Breaking News

महतारी एक्सप्रेस सेवा के टेंडर को चुनौती: ​​​​​​​सड़कों पर कंडम गाड़ियां, ब्लैक लिस्टेड कंपनी को दिया गया ठेका; हाईकोर्ट ने कहा- 15 दिन में मामले का निराकरण करें

  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Petition Against Tender Of Mahtari Express Ambulance Service; Chhattisgarh High Court On Bhupesh Baghel Government

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

​​​​​​​बिलासपुर3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

याचिका में कहा गया, अफसरों से शिकायत की थी जिस कंपनी को ठेका देने जा रहा है वह NTPC में प्रतिबंधित है और उसे ब्लैक लिस्टेड किया गया है। फिर भी कार्रवाई नहीं हुई।

कोरोना संक्रमण के दौरान जद्दोजहद को लेकर कई जनहित याचिकाएं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दायर हैं। लोगों ने उपचार के बाद सबसे ज्यादा दिक्कत एंबुलेंस सेवा की झेली है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में गर्भवती महिलाओं के लिए चल रही महतारी एक्सप्रेस सेवा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके टेंडर के खिलाफ याचिका दायर की गई है। कहा गया है कि ब्लैक लिस्टेड कंपनी को ठेका दिया गया। अब हाईकोर्ट ने 15 दिन में मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, यह याचिका जय अंबे रोड लाइंस की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई है। इसमें बताया गया है कि राज्य शासन ने स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाने और दूर-दराज के गांवों की गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए महतारी एक्सप्रेस योजना शुरू की है। योजना में लंबे समय से कंडम गाड़ियों से काम चल रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि योजना के तहत हर साल सुविधा मुहैया कराने के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनियों को टेंडर दिया जाता है।

जिस कंपनी को ठेका दिया वह NTPC में प्रतिबंधित
याचिका में कहा गया है कि मार्च 2021 के पहले राज्य शासन ने टेंडर आमंत्रित किए थे। इसमें आरके ट्रांसपोर्ट और जय अंबे रोड लाइंस कंपनी ने आवेदन दिया। टेंडर खोला गया तो आरके ट्रांसपोर्ट कंपनी को एल वन बताया गया। इस पर जय अंबे रोड लाइंस ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से शिकायत की। बताया कि जिस कंपनी को स्वास्थ्य विभाग ठेका देने जा रहा है वह NTPC में प्रतिबंधित है और उसे ब्लैक लिस्टेड किया गया है।

अफसरों ने शिकायत नहीं सुनी, अब योग्य कंपनी को ठेका देने की मांग
इसके बाद भी अफसरों ने शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। ऐसे में जय अंबे रोड लाइंस कंपनी ने एल वन को हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका में ब्लैक लिस्टेड कंपनी को प्रतिबंधित कर योग्य और अनुभवी कंपनी को ठेका देने की मांग की है। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 15 दिन के भीतर इस प्रकरण का निराकरण करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस पी. सैम कोशी और जस्टिस पीपी साहू की विशेष युगल पीठ में हुई।

खबरें और भी हैं…

छत्तीसगढ़ | दैनिक भास्कर

About R. News World

Check Also

मुश्किल में एक्ट्रेस सोनिका हांडा: सीरियल ‘मीत’ में जाति सूचक शब्द के इस्तेमाल पर भड़का आदिवासी समाज; राज्यपाल के नाम ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

गरियाबंद39 मिनट पहले कॉपी लिंक सीरियल में जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल पर आदिवासी समाज …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *