Breaking News

फाइलेरिया के खिलाफ लड़ाई: स्वास्थ्य मंत्री ने खुद दवा खाकर शुरू किया सामूहिक दवा सेवन अभियान, चार जिलों में 72 लाख से अधिक लोगों को दी जानी है दवा

  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • Fight Against Filariasis; Health Minister Started Mass Drug Intake Campaign By Consuming Medicine Himself, Medicine Is To Be Given To More Than 72 Lakh People In Four Districts

रायपुर2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद और रायगढ़ जिलों में कुल 72 लाख 59 हजार 263 लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य है।

छत्तीसगढ़ के चार जिलों में फाइलेरिया के खिलाफ लड़ाई शुरू हुई है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पहले खुद दवा खाकर सामूहिक दवा सेवन अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने जो दवाएं खाईं उसमें फाइलेरिया की डीईसी और कृमिनाशक एल्बेंडाजोल शामिल है। छह दिनों के अभियान में रायपुर, बलौदा बाजार-भाटापारा, गरियाबंद और रायगढ़ जिलों के 72 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाई जानी है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि फाइलेरिया से बचाव के लिए लोगों को दवा उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें इसके सेवन के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए। जिस समय लोग यह दवा प्राप्त करें, उसी समय उन्हें इसका सेवन करवाने की कोशिश करना चाहिए। इस तरह की जागरूकता से ही हम प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया से बचाव ही इसके उन्मूलन का सबसे कारगर उपाय है। इसके लिए सभी लोगों को दवा का सेवन जरूर करना चाहिए।

72 लाख 59 हजार 263 लोगों को दवा खिलाने लक्ष्य

अधिकारियों ने बताया, राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश के चार जिलों रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद और रायगढ़ के कुल 72 लाख 59 हजार 263 लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य है। इसके तहत रायपुर जिले में 28 लाख 43 हजार 325, बलौदाबाजार-भाटापारा में 16 लाख 65 हजार 100, गरियाबंद में छह लाख 96 हजार 916 और रायगढ़ में 17 लाख 53 हजार 921 लोगों को डीईसी दवा का सेवन कराया जाएगा। अभियान के तहत दो वर्ष से अधिक के सभी लोगों को यह दवा खिलाई जाएगी।

ऐसे चलेगा अभियान

अधिकारियों ने बताया, अभियान 19 जुलाई से 24 जुलाई तक चलना है। आज पहले दिन चारों जिलों की आंगनबाड़ियों में पंजीकृत बच्चों और स्थानीय लोगों को दवा का सेवन कराया गया। जो लोग आज दवा का सेवन नहीं कर पाएं हैं उन्हें मितानिनें एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अगले तीन दिनों में घर-घर पहुंचकर दवा खिलाएंगी। दवा खाने से रह गए लोगों को 23 और 24 जुलाई को मॉप-अप राउंड के तहत दवा सेवन कराया जाएगा। दवा सेवन सुनिश्चित करने तथा पर्यवेक्षकों द्वारा निगरानी के लिए सभी घरों की दीवार पर स्टीकर चस्पा किए जाएंगे।

मरीजों के ऑपरेशन की भी तैयारी

स्वास्थ्य विभाग ने सामूहिक दवा सेवन के साथ-साथ हाइड्रोसिल (Hydrocele) के सभी मरीजों का ऑपरेशन कर हाइड्रोसिल मुक्त जिला घोषित करने का भी लक्ष्य रखा है। इसके तहत राज्य में हाइड्रोसिल के कुल 5 हजार 657 मरीजों एवं लिम्फीडेमा (Lymphodema) के 5017 मरीजों को सूचीबद्ध किया गया है।

क्या है यह फाइलेरिया रोग

फाइलेरिया रोग, जिसे हाथी पांव या फीलपांव भी कहते हैं एक परजीवी की वजह से होता है। यह मच्छर के काटने से शरीर के भीतर प्रवेश करता है। फाइलेरिया रोग से पीड़ित व्यक्ति के कभी हाथ कभी पांव, कभी अंडकोष या स्तन आदि या कभी अन्य अंग भी सूज सकते हैं। इस रोग के होने से न केवल शारीरिक विकलांगता हो सकती है। बल्कि मरीजों की मानसिक और आर्थिक स्थिति भी बिगड़ सकती है।

खबरें और भी हैं…

छत्तीसगढ़ | दैनिक भास्कर

About R. News World

Check Also

नेताओं की शिकायत- अफसर हमारी नहीं सुनते: पीएल पुनिया से कांग्रेस जिलाध्यक्षों ने कहा- कार्यकर्ता नाराज हैं, उनका काम नहीं हो पा रहा; विधायकों पर भी समन्वय नहीं बनाने का आरोप

Hindi News Local Chhattisgarh Raipur Congress State Executive Meeting; The Collector SP Does Not Listen …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *