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ममता बनर्जी ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- बंगाल के पीछे क्यों पड़ी है मोदी सरकार

प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
– फोटो : ANI

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केंद्र पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने सवाल किया कि आखिर मोदी सरकार बंगाल के पीछे क्यों पड़ी है? यहां मुख्य सचिव बंगाली हैं क्या केंद्र इससे परेशान है? ममता ने कहा, वह बंगाली और गैर बंगाली की राजनीति में नहीं पड़ना चाहते। बस जनता के लिए काम करना चाहते हैं जो केंद्र सरकार करने नहीं दे रही। 

ममता बनर्जी ने कहा, मैं दीघा में तूफान पीड़ित इलाके का दौरा कर रही थी। मुझे पत्र मिला कि मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाया जा रहा है। केंद्र बदले की यह राजनीति क्यों कर रहा? मुझे और बंगाल को क्यों बदनाम किया जा रहा? हमारी मदद करने  के बजाय मुख्य सचिव को वापस बुलाया जा रहा है।

ममता ने कहा, दिल्ली में भी बंगाल के कई अधिकारी हैं, क्या हमें उन्हें वापस बुला लेना चाहिए? राज्य सरकार की मांग पर अलापन बंदोपाध्याय  के सेवा विस्तार के फैसले का हवाला देते हुए ममता ने कहा, मुख्य सचिव राज्य का हिस्सा है। भले ही वे केंद्र सरकार से आते हैं लेकिन सरकारिया आयोग के बाद मुख्य सचिव राज्य सरकार का अधिकारी होता है और पूरी तरह राज्य के लिए काम करता है। ऐसे में बंदोपाध्याय पर फैसले से पहले राज्य से चर्चा क्यों नहीं की जाए। 

केंद्र के केवियट पर उठाया सवाल 
ममता ने कहा, बंदोपाध्याय की प्रतिनियुक्ति पर उन्होंने केंद्र से बात करने के बारे में सोचा था। लेकिन उन्हें बताया गया कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) और कलकत्ता हाईकोर्ट में बंदोपाध्याय के ट्रांसफर पर केवियट दिया है। अब हमारी सरकार इसको लेकर कानूनी रास्ते तलाशेगी। 

यास त्रासदी की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंतजार कराने के आरोपों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, जब हम जब पहुंचे तो एसपीजी ने हमें बाहर रोक दिया। मैंने सभागार में खाली कुर्सियां भी देखीं। ममता ने साथ ही पूछा कि बैठक पीएम और सीएम के बीच होनी थी तो उसमें विपक्ष के नेता (शुभेंदु) को क्यों शामिल किया गया? इससे पहले गुजरात और ओडिशा में भी तूफान को लेकर हुई समीक्षा बैठक में तो विपक्ष के नेता को नहीं शामिल किया गया था।

ममता की 20 हजार करोड़ की मांग अवास्तविक: दिलीप घोष
पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने शनिवार को ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उनके द्वारा केंद्र से तूफान राहत कार्य के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की मांग को अवास्तविक बताया। उन्होंने कहा, ममता समीक्षा बैठक में भी इस लिए नहीं पहुंची क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं उनसे नुकसान के दावे की विस्तृत जानकारी न मांग ली जाए। शुभेंदु के कारण बैठक में नहीं आने के ममता के तर्क पर घोष ने कहा, शुभेंदु तो विधानसभा के सत्र में भी हिस्सा लेंगे। तो क्या ममता सत्र में जाना छोड़ देंगी। 

ममता पर पलटवार करते हुए नंदीग्राम से भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ममता शायद यह स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि उन्हें हराकर मैं नेता विपक्ष बना हूं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद सीएम बनी ममता को जनता द्वारा निर्वाचित विधायक का अपमान करने का हक नहीं है।

ममता ने पीएम मोदी का भी अपमान किया है और यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कोरोना और राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक में नहीं पहुंचकर भी वह ऐसा कर चुकी हैं। ममता को स्वीकार करना होगा कि अगर उनकी पार्टी को 2.87 करोड़ लोगों ने वोट किया है तो भाजपा को भी 2.27 करोड़ जनता ने अपना समर्थन दिया है। 

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केंद्र पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने सवाल किया कि आखिर मोदी सरकार बंगाल के पीछे क्यों पड़ी है? यहां मुख्य सचिव बंगाली हैं क्या केंद्र इससे परेशान है? ममता ने कहा, वह बंगाली और गैर बंगाली की राजनीति में नहीं पड़ना चाहते। बस जनता के लिए काम करना चाहते हैं जो केंद्र सरकार करने नहीं दे रही। 

ममता बनर्जी ने कहा, मैं दीघा में तूफान पीड़ित इलाके का दौरा कर रही थी। मुझे पत्र मिला कि मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाया जा रहा है। केंद्र बदले की यह राजनीति क्यों कर रहा? मुझे और बंगाल को क्यों बदनाम किया जा रहा? हमारी मदद करने  के बजाय मुख्य सचिव को वापस बुलाया जा रहा है।

ममता ने कहा, दिल्ली में भी बंगाल के कई अधिकारी हैं, क्या हमें उन्हें वापस बुला लेना चाहिए? राज्य सरकार की मांग पर अलापन बंदोपाध्याय  के सेवा विस्तार के फैसले का हवाला देते हुए ममता ने कहा, मुख्य सचिव राज्य का हिस्सा है। भले ही वे केंद्र सरकार से आते हैं लेकिन सरकारिया आयोग के बाद मुख्य सचिव राज्य सरकार का अधिकारी होता है और पूरी तरह राज्य के लिए काम करता है। ऐसे में बंदोपाध्याय पर फैसले से पहले राज्य से चर्चा क्यों नहीं की जाए। 

केंद्र के केवियट पर उठाया सवाल 

ममता ने कहा, बंदोपाध्याय की प्रतिनियुक्ति पर उन्होंने केंद्र से बात करने के बारे में सोचा था। लेकिन उन्हें बताया गया कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) और कलकत्ता हाईकोर्ट में बंदोपाध्याय के ट्रांसफर पर केवियट दिया है। अब हमारी सरकार इसको लेकर कानूनी रास्ते तलाशेगी। 

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एसपीजी ने मुझे एक घंटे रुकने को कहा: ममता 

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