, लाफिंग गैस का इस्तेमाल आमतौर पर एनेस्थीसिया देने के अलावा ओरल प्रॉब्लम और सर्जरी में दर्द से राहत देने में किया जाता है।

15% मरीज में एंटी-डिप्रेसेंट असरदार नहीं

शोधकर्ता चार्ल्स कॉनवे कहते हैं, डिप्रेशन के करीब 15 फीसदी लोगों में एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं काम नहीं करतीं। ये दवाएं क्यों काम नहीं करतीं, ये अब तक सामने नहीं आ पाया है। नतीजा, मरीज सालों तक डिप्रेशन से जूझते हैं और परेशान होते हैं। लेकिन इलाज का नया तरीका डिप्रेशन के ट्रीटमेंट का विकल्प साबित होगा।

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