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पंजाब की सियासत: फिर दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, हो सकता बड़ा उलटफेर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 22 Jun 2021 12:03 PM IST

सार

पंजाब कांग्रेस की कलह खत्म होने की जगह बढ़ती ही जा रही है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मंगलवार को पंजाब कांग्रेस का विवाद सुलझाने के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति से मुलाकात करेंगे। वहीं हाईकमान से बुलावा न मिलने के बाद नाराज नवजोत सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमले तेज कर दिए हैं। सिद्धू ने इस बार कैप्टन से उनके कामकाज का रिपोर्ट कार्ड मांगने के साथ ही उन्हें खुली चुनौती भी दे दी। सिद्धू ने कहा कि वह (कैप्टन) कौन होते हैं पार्टी में मेरे लिए दरवाजा बंद करने वाले? इस बार सिद्धू के तेवर इतने तल्ख दिखाई दे रहे हैं कि उन्होंने कैप्टन के अलावा पार्टी हाईकमान पर भी तंज कसने में गुरेज नहीं किया। ऐसे में कैप्टन-सिद्धू के बीच का विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा। 

संसद पहुंचा सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का काफिला।
– फोटो : ANI

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पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह को सुलझाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह मंगलवार को संसद पहुंचे। वे पार्टी की तीन सदस्यीय समिति से मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में मुलाकात करेंगे। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सोनिया गांधी के साथ होने वाली बैठक पर पंजाब कांग्रेस के नेताओं की नजरें टिकी हैं। बेअदबी से लेकर विधायकों के बेटों को नौकरी तक के फैसलों के कारण अपनी ही पार्टी में घिरे कैप्टन को आलाकमान का कितना साथ मिलेगा, इसी पर नवजोत सिद्धू का भविष्य भी टिका है। 

समिति ने पंजाब के छह मंत्रियों और छह विधायकों को भी दिल्ली बुलाया है। मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, रजिया सुल्ताना, सुख सरकारिया, चरनजीत सिंह चन्नी और भरत भूषण आशू के अलावा विधायक परगट सिंह, राजा वड़िंग, कुलजीत नागरा, किकी ढिल्लो, संगत सिंह गिलजियां और इंदरबीर सिंह बुलारिया को तीन सदस्यीय समिति ने दिल्ली बुलाया है। इन नेताओं में ज्यादातर वही चेहरे हैं, जो मुख्यमंत्री द्वारा दो विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी देने का विरोध किया था। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस में बड़ा उलटफेर हो सकता है।
 
अगर कैप्टन आलाकमान का पूरा समर्थन हासिल कर लौटे तो सिद्धू के लिए जल्दी ही पार्टी के दरवाजे बंद होने की आशंका बढ़ जाएगी। वैसे, अपने फैसलों के चलते पंजाब कांग्रेस में कैप्टन के विरोधियों की संख्या अब 20 से बढ़कर 30 हो गई है। भले ही रविवार को कुछ मंत्रियों के कैप्टन के समर्थन में बयान जारी कर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। लेकिन कुछ नेता कैप्टन के फैसलों से नाखुश हैं।
पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह को मिटाने के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उम्मीद जताई कि सब कुछ सही हो जाएगा। विधानसभा चुनाव सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि वे एक साथ चुनाव लड़ेंगे।

विस्तार

पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह को सुलझाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह मंगलवार को संसद पहुंचे। वे पार्टी की तीन सदस्यीय समिति से मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में मुलाकात करेंगे। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सोनिया गांधी के साथ होने वाली बैठक पर पंजाब कांग्रेस के नेताओं की नजरें टिकी हैं। बेअदबी से लेकर विधायकों के बेटों को नौकरी तक के फैसलों के कारण अपनी ही पार्टी में घिरे कैप्टन को आलाकमान का कितना साथ मिलेगा, इसी पर नवजोत सिद्धू का भविष्य भी टिका है। 

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छह मंत्री और विधायक भी दिल्ली तलब

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