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मुंगेली में नाली निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला: कागजों में बना दिया नाली, फिर 13 लाख रुपए भी ले लिए; नगर पालिका अध्यक्ष समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाने निर्देश

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मुंगेली42 मिनट पहले

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कलेक्टर ने इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष, तत्कालीन सीएमओ समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाने निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में कागजों में नाली निर्माण के नाम पर 13 लाख रुपए के भ्रष्टाचार मामले में कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष, तत्कालीन सीएमओ समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ सीएमओ को FIR दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कलेक्टर ने दोषी कर्मचारियों पर विभागीय एक्शन लेने नगरीय प्रशासन विभाग को भी लेटर लिखा है।

कलेक्टर ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय एक्शन लेने नगरीय प्रशासन विभाग को भी लेटर लिखा है।

कलेक्टर ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय एक्शन लेने नगरीय प्रशासन विभाग को भी लेटर लिखा है।

ये है पूरा मामला

दरअसल, मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के परमहंस वार्ड में नाली निर्माण किया जाना था। इसके लिए सौफिया कंस्ट्रक्शन को काम दिया गया था। बाद में इस मामले में यह बात सामने निकलकर आई कि ठेकेदार ने तो सिर्फ कागजों में ही नाली निर्माण किया है। इतना ही नहीं यह भी पता चला कि नाली निर्माण में नगर पालिका से 13 लाख रुपए भी ले लिए गए। इसमें जो चौंकाने वाली बात सामने आई कि ठेकेदार को नगर पालिका कार्यालय से जो चेक जारी किया गया था, उसमें तत्कालीन प्रभारी CMO विकास पाटले और नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर के हस्ताक्षर थे। इसके बाद इस मामले में इनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे थे।

परमहंस वार्ड में आज भी नाली नहीं बन सकी है।

परमहंस वार्ड में आज भी नाली नहीं बन सकी है।

कांग्रेस नेताओं ने की शिकायत

मामले में इन सभी पर कार्रवाई की आंच तब पहुंची। जब इस भ्रष्टाचार की शिकायत कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर अजीत वसन्त से कर दी। जिस पर कलेक्टर ने मुंगेली SDM के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित कर इस मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने निर्देश दिए थे।

कलेक्टर ने जारी किया था नोटिस

इसके बाद एसडीएम ने मामले की जांच कर इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी। फिर कलेक्टर ने नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर, तत्कालीन CMO विकास पाटले, तत्कालीन सब इंजीनियर जोएस तिग्गा, तत्कालीन सहायक राजस्व निरीक्षक सियाराम साहू, लेखपाल आनंद निषाद और सौफिया कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार वसीम खान को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। लेकिन सभी 6 लोग इस मामले में उचित जवाब नहीं दे सके हैं। जिसके चलते इनके खिलाफ मामला दर्ज करने निर्देश दिए गए हैं।

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छत्तीसगढ़ | दैनिक भास्कर

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