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राहत की रिकवरी: नए केसों से तीन गुणा अधिक लोग ठीक, मृत्युदर में भी कमी

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बठिंडा18 घंटे पहले

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  • जिले में काेराेना से 7 मौतें और 257 नए केस मिले वहीं 775 लाेगों ने दी संक्रमण को मात, एक्टिव केस लगातार कम होने से बेड हो रहे खाली

जिले में शुक्रवार को पिछले एक माह में सबसे कम 257 नए कोरोना संक्रमित आए, तो उधर 775 को डिस्चार्ज किया गया। कोरोना में जहां एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। वहीं गंभीर मरीजों की मौत का आंकड़ा भी कम हो रहा है। कोरोना संक्रमण से शुक्रवार को 7 मरीजों की इलाज दौरान मौत हुई है। जिले में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 858 पर पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए लगातार सैंपलिंग व वैक्सीन की जा रही है। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 3746 है, जिसमें 3409 कोरोना संक्रमित इलाज के लिए होम आइसोलेशन में है।

कोरोना संक्रमित मृतकों का अंतिम संस्कार सहारा जनसेवा की ओर से 6 और 1 शव का अंतिम संस्कार नौजवान वेलफेयर सोसायटी की ओर से दाना मंडी व अन्य नजदीकी श्मशान भूमि में किया गया। 81 वर्षीय वृद्ध महिला निहाल कौर वासी लेलेवाला, 47 वर्षीय कुलदीप कौर वासी रामनिवास, 55 वर्षीय निहाल सिंह वासी मलूका, 70 वर्षीय मंगल सिंह वासी भाईरूपा, 80 वर्षीय ईश्वर सिंह वासी बाबा फरीद नगर, 70 वर्षीय साधु सिंह वासी झुंबा और 78 वर्षीय दर्शन सिंह वासी जंडावला सलाबतपुरा की मौत हो गई। जिले में अब तक 858 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। मृतकों में अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित है। अबतक 320875 लोगों की सैंपलिंग की गई, जिसमें 38250 संक्रमित मिल चुके हैं।

दूसरी लहर में अब तक 608 लोगों की जान जा चुकी

कोरोना की दूसरी लहर में कई मरीजों में रिकवरी के कुछ दिन बाद पोस्ट कोविड की समस्या आ रही है। पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में मौत पहले से कई गुना अधिक बढ़ गई है। मरने वालों में ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्हें पहले से कई बीमारियां थी, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें कोई बीमारी नहीं थी और निमोनिया होने के बाद सांस लेने में दिक्कत के चलते उनकी मौत हो गई। पिछले साल कोरोना से मौत का आंकड़ा काफी कम था। एक साल में कोरोना से 250 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इस बार दूसरी लहर में अब तक 608 लोगों की जान जा चुकी है।

यही नहीं मई में सबसे अधिक लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में हुई 858 मौतों में से 150 लोग ऐसे थे, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत थी। इसके अलावा कई को हार्ट प्राब्लम, शुगर, फेफड़ों में दिक्कत और टीबी की शिकायत थी। इसके अलावा करीब 100 मरीज ऐसे हैं, जिनको केवल कोविड ही थी और अन्य कोई बीमारी नहीं थी।

वहीं, सिविल अस्पताल में करीब 80 मरीज ऐसे थे, जिनको सांस लेने में दिक्कत थी और निमोनिया की शिकायत थी। इनमें से करीब 40 मरीजों की मौत हो गई। शुक्रवार को पीडब्ल्यू डिपार्टमें से 1, गोपाल नगर से 1, गांव जोगानंद से 1, हंसनगर से 1, बंबीहा से 1, किकर दास मोहल्ला से 1, रविदास नगर से 1, जेठुके से 1, सिविल अस्पताल परिसर स्थित जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल से 2 नर्सिंग स्टूडेंट, मानसा रोड़ से 1, पुहली से 2, आइसोलेशन वार्ड नंबर 2 से 1, ढिल्लो बस्ती से 1, रेलवे कालोनी के नजदीक से 1, पीरखाना रोड़ से 1, फूस मंडी से 1, गुरुगोविंद सिंह नगर से 1, गुरुकी नगर से 1, नरुआना रोड से 1, अमरपुरा बस्ती से 2, गणेश नगर से 1, भुच्चो कलां से 1 केस मिला।

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