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पुलित्जर अवॉर्ड्स: अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस के हाथों हत्या का वीडियो बनाने वाली अश्वेत लड़की डेरनेला फ्रेजियर को स्पेशल अवॉर्ड

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न्यूयॉर्क14 मिनट पहले

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डेरनेला फ्रेजियर को पुलित्जर ने स्पेशल कैटेगरी में अवॉर्ड दिया है। (फाइल)

इस साल के पुलित्जर अवॉर्ड्स का ऐलान कर दिया गया है। इस बार ज्यूरी ने एक स्पेशल अवॉर्ड भी देने की घोषणा की है और यह नाम अब मशहूर हो चुका है। अमेरिका के मिनेपोलिस में पिछले साल 25 मई को अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड को एक पुलिस अफसर ने दम घोंटकर मार डाला था। पुलिस अफसर की इस वहशियाना हरकत को 17 साल की अश्वेत लड़की डेरनेला फ्रेजियर ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया था। बाद में यह वायरल हुआ और अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया गया। अब फ्रेजियर को उनकी इस बहादुरी के लिए स्पेशल पुलित्जर अवॉर्ड देने का ऐलान किया गया है। पुलित्जर अवॉर्ड्स आमतौर पर जर्नलिज्म के लिए दिए जाते हैं।

फ्रेजियर ने साहस दिखाया
जॉर्ज फ्लायड पर मामूली धोखाधड़ी का आरोप था। 25 मई 2020 को पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची। वो घर पर नहीं मिले। लौटते वक्त एक कार के किनारे दिखे तो पुलिस ने उन्हें घेरकर गिरा दिया। डेरेक चौविन नाम के पुलिस ने जॉर्ज की गर्दन पर अपना घुटना रख दिया और उन्हें दबाने लगा। यह सिलसिला 8 मिनट चला। आखिरकार जॉर्ज की मौत हो गई। कुछ दूरी पर मौजूद फ्रेजियर ने पुलिस की इस हरकत का वीडियो बनाया। ये कुछ ही घंटे में वायरल हो गया।

चौविन का मामला जब अदालत पहुंचा तो यही वीडियो पब्लिक प्रॉसीक्यूटर ने सबूत के तौर पर पेश किया। फोरेंसिक जांच में साबित हो गया कि वीडियो असली और उसी दिन का है, जब जॉर्ज की हत्या हुई। इसके बाद अमेरिका में काफी हिंसा हुई। दुनियाभर में ब्लैक लाइव्स मैटर के बैनर तले आंदोलन चला।

नस्लभेद का जिक्र
पुलित्जर बोर्ड ने कहा- फ्रेजियर ने जॉर्ज की हत्या का वीडियो बनाकर साहस की मिसाल पेश की है। हम ये जान पाए हैं कि पुलिस किस हद तक वहशियाना तरीके अपनाती है। फ्रेजियर की इस कोशिश के चलते ही दुनिया का ध्यान इस मुद्दे पर गया। वैसे, इस बार अवॉर्ड्स पर महामारी का मुद्दा ही छाया रहा।

पहले यह पुरस्कार 19 अप्रैल को दिए जाने थे। बाद में इन्हें री-शेड्यूल करके 11 जून किया गया। ये पुरस्कार 1917 से दिए जा रहे हैं।

अहम पुरस्कार किसे मिले

  • पब्लिक सर्विस : द न्यूयॉर्क टाइम्स
  • ब्रेकिंग न्यूज रिर्पोटिंग : स्टार ट्रिब्यून
  • इन्वेस्टिगेटिव रिर्पोटिंग : बोस्टन ग्लोब के पांच पत्रकारों को
  • एक्सप्लेनरी रिर्पोटिंग : द अटलांटिक के एड यंग और रॉयटर्स के पांच जर्नलिस्टस को
  • लोकल रिर्पोटिंग : टाम्पा बे टाइम्स के दो पत्रकारों को

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