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नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार घर में सिद्धू: PPCC के ‘सरदार’ 6 महीने बाद अमृतसर आए, CM के एडवाइजर बुलारिया बने ड्राइवर; पैर के टूटे नाखून का इलाज कराने गए अस्पताल

अमृतसरएक घंटा पहले

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अमृतसर की पहचान गोल्डन गेट पर कांग्रेस के झंडे को लहराते प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और समर्थक।

पंजाब प्रदेश कांग्रेस की कमान मिलने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू मंगलवार को पहली बार अमृतसर पहुंचे हैं। यहां पहले से ही सिद्धू के समर्थक उनकी अगवानी में खड़े थे। सिद्धू के यहां पहुंचते ही समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया और फिर रोड शो निकाला। इससे पहले वह जालंधर से नवांशहर के खटकड़ कलां में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह के समाधिस्थल पर माथा टेकने पहुंचे। हालांकि, वहां सिद्धू को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा।

खटकड़ कलां में गार्ड का पैर लगने के चलते सिद्धू के पैर के अंगूठे का नाखून टूट गया। अमृतसर में समर्थकों से मिलने के बाद सिद्धू इलाज के लिए अमनदीप अस्पताल पहुंचे। एक और भी खास बात यह रही कि कैप्टन के बेहद खास कहे जाने वाले दो चेहरे कैबिनेट रैंक प्राप्त डॉ. राजकुमार वेरका और सीएम के एडवाइजर इंद्रबीर सिंह बुलारिया सिद्धू के चंडीगढ़ स्थित निवास स्थान पर पहुंचे हुए थे। वे दोनों से खटकड़ कलां भी साथ ही गए।

अमनदीप अस्पतााल के बाहर जमा सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी।

अमनदीप अस्पतााल के बाहर जमा सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी।

नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) प्रधान बनाए जाने के बाद अमृतसर के होली सिटी स्थित उनकी कोठी और जिला कांग्रेस कमेटी कांग्रेस देहात कार्यालय में जश्न का माहौल था। पूरा दिन वर्करों का कारवां सिद्धू समर्थकों के साथ खुशी जाहिर करने के लिए आता रहा। खूब लड्डू बंटे और ढोल की थाप पर भंगड़ा किया।

दूसरी तरफ जिला कांग्रेस कमेटी शहरी के कार्यालय में सन्नाटा छाया रहा। कार्यालय के अंदर व बाहर सिद्धू का कोई होर्डिंग या बोर्ड शाम तक नहीं लगाए गए थे और कार्यालय के जुड़े तमाम नेता भी दिखाई नहीं दिए। दूसरी तरफ शहर की सिद्धू विरोधी लाबी अभी भी वेट एंड वाच की थ्योरी पर ही काम कर रही है और पूरे घटनाक्रम को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।

मंगलवार को सिद्धू चंडीगढ़ से नवांशहर के लिए निकले। जालंधर में उनका खासा स्वागत किया गया। वहां से खटकड़ कलां में शहीदों को नमन करने गए। खटकड़ कलां के बाद दोपहर करीब ढाई बजे वह अमृतसर पहुंचे। यहां सबसे पहले अमृतसर के प्रवेशद्वार गोल्डन गेट पर सिद्धू का जोरदार स्वागत हुआ और इसके बाद वह ढोल-नगाड़े के साथ होली सिटी स्थित अपने घर पहुंचे। अमृतसर पहुंचने पर बुलारिया ने खुद सिद्धू की कार को ड्राइव किया।

सिद्धू के साथ कैप्टन के बेहद खास कहे जाने वाले दो चेहरे कैबिनेट रैंक प्राप्त राज कुमार वेरका और सीएम के एडवाइजर इंद्रबीर सिंह बुलारिय।

सिद्धू के साथ कैप्टन के बेहद खास कहे जाने वाले दो चेहरे कैबिनेट रैंक प्राप्त राज कुमार वेरका और सीएम के एडवाइजर इंद्रबीर सिंह बुलारिय।

डॉ. राजकुमार वेरका और सीएम के एडवाइजर बुलारिया पहुंचे मिलने
प्रधान बनने से लेकर अभी तक सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच शक्ति-प्रदर्शन चल रहा है। इस दौरान कैप्टन के करीबी कहे जाने वाले कई चेहरे सिद्धू के साथ बैठकें करते दिखे, वहीं दूसरी तरफ कैप्टन का भी राज्य के विधायकों व बड़े नेताओं के साथ मिलना जारी है। इसी बीच मंगलवार की सुबह कैप्टन के बेहद खास कहे जाने वाले दो चेहरे कैबिनेट रैंक प्राप्त राज कुमार वेरका और सीएम के एडवाइजर बने इंद्रबीर सिंह बुलारिया दोनों ही इकट्‌ठे सिद्धू के चंडीगढ़ स्थित निवास स्थान पर पहुंचे।

वेरका और बुलारिया दोनों को ही कैप्टन के बेहद करीबी माने जाते हैं। वेरका को जहां कैप्टन ने कैबिनेट रैंक का दर्जा दिया था, वहीं बुलारिया को वह अपना सलाहकार बना चुके हैं। वेरका सोमवार को भी चंडीगढ़ में ही थे और उन्होंने कैप्टन से अल्पसंख्यकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रम का विमोचन करवाया था, लेकिन सोमवार को वह सिद्धू से मिलने नहीं पहुंचे।

मंत्री सोनी नहीं पहुंचे मिलने
अमृतसर जिले की ही बात करें तो बुलारिया व वेरका की मुलाकात के बाद मात्र ओपी साेनी ही बचे हैं, जिन्होंने अभी तक सिद्धू से मुलाकात नहीं की है। वह सोमवार को भी चंडीगढ़ में ही थे, लेकिन सिद्धू से मिलने व शुभकामनाएं देने अभी तक नहीं पहुंचे।

क्या कहा डॉ. वेरका ने?
विधायक राजकुमार वेरका का कहना है कि नवजोत सिद्धू को पीपीसीसी का प्रधान बनाने का स्वागत है। इससे वर्करों में जान आई है। अगले चुनाव में रिकार्ड जीत दर्ज करेंगे। अमृतसर के लिए यह गर्व की बात है कि पीपीसीसी चीफ अमृतसर से है।

10 जून 2019 को दिया था मंत्री पद से इस्तीफा
लोकल बॉडीज मंत्रालय छिनने के बाद सिद्धू ने 10 जून 2019 को राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेजेने की बात कही थी। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 6 जून 2019 को कैबिनेट में बदलाव करके सिद्धू का पोर्टफोलियो बदलकर उन्हें पावरकाॅम का जिम्मा सौंपा था, लेकिन सिद्धू ने जिम्मेदारी नहीं संभाली थी। इसके बाद 9 महीने चुप्पी साधे रहे थे। इस दौरान उन्होंने ‘जीतेगा पंजाब’ नाम से यू-ट्यूब चैनल शुरू किया था।

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पंजाब | दैनिक भास्कर

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