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राधा स्वामी सतसंग की जमीन पर प्लाटिंग: लैंड यूज चेंज कराए बिना खेती की जमीन पर कर दी प्लाटिंग, 16 प्लाट बिकने पर जागा प्राधिकरण; अब नोटिस देने की कर रहा तैयारी

सहारनपुर4 घंटे पहले

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कृषि की जमीन पर धड़ल्ले से प्लाटिंग।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कृषि की जमीन पर धड़ल्ले प्लाटिंग की जा रही है। मामला राधा स्वामी सतसंग भवन की जमीन से जुड़ा है। जहां उत्तराखंड और सहारनपुर के बड़े नेताओं समेत व्यापारियों ने बिना लैंड यूज बदले कच्चे नक्शे पर 16 प्लाट बेच दिए।

दरअसल, जमीन की कीमत करीब 70 करोड़ रुपए है। लैंड यूज बदलने में प्लाटिंग करने वालों को करोड़ों रुपए अदा करने पड़ते। प्लाटिंग में ज्यादा मुनाफा कमाने की लाचल में प्राधिकरण का करीब 7 करोड़ रुपए भी दबा दिया। 16 प्लाट बिक जाने के बाद प्राधिकरण नींद से जागा। अब प्राधिकरण नोटिस देने की तैयारी कर रहा है।

करोड़ों के राजस्व का नुकसान
नगर निगम क्षेत्र में सरकार के राजस्व की इतनी बड़ी चोरी हो गई और प्राधिकरण को पता ही नहीं लगा। हैरानी की बात ये है कि, एक भी रुपए प्राधिकरण में जमा नहीं कराया गया है। बिना प्राधिकरण की मंजूरी के ही जमीन पर प्लाटिंग शुरू कर दी गई। यहां तक की नक्शे के बिना ही 16 प्लाटों भी बेच दिए। कृषि भूमि जमीन को लैंड में तब्दील तक नहीं कराया गया। इस मामले में प्राधिकरण के बड़े एक भी अधिकारी को नहीं पता है, लेकिन एक जेई पूरा खेल कर रहे हैं।

ये हैं प्राधिकरण का नियम
कृषि भूमि को लैंड में कराने के लिए 25 फीसद कीमत का प्राधिकरण में जमा कराना होता है।
760 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से प्रभाव शुल्क जमा कराना होता है।
490 रुपए वर्ग मीटर कूड़ा शुल्क, निरीक्षण शुल्क, सुदृढ़ीकरण शुल्क जमा कराना होता है।

गरीबों के लिए बने 10 फीसद मकान
कृषि भूमि का लैंड यूज बदलने के बाद 10 फीसद मकान ऐसे लोगों के लिए बनाने होते हैं। जो गरीबी रेखा से नीचे होते हैं, लेकिन दिल्ली रोड पर खरीदी गई जमीन के मामले में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। यहां पर अवैध प्लाटिंग करके बिल्डिंग खड़ी करने की साजिश रची जा रही है।

कुल जमीन का 55 फीसद हिस्से पर ही प्लाटिंग
कुल जमीन के 55 फीसद हिस्से पर ही प्लाटिंग कर सकते हैं। बाकी 30 फीसद एरिया में सड़क बनवानी होगी। इसके अलावा 15 फीसद में पार्क बनवाने होंगे, लेकिन दिल्ली रोड पर सड़क नहीं बनाई जा रही है। यहां पर सतसंग भवन की पहले से सड़क है, इन सड़कों का भी कोई शुल्क जमा नहीं किया गया है।

प्राधिकरण में फाइल तक जमा नहीं
विकास प्राधिकरण के एक्सईएन अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि, विकास प्राधिकरण में इस जमीन का लैंड यूज चैंज कराने के लिए फाइल तक जमा नहीं की गई है। इसलिए जमीन खरीदने वाले चार मालिकों को नोटिस जारी कर दिया गया है।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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