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मेरठ के सपूत का सिक्किम में निधन: सिक्किम की 15 हजार फीट की चोटी पर तैनात थे कैप्टन श्रेयांश, अचानक सीने में दर्द हुआ और निधन हो गया

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मेरठ2 घंटे पहले

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फाइल फोटो- कैप्टन श्रेयांश

  • 108 इंजीनियर रेजीमेंट की बॉम्बे सैपियर्स में कैप्टन श्रेयांश को 8 जून 2019 को पहली तैनाती मिली थी।

मेरठ के मतौर निवासी कैप्टन श्रेयांश कश्यप का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। कैप्टन श्रेयांश उत्तरी सिक्किम की 15 हजार फीट की चोटी पर तैनात थे। 108 इंजीनियर रेजीमेंट की बॉम्बे सैपियर्स में उन्हें 8 जून 2019 को पहली तैनाती मिली थी। शुक्रवार को हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। वह 108 इंजीनियर रेजिमेंट के साथ सिक्किम के विभिन्न क्षेत्रों में 15 हजार तक की ऊचाइयों पर आउटपोस्ट को दुरस्त करने के कार्य में जुटे थे।

27 मई को सीने दर्द उठा था
27 मई को ड्यूटी के दौरान कैप्टन श्रेयांश को सीने में दर्द उठा। प्राथमिक इलाज में हालत नहीं सुधरने पर उन्हें छंगथांग के 327 फील्ड अस्पताल ले जाया गया और दोपहर पौने तीन बजे डायलसिस पर रखा गया। 28 मई को रात दस बजे कैप्टन श्रेयांश ने अंतिम सांस ले ली। ऊंचाई पर चल रहे एक ऑपरेशन के दौरान कैप्टन श्रेयांश की तबीयत बिगड़ गई थी।

अधिक ऊंचाई के कारण बिगड़ी हालत
सेना के अफसरों के अनुसार कैप्टन श्रेयांश को अधिक ऊंचाई पर निगरानी के वक्त ही सीने में दर्द की शिकायत होने लगी। इसके तुरंत बाद ही उन्हें उल्टियां शुरू होने लगी। प्राथमिक इलाज में लाभ नहीं मिला और उनका निधन हो गया। कैप्टन श्रेयांश पैतृक घर मेरठ में है।

एक दिन में पड़ा 8 बार दिल का दौरा
कैप्टन श्रेयांश के पिता शिव गोविंद मेरठ में ही पावर ग्रिड में तैनात हैं। बताया गया कि भारतीय सेना की 27 माउंटेन डिवीजन के साथ उत्तरी सिक्किम के योंग्दी में तैनात मेरठ के कैप्टन श्रेयांश कश्यप को एक दिन में 8 बार दिल का दौरा पड़ा।

पिता की गोद में ली अंतिम सांस

पिता को 27 मई की शाम को बेटे की हालत नाजुक होने की सूचना मिली। लेकिन खराब मौसम के कारण वो दूसरे दिन शाम तक वहां पहुंच सके। श्रेयांश को 24 घंटे में सात बार दिल का दौरा पड़ा चुका था और आठवीं पर पिता के सामने दौरा पड़ा जिसमें कैप्टन श्रेयांश की धड़कन बंद हो गई।

रविवार को होगा अंतिम संस्कार
कैप्टन श्रेयांश का पार्थिव शरीर देर रात मेरठ उनके पैतृक घर पहुंचा। जिसके बाद पूरा माहौल गमगीन हो गया। श्रेयांश अभी अविवाहित थे। उनके अलावा परिवार में पिता शिव गोविंद सिंह, माता सीमा सिंह, बहन सृष्टि और भाई शिवांश हैं। रविवार उनका अंतिम संस्कार हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में किया जाएगा।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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