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निजी स्कूलों की मनमानी: स्कूल खुलते ही मांगने लगे पिछली व अगली एडवांस फीस, अभिभावक मंच ने विरोध कर सीएम व शिक्षामंत्री से शिकायत की

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  • As Soon As The School Opened, The Previous And Next Advance Fees Started Demanding, The Parent Forum Protested And Complained To The CM And The Education Minister

फरीदाबादएक दिन पहले

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निजी स्कूल खुलते ही प्रबंधन ने अभिभावकों से पिछली फीस के साथ-साथ जुलाई-अगस्त-सितंबर की एडवांस ट्यूशन फीस, ट्रांसपोर्ट, एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट आदि फंड में फीस मांग रहे हैं। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने इसका विरोध करते हुए इसकी शिकायत सीएम, शिक्षामंत्री, शिक्षा निदेशक व एफएफआरसी के चेयरमैन से की है।

निजी स्कूल विभिन्न फंडों में मांग रहे फीस

मंच के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि स्कूल संचालकों ने मनमानी फीस वसूलने के लिए ही हरियाणा सरकार पर दबाव डालकर स्कूल खुलवाए हैं। अभिभावक बिना बढ़ाई गई ट्यूशन फीस मासिक आधार पर दे रहे हैं और आगे भी देने को तैयार हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधक एक तो एनुअल चार्ज, ट्रांसपोर्ट फीस, डेवलपमेंट फंड, आईटी, एग्जाम आदि फंड में भी फीस मांग रहे हैं। स्कूल मासिक आधार की जगह एडवांस में तिमाही फीस मांग रहे हैं। जो पूरी तरह से गैर कानूनी है। अभिभावक इसका विरोध कर रहे हैं। मंच ने कहा कि स्कूल प्रबंधक उच्चतम न्यायालय की ओर से राजस्थान के मामले में दिए गए एक फैसले को आधार मानकर बढ़ाई गई ट्यूशन फीस व अन्य गैर कानूनी फंड में फीस मांग रहे हैं। जबकि यह स्पष्ट हो गया है कि उच्चतम न्यायालय का फैसला सिर्फ राजस्थान के लिए है न कि अन्य राज्यों के लिए। मंच ने इसकी लीगल जानकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा डॉ. महावीर सिंह, शिक्षा निदेशक जे गणेशन, एफएफआरसी के चेयरमैन कम मंडल कमिश्नर संजय जून के साथ-साथ स्कूल प्रबंधकों को दी है।

संचालक स्कूल खुलने का फायदा उठा रहे हैं

मंच के जिलाध्यक्ष ने कहा कि संचालक स्कूल खुलने के अवसर का फायदा मनमानी फीस वसूलने के लिए कर रहे हैं। उन्हें अभिभावकों की आर्थिक स्थिति व छात्रों के स्वास्थ्य व भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। मंच ने एफएफआरसी के चेयरमैन से कहा कि जिस तरह गुरुग्राम मंडल के मंडल कमिश्नर कम एफएफआरसी के चेयरमैन ने मनमानी कर रहे स्कूलों के पिछले 5 साल के खातों की जांच व आय व्यय का ऑडिट करने का आदेश दिया है। उसी प्रकार वह भी अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए फरीदाबाद के मनमानी कर रहे प्राइवेट स्कूलों के पिछले 5 साल के खातों की जांच व ऑडिट कराएं। जिससे पता चल सके कि स्कूल प्रबंधक घाटे में हैं या फायदे में और उनके पास कितना रिजर्व व सरप्लस फंड है। मंच ने अभिभावकों से कहा है कि वे मासिक आधार पर बिना बढ़ाई गई सिर्फ ट्यूशन फीस ही जमा कराएं। इसके अलावा अन्य किसी भी फंड व ट्रांसपोर्ट फंड में एक पैसा भी न दें।

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