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बिजनौर में दो लोग गिरफ्तार: निलंबित दरोगा पर हुआ था हमला, महकमे से सहयता न मिलने पर दरोगा ने दिया इस्तीफा

बिजनौरएक घंटा पहले

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बिजनौर में निलंबित दरोगा ने पुलिस महकमे से सहायता न मिलने पर अपने पद से दिया इस्तीफा।

बिजनौर में एक पुलिस चौकी में अपनी कुछ काम करवाने आए आरएसएस कार्यकर्ता को साथ दरोगा ने अभद्रता की थी। जिसके बाद उसे एसपी ने निलंबित कर दिया था। शाम को दरोगा अपने घर से बाजार आए थे। तभी चार लोगों ने उन पर लाठी-डंडो से हमला कर दिया। जिससे वह घायल हो गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरएसएस के लोगों ने ही उस पर हमला किया। उसने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महकमे से कोई सहायता न मिलने के चलते उसने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। फजीहत से बचने के लिए उसने आरएसएस के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

चौकी में हुआ था विवाद

मामला हल्दौर थानां क्षेत्र के झालू चौकी का है। जहां पर दरोगा अरुण कुमार राणा तैनात थे। वहां 15 जुलाई को झालू निवासी और आरएसएस का पदाधिकारी उमंग काकरान आया। उसे चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापन कराना था। वहां किसी बात पर उमंग काकरान और अरुण कुमार के बीच कहासुनी हो गई। जिसके बाद आरोप है कि दरोगा ने उसे थप्पड़ मार दिया। आरएसएस के पदाधिकारी से बदसलूकी की सूचना मिलने पर पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के साथ आरएसएस के लोग एसपी से मिले। 16 जुलाई को एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया।

बाजार में दरोगा पर हुआ हमला

निलंबित दरोगा शाम को अपने कमरे से बाजार कुछ सामान लेने जा रहे थे। तभी चार हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। वह लोग उसे लाठी-डंडो से पीटने लग गए। फिर किसी तरह बाजार में मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें बचाया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित को पांव में चोट आई थी। उसे अस्पताल भेजा गया। जहां से उपचार देकर उसे घर भेज दिया गया। अरुण कुमार ने बदमाशों के खिलाफ हल्दौर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सोमवार की रात इस मामले में नया मोढ़ आया है। निलंबित दरोगा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होनें पुलिस पर उनकी सहायता न करने का आरोप लगाया है। उन्होनें कहा कि हमलावरों की पहचान होने पर भी रिपोर्ट में अज्ञात लिख गया। तीन दिन बाद भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। उल्टा उस पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। जिले के अफसरों ने दबाव में आकर उसके खिलाफ कार्रवाई की है। इसी से तंग आकर उसने इस्तीफा दिया है। वह एसपी के पास इस्तीफे का लेटर लेकर गया था। उसे दफ्तर में एसपी नहीं मिले। उनके स्टॉफ ने भी लेटर लेने से मना कर दिया। तो उसने लेटर एसपी को वाट्सएप और मेल कर दिया है। साथ ही डीआईजी, आईजी और एडीजी को भी इस्तीफा भेज दिया है।

पुलिस ने की गिरफ्तारी

इस्तीफे का लेटर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। उसने उमंग काकरान और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी डॉक्टर धर्मवीर सिंह ने बताया कि मामले में जांच चल रही थी। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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